मध्य प्रदेश में ₹10 लाख करोड़ से अधिक निवेश ज़मीन पर: CM मोहन यादव का दावा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 22 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार की 'औद्योगिक मित्र नीति' के चलते अब देशी निवेशकों के साथ-साथ विदेशी निवेशक भी मध्य प्रदेश में पूँजी लगाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि बीते ढाई वर्षों में राज्य में ₹10 लाख करोड़ से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री यादव ने दिल्ली के कार्यक्रम में कहा कि राज्य ने निवेश के लिए सरल, पारदर्शी और सुगम व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की हैं। उन्होंने बताया कि व्यापार एवं व्यवसाय में बाधा बनने वाले कानूनों को समाप्त किया गया और समय की ज़रूरत के अनुसार नई नीतियाँ तैयार की गईं। बिजली आपूर्ति से लेकर पर्याप्त लैंड बैंक तक आवश्यक बुनियादी ढाँचे पर विशेष ध्यान दिया गया।
निवेश आकर्षण की रणनीति
यादव के अनुसार, बीते ढाई वर्षों में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) और रीजनल कॉन्क्लेव के ज़रिए बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी प्रकृति के अनुसार उद्योग स्थापित करने की योजना बनाई गई है। मध्य प्रदेश क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है, जो इसे रणनीतिक औद्योगिक केंद्र बनाने में सहायक है।
किन क्षेत्रों में हो रहा है विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कपड़ा उद्योग, स्टील, टेलीकॉम, रक्षा उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण, कोयला और एनर्जी पार्क जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश लंबे समय से कृषि-आधारित राज्य के रूप में जाना जाता रहा है, लेकिन अब इसकी प्राकृतिक संभावनाओं का औद्योगिक उपयोग भी किया जा रहा है।
केंद्र सरकार से तालमेल
यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय राज्यों के लिए 'स्वर्णिम अवसर' है, जहाँ प्रत्येक राज्य अपने संसाधनों के आधार पर प्रगति कर सकता है। उन्होंने इसे केंद्र-राज्य सहयोग का सकारात्मक उदाहरण बताया।
आगे की राह
सरकार के दावों के अनुसार, निवेशकों का भरोसा राज्य पर बढ़ा है और आने वाले समय में और अधिक औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित होने की उम्मीद है। हालाँकि, इन निवेश आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन और रोज़गार सृजन पर इनका वास्तविक प्रभाव अभी आकलन के दायरे में है।