मध्य प्रदेश के हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल परीक्षा परिणाम: नारी सशक्तिकरण की नई कहानी
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश के हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल परीक्षा के परिणामों ने नारी सशक्तिकरण को दर्शाया है।
- छात्राओं ने इस बार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे समर्पित किया है।
- जनजातीय जिलों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
- स्कूल शिक्षा मंत्री ने पारदर्शिता की बात की है।
भोपाल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इन परीक्षाओं में बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इन परिणामों को नारी सशक्तिकरण को समर्पित बताया है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के 10वीं और 12वीं के परिणाम मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा जारी किए गए। इस बार भी छात्राओं ने उत्कृष्टता हासिल की है।
12वीं का परिणाम पिछले 16 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ रहा। हाई स्कूल परीक्षा में पन्ना के गुनौर के सरस्वती ज्ञान मंदिर की छात्रा प्रतिभा सिंह सोलंकी ने टॉप किया है, उन्हें 500 अंकों में से 499 अंक प्राप्त हुए। इसी प्रकार, हायर सेकेंडरी में वाणिज्य समूह की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने मेरिट में जगह बनाई है, उन्होंने 500 में से 494 अंक प्राप्त किए।
इस बार के परिणाम में जनजातीय जिलों ने असाधारण प्रदर्शन किया है। इस मौके पर मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि माता-पिता और बच्चे कड़ी मेहनत करते हैं परीक्षा की तैयारी में। इस बार के परीक्षा परिणाम के तुरंत बाद एक और परीक्षा मई में होने वाली है। हमारे समय में केवल एक ही परीक्षा होती थी, अगर कोई असफल होता था तो उसका पूरा साल खराब हो जाता था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा नीति-2020 लागू की, जिसका परिणाम यह है कि हम बच्चों का साल बचा लेते हैं। यह परीक्षा परिणाम स्वर्णिम मध्य प्रदेश की नई गाथा प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस परीक्षा में जनजातीय जिलों ने असाधारण प्रदर्शन किया है। इन जिलों के बच्चों और परीक्षा के आयोजकों ने कठिनाइयों के बावजूद अपनी क्षमता और योग्यता का प्रदर्शन किया है। उनकी प्रतिभा ने आसमान को छू लिया है।
उन्होंने कहा कि यह परीक्षा परिणाम नारी सशक्तिकरण को समर्पित है। बेटियों ने एक बार फिर छात्रों को पीछे छोड़कर दबदबा कायम रखा है। यह परिणाम बताता है कि 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के संकल्प का क्या फल मिलता है। हमने शासकीय विद्यालयों में जो गुणवत्ता सुनिश्चित की है, वह प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ने में मदद कर रही है।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहां किसी कारणवश असफल होने पर छात्रों को दोबारा परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाता है। आगामी 5 मई के बाद यह परीक्षा शुरू होगी। स्कूल शिक्षा विभाग के टीम ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा का आयोजन किया और परिणाम तैयार किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश के ग्रामीण अंचल वाले जिलों में स्कूल शिक्षा के अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं।