मुख्यमंत्री मोहन यादव का मंडला दौरा: स्कूली बच्चों से अचानक मुलाकात, कान्हा नेशनल पार्क का भ्रमण
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को मंडला जिले के दौरे के दौरान एक निजी स्कूल में अचानक रुककर छात्रों से स्नेहपूर्ण संवाद किया और इसके बाद कान्हा नेशनल पार्क का भ्रमण कर वन्यजीव संरक्षण की सराहना की। मुख्यमंत्री का यह दौरा बिना पूर्व सूचना के हुआ, जिसने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुखद आश्चर्य में डाल दिया।
विद्यालय में अप्रत्याशित रुकाव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव जब टटारी हेलीपेड की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने मार्ग में स्थित एक निजी पब्लिक स्कूल के सामने अपना काफिला रुकवाया। उस समय विद्यालय में नियमित प्रातःकालीन असेम्बली चल रही थी और छात्र प्रार्थना सभा में सम्मिलित थे।
मुख्यमंत्री को बच्चों को ईश्वर से सबके कल्याण की प्रार्थना करते देख आत्मीय लगाव हुआ और वे सीधे उनके बीच पहुँच गए। उन्होंने बच्चों से उनके नाम, कक्षा और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली तथा खूब मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
बच्चों और शिक्षकों में उत्साह
मुख्यमंत्री की इस अप्रत्याशित उपस्थिति से विद्यार्थियों और शिक्षकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का वातावरण बन गया। मुख्यमंत्री का बच्चों के साथ संवाद सहज और अपनत्व से भरा रहा — उन्होंने छात्रों को दुलारते हुए शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।
कान्हा नेशनल पार्क में वन्यजीव भ्रमण
स्कूल यात्रा के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कान्हा नेशनल पार्क का दौरा किया। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि कान्हा अपनी समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के लिए विशेष पहचान रखता है और यह प्रसन्नता की बात है कि यहाँ बाघ, तेंदुआ और बारहसिंगा सहित अनेक वन्यजीव प्राकृतिक वातावरण में फल-फूल रहे हैं।
उन्होंने बारहसिंगा के संरक्षण और पुनर्वास में कान्हा की भूमिका की विशेष रूप से सराहना की। उनके अनुसार, कभी विलुप्ति की कगार पर पहुँची यह प्रजाति आज कान्हा में पुनर्जीवित होकर पनप रही है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा, 'हमारी समृद्ध वन्यजीव विरासत और प्रकृति के संरक्षण के प्रयासों को करीब से देखकर आज मुझे अत्यंत आनंद की अनुभूति हुई।' उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे कान्हा नेशनल पार्क की यात्रा अवश्य करें और प्रकृति को करीब से जानने का अवसर प्राप्त करें।
यह दौरा मध्य प्रदेश सरकार के पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है। आने वाले समय में कान्हा नेशनल पार्क में पर्यटन और संरक्षण से जुड़ी नई पहलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।