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महाराष्ट्र में बाल विवाह दर 5 वर्षों में 10% से नीचे लाने का लक्ष्य: मंत्री अदिति तटकरे

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महाराष्ट्र में बाल विवाह दर 5 वर्षों में 10% से नीचे लाने का लक्ष्य: मंत्री अदिति तटकरे

सारांश

महाराष्ट्र सरकार ने अगले पाँच वर्षों में बाल विवाह दर को 10% से नीचे लाने का लक्ष्य तय किया है। 2018-19 में जहाँ 187 बाल विवाह रोके गए थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या 1,495 तक पहुँची — छह वर्षों में आठ गुना वृद्धि। अब असली परीक्षा प्रवासी परिवारों और दूरदराज के गाँवों तक इस तंत्र की पहुँच की है।

मुख्य बातें

महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने 24 जून 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि अगले 5 वर्षों में बाल विवाह दर 10% से नीचे लाई जाएगी।
NFHS 2019-21 के अनुसार महाराष्ट्र में बाल विवाह दर 21.9% थी, जो 2023-24 के सर्वेक्षण में घटकर 19.7% हुई।
2024-25 में 1,495 बाल विवाह रोके गए; चालू वर्ष में अब तक 1,434 रोके जा चुके हैं।
2018-19 में केवल 187 बाल विवाह रोके गए थे — छह वर्षों में यह संख्या लगभग 8 गुना बढ़ी।
राजस्थान के निमंत्रण पत्र पर जन्मतिथि दर्ज करने के मॉडल को महाराष्ट्र में लागू करने की संभावना पर विचार किया जाएगा।
प्रवासी मजदूरों के बच्चों के लिए बाल देखभाल केंद्र और बाल गृह उपलब्ध कराना प्राथमिकता में है।

महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने 24 जून 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा में घोषणा की कि राज्य सरकार अगले पाँच वर्षों में बाल विवाह की दर को 10 प्रतिशत से नीचे लाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। यह बयान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अतुल भातखलकर द्वारा उठाए गए प्रश्न के जवाब में आया, जबकि कांग्रेस नेता नाना पटोले ने इस विषय पर चर्चा में भाग लिया।

मौजूदा आँकड़े और सुधार की दिशा

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) 2019-21 के अनुसार देश में बाल विवाह की दर 23.3 प्रतिशत थी, जबकि महाराष्ट्र में यह 21.9 प्रतिशत थी। मंत्री तटकरे ने बताया कि 2023-24 में चयनित जिलों में किए गए सर्वेक्षण के अनुसार राष्ट्रीय औसत घटकर 20.1 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 19.7 प्रतिशत रह गई है। यह गिरावट सकारात्मक संकेत है, लेकिन सरकार का लक्ष्य इससे कहीं अधिक महत्वाकांक्षी है।

रोके गए बाल विवाह: वर्षवार आँकड़े

मंत्री ने विधानसभा के समक्ष वर्षवार आँकड़े रखे, जो राज्य की बढ़ती सतर्कता को दर्शाते हैं। 2018-19 में 187, 2019-20 में 240, 2020-21 में 519, 2021-22 में 831 और 2022-23 में 930 बाल विवाह रोके गए। 2022-23 में 81 एफआईआर भी दर्ज की गईं।

इसके बाद 2023-24 में 1,253 और 2024-25 में 1,495 बाल विवाह रोके गए। चालू वर्ष में अब तक 1,434 बाल विवाह रोके जा चुके हैं और दोषियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। गौरतलब है कि छह वर्षों में रोके गए बाल विवाहों की संख्या लगभग आठ गुना बढ़ी है, जो प्रशासनिक सक्रियता में उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाती है।

प्रशासनिक ढाँचा और जमीनी व्यवस्था

मंत्री तटकरे ने बताया कि बाल विवाह रोकने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला कार्य बल, ग्राम सुरक्षा समिति और तहसील व ग्राम पंचायत स्तर की व्यवस्थाएँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। बाल विवाह में शामिल दोनों परिवारों, संबंधित व्यक्तियों और सहयोग करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। यह बहु-स्तरीय जवाबदेही मॉडल रोकथाम के प्रयासों को अधिक प्रभावी बना रहा है।

राजस्थान मॉडल और नई पहल

मंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा शादी के निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि दर्ज करने की पहल का अध्ययन किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग, विधि विभाग और अन्य संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श के बाद तय किया जाएगा कि ऐसी व्यवस्था महाराष्ट्र में लागू की जा सकती है या नहीं।

प्रवासी मजदूरों के बच्चों पर विशेष ध्यान

सरकार ने प्रवासी मजदूरों तक पहुँच बनाने और उनके बच्चों के लिए बाल देखभाल केंद्र तथा बाल गृह उपलब्ध कराने को भी प्राथमिकता दी है। यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रवासी परिवारों के बच्चे अक्सर सामाजिक सुरक्षा तंत्र की पहुँच से बाहर रह जाते हैं। आने वाले वर्षों में इस लक्ष्य की सफलता इन्हीं हाशिए पर खड़े समूहों तक योजनाओं की प्रभावी पहुँच पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह संख्या वास्तविक रोकथाम को दर्शाती है या केवल बेहतर रिपोर्टिंग को। महाराष्ट्र में बाल विवाह दर अभी भी राष्ट्रीय औसत के करीब है, और 10% के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए मौजूदा गति से कहीं अधिक तेज़ गिरावट की ज़रूरत होगी। राजस्थान मॉडल का अध्ययन करने की बात सकारात्मक है, लेकिन प्रवासी मजदूरों के बच्चे — जो सबसे अधिक जोखिम में हैं — तब तक सुरक्षित नहीं होंगे जब तक जिला कार्य बल की पहुँच शहरी निर्माण स्थलों और मौसमी प्रवास मार्गों तक नहीं बढ़ती।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र सरकार का बाल विवाह दर को लेकर क्या लक्ष्य है?
महाराष्ट्र सरकार का लक्ष्य अगले पाँच वर्षों में राज्य में बाल विवाह की दर को 10 प्रतिशत से नीचे लाना है। यह घोषणा महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने 24 जून 2026 को विधानसभा में की।
महाराष्ट्र में अभी बाल विवाह की दर कितनी है?
NFHS 2019-21 के अनुसार महाराष्ट्र में बाल विवाह की दर 21.9 प्रतिशत थी। 2023-24 में चयनित जिलों के सर्वेक्षण के अनुसार यह घटकर 19.7 प्रतिशत हो गई है।
महाराष्ट्र में कितने बाल विवाह रोके गए हैं?
2024-25 में 1,495 बाल विवाह रोके गए, जबकि 2018-19 में यह संख्या केवल 187 थी। चालू वर्ष में अब तक 1,434 बाल विवाह रोके जा चुके हैं।
बाल विवाह रोकने के लिए महाराष्ट्र में क्या व्यवस्था है?
राज्य में जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला कार्य बल, ग्राम सुरक्षा समिति और तहसील व ग्राम पंचायत स्तर की व्यवस्थाएँ सक्रिय हैं। बाल विवाह में शामिल परिवारों और सहयोग करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाती है।
क्या महाराष्ट्र राजस्थान जैसी निमंत्रण पत्र पहल लागू करेगा?
मंत्री तटकरे ने कहा कि राजस्थान सरकार की शादी के निमंत्रण पत्रों पर दूल्हा-दुल्हन की जन्मतिथि दर्ज करने की पहल का अध्ययन किया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग और विधि विभाग से विचार-विमर्श के बाद इसे लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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