29 जून 2026
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महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी रोकने के लिए कड़ा कानून आएगा, बाबासाहेब पाटिल का विधानसभा में ऐलान

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महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी रोकने के लिए कड़ा कानून आएगा, बाबासाहेब पाटिल का विधानसभा में ऐलान

सारांश

महाराष्ट्र सरकार अवैध साहूकारी पर अंकुश लगाने के लिए कड़ा कानून लाने की तैयारी में है। 2022 से साहूकारी ऋण में ₹400 करोड़ की बढ़ोतरी, 343 शिकायतें और 48 आरोपियों पर एफआईआर — इन आंकड़ों के बीच विधानसभा में गर्मागर्म बहस हुई।

मुख्य बातें

सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने 29 जून 2026 को विधानसभा में अवैध साहूकारी रोकने के लिए कड़े कानून का ऐलान किया।
2022 से साहूकारी ऋण में ₹400 करोड़ की बढ़ोतरी; इसी अवधि में बैंकों ने ₹12,415 करोड़ के ऋण वितरित किए।
राज्य को 343 शिकायतें मिलीं; 34 मामलों में अवैध साहूकारी की पुष्टि, 48 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज।
चंद्रपुर के रोशन कुले मामले में साहूकार दिवाकर निकुरे द्वारा 130 चेक बाउंस और जमीन हड़पने के आरोप; जांच का आश्वासन।
विपक्ष ने जिला शिकायत निवारण समितियों की निष्क्रियता और किसानों को बैंक ऋण न मिलने को अवैध साहूकारी का मुख्य कारण बताया।

सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने 29 जून 2026 को महाराष्ट्र विधानसभा में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अवैध साहूकारी पर अंकुश लगाने के लिए मौजूदा कानूनों में व्यापक संशोधन करेगी, जिसमें कहीं अधिक कड़े罚 दंड के प्रावधान होंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पूरे महाराष्ट्र में गैर-कानूनी ऋण की बढ़ती घटनाओं को सरकार ने गंभीरता से लिया है और संशोधन की तैयारी शुरू हो चुकी है।

मुख्य आंकड़े और घटनाक्रम

2022 से अब तक राज्य में साहूकारों द्वारा दिए गए ऋण में ₹400 करोड़ की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी अवधि में औपचारिक बैंकिंग क्षेत्र ने ₹12,415 करोड़ के ऋण वितरित किए हैं। मंत्री पाटिल ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए विपक्ष के उस दावे को खारिज किया कि बैंक किसानों को ऋण देने से इनकार कर रहे हैं।

यह चर्चा अमरावती जिले में साहूकारी ऋण के मुद्दे पर सुलभ खोडके द्वारा प्रश्नकाल के दौरान उठाए गए सवाल से शुरू हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, नाना पटोले, कैलाश पाटिल, हरीश पिंपल और हेमंत ओगले सहित कई सदस्यों ने बहस में भाग लिया।

शिकायतें और एफआईआर

मंत्री पाटिल ने सदन को बताया कि राज्य को अब तक अवैध साहूकारी की 343 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जांच में इनमें से 266 मामलों में तथ्यात्मक आधार पाया गया और 34 मामलों में अवैध साहूकारी की पुष्टि हुई। इन सभी 34 मामलों में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर 48 आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही शुरू की गई है।

सदस्य हरीश पिंपल ने सदन का ध्यान इस ओर दिलाया कि अवैध ऋण प्रायः सादे कागज की पर्चियों पर दिए जाते हैं और उन्होंने ऐसी शिकायतें दर्ज करने के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन की मांग की। नाना पटोले ने आरोप लगाया कि जिला शिकायत निवारण समितियों के निष्क्रिय हो जाने से अवैध साहूकारी को बढ़ावा मिला है।

रोशन कुले मामला और विपक्ष के सवाल

विजय वडेट्टीवार ने चंद्रपुर जिले के हाई-प्रोफाइल रोशन कुले साहूकारी मामले पर सरकार की विफलता को लेकर तीखे सवाल उठाए। यह मामला अवैध सूदखोरी और कथित अंग-तस्करी रैकेट के बीच के खतरनाक गठजोड़ को उजागर करता है। वडेट्टीवार ने कहा, 'साहूकार दिवाकर निकुरे ने किसानों की जमीनें हड़प लीं और लगभग 130 चेक जारी किए, जो सभी बाउंस हो गए। उसके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इतने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी के बावजूद वह अभी भी आजाद क्यों है?'

मंत्री पाटिल ने सदन को आश्वस्त किया कि रोशन कुले मामले में संलिप्त व्यक्ति की गहन जांच की जाएगी और उचित कार्रवाई होगी।

विपक्ष की मुख्य चिंताएं

विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि किसान औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से ऋण न मिलने के कारण साहूकारों की शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं। हालांकि मंत्री पाटिल ने इसे आंशिक रूप से अस्वीकार करते हुए बैंकिंग क्षेत्र के ऋण वितरण के आंकड़े प्रस्तुत किए। गौरतलब है कि यह बहस ऐसे समय में हुई जब राज्य के कई जिलों में किसान ऋण संकट गहराता जा रहा है।

आगे क्या होगा

मंत्री पाटिल ने विधानसभा को भरोसा दिलाया कि नए कानून में मौजूदा प्रावधानों की तुलना में कहीं अधिक कठोर दंड व्यवस्था होगी। सरकार किसानों को सुलभ ऋण उपलब्ध कराने, अवैध साहूकारी पर प्रभावी नियंत्रण और शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बता रही है। लाइसेंस-प्राप्त व्यवस्था के बाहर अवैध साहूकारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का भी आश्वासन दिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

415 करोड़ के बैंक ऋण के आंकड़े एक साथ रखने से मंत्री का तर्क सुनने में तार्किक लगता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या बैंक ऋण उन्हीं किसानों तक पहुंच रहा है जो साहूकारों के पास जा रहे हैं। 343 शिकायतों में से केवल 34 की पुष्टि और 48 एफआईआर — यह संख्या राज्य की विशालता के सामने बेहद कम है, जो यह संकेत देती है कि या तो शिकायत तंत्र कमज़ोर है या पीड़ित डर से आगे नहीं आ रहे। रोशन कुले जैसे मामले — जहां साहूकारी और अंग-तस्करी का गठजोड़ सामने आया — यह बताते हैं कि समस्या महज ब्याज दर तक सीमित नहीं है। नए कानून की घोषणा स्वागत योग्य है, लेकिन बिना सक्रिय जिला-स्तरीय प्रवर्तन तंत्र के, यह भी पिछले आश्वासनों की तरह कागज़ पर ही रह सकती है।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी रोकने के लिए क्या नया कानून आएगा?
सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने 29 जून 2026 को विधानसभा में घोषणा की कि मौजूदा साहूकारी कानूनों में संशोधन किया जाएगा, जिसमें कहीं अधिक कड़े दंड के प्रावधान होंगे। इस संशोधन की तैयारी शुरू हो चुकी है, हालांकि विधेयक की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
महाराष्ट्र में अवैध साहूकारी की कितनी शिकायतें दर्ज हैं?
राज्य को अब तक अवैध साहूकारी की 343 शिकायतें मिली हैं। जांच में 266 मामलों में तथ्यात्मक आधार पाया गया और 34 मामलों में अवैध साहूकारी की पुष्टि हुई, जिनमें 48 आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
रोशन कुले साहूकारी मामला क्या है?
चंद्रपुर जिले का रोशन कुले मामला अवैध सूदखोरी और कथित अंग-तस्करी रैकेट के बीच के गठजोड़ को उजागर करता है। विपक्षी नेता विजय वडेट्टीवार के अनुसार, साहूकार दिवाकर निकुरे ने किसानों की जमीनें हड़पीं और लगभग 130 चेक जारी किए जो बाउंस हो गए; मंत्री पाटिल ने गहन जांच का आश्वासन दिया है।
क्या महाराष्ट्र के किसानों को बैंकों से ऋण नहीं मिल रहा?
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि किसान औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से ऋण न मिलने के कारण साहूकारों की शरण लेते हैं। हालांकि मंत्री पाटिल ने इसे अस्वीकार करते हुए कहा कि 2022 से बैंकिंग क्षेत्र ने ₹12,415 करोड़ के ऋण वितरित किए हैं, इसलिए बैंकों द्वारा ऋण देने से इनकार का दावा सही नहीं है।
अवैध साहूकारी की शिकायत कैसे करें?
फिलहाल विधानसभा सदस्य हरीश पिंपल ने एक समर्पित हेल्पलाइन बनाने की मांग की है, जो अभी तक स्थापित नहीं हुई है। वर्तमान में शिकायतें जिला शिकायत निवारण समितियों के माध्यम से दर्ज की जा सकती हैं, हालांकि विपक्ष ने इन समितियों को निष्क्रिय बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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