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क्या राजद-कांग्रेस को बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल पूछने का हक है? : महाचन्द्र प्रसाद सिंह

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क्या राजद-कांग्रेस को बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल पूछने का हक है? : महाचन्द्र प्रसाद सिंह

सारांश

पटना में गोपाल खेमका की हत्या ने नीतीश कुमार की सरकार को सवालों के घेरे में ला दिया है। महाचन्द्र प्रसाद सिंह का कहना है कि राजद और कांग्रेस को इस मामले में सवाल उठाने का कोई हक नहीं है। क्या बिहार की कानून व्यवस्था पर विपक्ष की राजनीति उचित है?

मुख्य बातें

महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने विपक्ष की राजनीति की निंदा की।
गोपाल खेमका की हत्या एक दुखद घटना है।
नीतीश कुमार को सुशासन बाबू के रूप में जाना जाता है।
राजद और कांग्रेस की आलोचना पर महाचन्द्र प्रसाद का स्पष्ट दृष्टिकोण।
बिहार में अपराध की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई।

नई दिल्ली, 5 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पटना में शुक्रवार रात को उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या के मामले में बिहार की नीतीश कुमार की सरकार इंडी अलायंस के निशाने पर आ गई है। राजद और कांग्रेस लगातार डबल इंजन सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष द्वारा पूछे जा रहे सवालों पर बिहार के सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर राजद और कांग्रेस को सवाल पूछने का हक नहीं है। बिहार की जनता जानती है कि राजद के कार्यकाल में बिहार की कानून व्यवस्था कैसी थी।

शनिवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या की मैं कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। उन्होंने कहा कि राजद और कांग्रेस को इस मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह एक दुखद घटना है और सरकार और प्रशासन अपना काम कर रही है। राजद और कांग्रेस नीतीश सरकार पर सवाल कर रही है। लेकिन, उन्हें याद होना चाहिए कि उनके कार्यकाल में बिहार की क्या स्थिति थी। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार को संवारने का काम किया है। मैं मानता हूं उद्योगपति की हत्या बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ वर्ष पहले उनके बेटे की भी हत्या हुई थी।

सवर्ण आयोग के अध्यक्ष महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार में कुछ जिलों में आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जो काफी पीड़ादायक हैं। लेकिन, एक बात से सभी अच्छी तरह से अवगत हैं कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुशासन के लिए जाने जाते हैं। देशभर में उन्हें सुशासन बाबू के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने बिहार को विकास के पथ पर ले जाने का कार्य किया है। आज पूरा देश उनके योगदान की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि जो भी इस हत्या के पीछे अपराधी हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने उद्योगपति गोपाल खेमका की हत्या मामले में नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस जगह उद्योगपति की हत्या की गई, वहां से थाना चंद कदम की दूरी पर था।

तेजस्वी ने बिहार सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हर महीने बिहार में सैकड़ों व्यापारियों की हत्या हो रही है, लेकिन इसे जंगलराज नहीं कह सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक महत्वपूर्ण दृष्टिकोण है। ऐसे में, हमें यह देखना होगा कि क्या विपक्ष की आलोचना सरकार की जिम्मेदारी से बचने का प्रयास है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार की कानून व्यवस्था में सुधार कैसे किया जा सकता है?
सख्त कानूनों का पालन, अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करके बिहार की कानून व्यवस्था में सुधार किया जा सकता है।
गोपाल खेमका की हत्या का क्या कारण था?
गोपाल खेमका की हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। यह एक दुखद घटना है और प्रशासन इस पर गंभीरता से काम कर रहा है।
नीतीश कुमार की सरकार पर विपक्ष का क्या आरोप है?
विपक्ष का आरोप है कि नीतीश कुमार की सरकार कानून व्यवस्था में सुधार करने में विफल रही है और इसके चलते कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं।
क्या बिहार में अपराध की दर बढ़ रही है?
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बिहार में आपराधिक घटनाएं बढ़ी हैं, लेकिन यह समझना आवश्यक है कि हर घटना का एक संदर्भ होता है।
महाचन्द्र प्रसाद सिंह का क्या कहना है?
महाचन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि राजद और कांग्रेस को बिहार की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने का हक नहीं है, क्योंकि जनता जानती है कि उनके कार्यकाल में क्या स्थिति थी।
राष्ट्र प्रेस
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