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महानदी जल विवाद: छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय दिल्ली पहुंचे, अमित शाह की बैठक में होंगे शामिल

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महानदी जल विवाद: छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय दिल्ली पहुंचे, अमित शाह की बैठक में होंगे शामिल

सारांश

महानदी जल विवाद पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक अहम मोड़ पर है — दोनों राज्यों में BJP सरकार होने से CWC के फैसले को मानने की लिखित सहमति मिली है। साथ ही छत्तीसगढ़ में भारी बारिश से 17 जिले, 22,000 लोग प्रभावित और 8 की मौत की खबर भी।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ CM विष्णु देव साय 1 अक्टूबर 2026 को महानदी जल विवाद बैठक के लिए नई दिल्ली पहुंचे।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे; ओडिशा और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य शामिल।
दोनों राज्यों ने केंद्रीय जल आयोग (CWC) को लिखित सहमति दी — जो भी फैसला होगा, वह मंजूर होगा।
भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के 17 जिले , 550+ गाँव और 22,000+ लोग प्रभावित; 8 मौतें दर्ज।
साय ने बस्तर और सुकमा का दौरा किया; सभी कलेक्टरों को RBC 6-4 के तहत राहत वितरण के निर्देश।
छत्तीसगढ़ को सिंगापुर के साउथ एशिया फोरम में भाग लेने का अवसर मिला — विदेश मंत्रालय की सिफारिश पर।

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 1 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली पहुंचे, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में महानदी जल विवाद पर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में ओडिशा और छत्तीसगढ़ — दोनों राज्यों के बीच वर्षों से चले आ रहे इस जल विवाद का हल निकालने की कोशिश की जाएगी। रायपुर से रवाना होने से पहले साय ने स्पष्ट किया कि दोनों राज्य केंद्रीय जल आयोग (CWC) के फैसले को मानने के लिए तैयार हैं।

बैठक की पृष्ठभूमि और राज्यों की सहमति

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, 'आज देश के गृह मंत्री की अध्यक्षता में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच सालों से चल रहे जल विवाद पर एक बैठक होगी। चूँकि दोनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकारें हैं, इसलिए दोनों मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय जल आयोग को लिखित रूप में दिया है कि CWC दोनों राज्यों के हित में जो भी फैसला करेगा, उसे दोनों राज्य सरकारें स्वीकार करेंगी।' गौरतलब है कि यह पहली बार है जब दोनों राज्यों में एक ही दल की सरकार होने से सुलह की संभावना पहले से कहीं अधिक दिख रही है।

सिंगापुर बिजनेस फोरम में छत्तीसगढ़ को मिला अवसर

साय ने यह भी बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की सिफारिश पर छत्तीसगढ़ को सिंगापुर में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित साउथ एशिया फोरम में भाग लेने का निमंत्रण मिला है। उन्होंने इसे राज्य के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपलब्धियाँ प्रदर्शित करने का ऐतिहासिक अवसर बताया।

भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के 17 जिले प्रभावित

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 3-4 दिनों से जारी भारी वर्षा के कारण राज्य के लगभग 17 जिले प्रभावित हुए हैं। 550 से अधिक गाँव और 22,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। 8 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है, जबकि फसलें, मकान और मवेशियों का भी व्यापक नुकसान हुआ है। सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को शीघ्र सर्वेक्षण करने और RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत राहत मुआवजा वितरित करने के निर्देश दिए हैं।

साय ने बताया कि उन्होंने स्वयं बस्तर और सुकमा का दौरा किया, पीड़ितों से मुलाकात की और राहत शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं।

बस्तर के विकास और नक्सलमुक्ति पर साय का बयान

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के फिल्मों की ओर रुख करने के सवाल पर साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र में खेल, शिक्षा और कला हर क्षेत्र में भरपूर प्रतिभा है। उन्होंने उल्लेख किया कि रायपुर में हाल ही में हुए एक कार्यक्रम में बस्तर की लड़कियाँ धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलती नज़र आईं। साय ने यह भी बताया कि क्षेत्र की एक बेटी ने फेमिना मिस इंडिया का खिताब भी जीता है।

उन्होंने कहा, 'नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब बस्तर के लोगों को हर अवसर उपलब्ध होगा और बस्तर विकास की दृष्टि से बहुत आगे बढ़ेगा।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल-प्रभावित इलाकों में विकास और मुख्यधारा एकीकरण को नई प्राथमिकता दे रही है।

आगे क्या होगा

महानदी जल विवाद पर गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक दोनों राज्यों के लिए निर्णायक मानी जा रही है। दोनों राज्यों द्वारा CWC के फैसले को लिखित सहमति देने के बाद उम्मीद है कि इस दीर्घकालिक विवाद के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर इन घोषणाओं के क्रियान्वयन की निगरानी ज़रूरी है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महानदी जल विवाद क्या है और यह कब से चल रहा है?
महानदी जल विवाद ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच महानदी नदी के जल बँटवारे को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद है। छत्तीसगढ़ पर आरोप है कि उसने ऊपरी क्षेत्र में बाँध और बैराज बनाकर ओडिशा तक पहुंचने वाले पानी को प्रभावित किया है।
1 अक्टूबर 2026 की दिल्ली बैठक में क्या तय होने की उम्मीद है?
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों ने CWC के फैसले को लिखित सहमति दे दी है। उम्मीद है कि CWC एक न्यायसंगत जल बँटवारे का फॉर्मूला तैयार करेगा जिसे दोनों राज्य मान लेंगे।
छत्तीसगढ़ में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ है?
3-4 दिनों की भारी बारिश से छत्तीसगढ़ के लगभग 17 जिले प्रभावित हुए हैं, 550 से अधिक गाँव और 22,000 से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं तथा 8 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। फसलें, मकान और मवेशियों का भी नुकसान हुआ है।
राहत के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को शीघ्र सर्वेक्षण और RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत मुआवजा वितरण के निर्देश दिए हैं। साय ने स्वयं बस्तर और सुकमा का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और राहत शिविरों का निरीक्षण किया।
छत्तीसगढ़ को सिंगापुर फोरम में क्यों आमंत्रित किया गया?
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय की सिफारिश पर छत्तीसगढ़ को सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित साउथ एशिया फोरम में भाग लेने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री साय ने इसे राज्य की उपलब्धियों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का ऐतिहासिक मौका बताया।
राष्ट्र प्रेस
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