महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई: जांच में 4.6 गुना उछाल, ₹20.23 करोड़ की दवाएं जब्त
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के अन्न व औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्य में दवाओं के उत्पादन और बिक्री से जुड़ी इकाइयों के विरुद्ध व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया है, जिसमें अप्रैल-मई 2026 की तुलना में जून से सितंबर 2026 के बीच मासिक औसत निरीक्षण में 4.6 गुना की वृद्धि दर्ज की गई है। छह महीनों की इस कार्रवाई में कुल ₹20.23 करोड़ मूल्य का अवैध एवं संदिग्ध दवा स्टॉक जब्त या प्रतिबंधित किया गया है। यह अभियान नकली, घटिया और बिना लाइसेंस वाली दवाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
निरीक्षण में रिकॉर्ड वृद्धि
FDA द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल और मई 2026 में कुल 467 निरीक्षण किए गए थे, जबकि जून से सितंबर 2026 के चार महीनों में यह संख्या बढ़कर 4,256 हो गई। इस प्रकार मासिक औसत निरीक्षण 234 से बढ़कर 1,064 तक पहुँच गया।
उत्पादन इकाइयों के मासिक निरीक्षण में करीब चार गुना और बिक्री इकाइयों के निरीक्षण में लगभग 4.7 गुना वृद्धि हुई। निर्धारित जांच लक्ष्य की पूर्ति अप्रैल-मई के 29 प्रतिशत से बढ़कर जून-सितंबर में 131 प्रतिशत हो गई — बिक्री इकाइयों की लक्ष्य पूर्ति 141 प्रतिशत और उत्पादन इकाइयों की 106 प्रतिशत रही।
जब्ती और कानूनी कार्रवाई
जून से सितंबर 2026 के बीच तलाशी और जब्ती की 115 कार्रवाइयाँ की गईं, जबकि अप्रैल-मई में ऐसी केवल 8 कार्रवाइयाँ हुई थीं। इन कार्रवाइयों में ₹19.11 करोड़ मूल्य का अवैध और संदिग्ध दवा स्टॉक जब्त या प्रतिबंधित किया गया।
अप्रैल से सितंबर 2026 तक के छह महीनों में FDA ने 123 तलाशी और जब्ती अभियानों में ₹20.23 करोड़ का स्टॉक जब्त किया। इस दौरान 35 FIR दर्ज की गईं और 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
लाइसेंस निलंबन और नोटिस
नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के विरुद्ध भी सख्त प्रशासनिक कदम उठाए गए। जून से सितंबर 2026 के दौरान 1,402 नोटिस जारी किए गए, 288 लाइसेंस रद्द और 856 लाइसेंस निलंबित किए गए।
छह महीनों (अप्रैल-सितंबर 2026) के कुल आंकड़ों में 4,723 निरीक्षण, 1,681 नोटिस और 1,581 लाइसेंस रद्द या निलंबित शामिल हैं। उल्लंघनों में बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण और बिक्री, आपत्तिजनक विज्ञापन, नकली दवाएं एवं सौंदर्य प्रसाधन, गलत लेबल वाले उत्पाद और NDPS अधिनियम के तहत दुरुपयोग से जुड़े मामले प्रमुख हैं।
आयुक्त का बयान
अन्न व औषधि प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा करना प्रशासन की मूल ज़िम्मेदारी है और पिछले चार महीनों में निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई में हुई उल्लेखनीय वृद्धि प्रशासन की सतर्कता को दर्शाती है।
मुंढे ने स्पष्ट किया कि बाज़ार में नकली, घटिया और बिना लाइसेंस वाली दवाओं की पहुँच रोकने के लिए राज्यभर में जांच अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आगे की राह
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देशभर में नकली और घटिया दवाओं को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) भी राज्य FDA एजेंसियों के साथ समन्वय करते हुए दवा गुणवत्ता पर निगरानी कड़ी कर रहा है। महाराष्ट्र FDA का यह प्रदर्शन अन्य राज्यों के लिए भी एक मानक स्थापित कर सकता है।