दौंड में जिलाबदर आरोपी ने पुलिस से की धक्कामुक्की, मुंबई पुलिस अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
सारांश
मुख्य बातें
पुणे जिले के दौंड शहर में 17 मई 2026 को एक जिलाबदर आरोपी ने प्रतिबंधित क्षेत्र में घुसने की कोशिश की और पुलिस के साथ धक्कामुक्की की, जिसके बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। आरोपी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का भी आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
घटना सरपंचवस्ती क्षेत्र में पुष्पलक्ष्मी हॉस्पिटल से बोरावकेनगर की ओर जाने वाले पुराने सब्जी मंडी रोड के किनारे हुई। शिकायतकर्ता निखिल बालासाहेब जाधव के बयान के अनुसार, आरोपी ने वहाँ जमकर उत्पात मचाया।
पुलिस ने पहले आरोपी को समझाने की कोशिश की और नरमी से प्रतिबंधित क्षेत्र से दूर रहने को कहा। जब आरोपी ने बात नहीं मानी, तो पुलिस ने उसे हिरासत में लेने का निर्णय किया — और इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई।
जिलाबदर आदेश की पृष्ठभूमि
उपविभागीय दंडाधिकारी रेवणनाथ लबडे ने मुंबई पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 56 के अंतर्गत आरोपी को पुणे, सोलापुर, सातारा और अहिल्यानगर जिलों से एक वर्ष के लिए जिलाबदर किया गया था। इस आदेश के तहत आरोपी का इन जिलों में प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित था।
गौरतलब है कि जिलाबदर की प्रक्रिया तब अपनाई जाती है जब कोई व्यक्ति किसी क्षेत्र में लगातार आपराधिक गतिविधियाँ अंजाम देता है और स्थानीय निवासियों के लिए समस्याएँ उत्पन्न करता है। जिला प्रशासन आमतौर पर छह महीने से एक वर्ष के लिए ऐसा प्रतिबंध लगाता है।
पुलिस की कार्रवाई
हेड कांस्टेबल मखरे ने आरोपी के विरुद्ध औपचारिक मामला दर्ज किया है। मामले की जाँच हवलदार भोसले कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिलाबदर आदेश का उल्लंघन करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, मामले में विधिक प्रक्रिया के तहत आरोपी के विरुद्ध आगे की कार्रवाई जारी रहेगी। यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि जिलाबदर आदेशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मैदानी स्तर पर सतर्कता कितनी आवश्यक है।