25 अगस्त 2026
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आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल: रोहित पवार ने राहुल गांधी का जताया आभार, बड़े जनआंदोलन की चेतावनी

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आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल: रोहित पवार ने राहुल गांधी का जताया आभार, बड़े जनआंदोलन की चेतावनी

सारांश

महाराष्ट्र में आदिवासी छात्रों की भूख हड़ताल 10 दिन पार कर चुकी है और अब यह राजनीतिक मुद्दा बन गई है। रोहित पवार ने राहुल गांधी का आभार जताते हुए बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है — सरकार की चुप्पी के बीच यह संघर्ष और गहरा होता दिख रहा है।

मुख्य बातें

रोहित पवार (NCP-SP, बारामती) ने राहुल गांधी का एक्स पर आभार जताया, जिन्होंने 25 अगस्त 2026 को CM देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा।
महाराष्ट्र के आदिवासी छात्र 10 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं।
नए नियम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के छात्रों को सरकारी हॉस्टलों से बाहर किया जा रहा है।
सोमवार की महाराष्ट्र कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई; आदिवासी मंत्री से बैठक भी बेनतीजा रही।
रोहित पवार ने आने वाले दिनों में बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी और राहुल गांधी से उपस्थित रहने का अनुरोध किया।
राहुल गांधी ने हॉस्टल लौटने पर महिला छात्रों को प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने की अनिवार्यता को 'मानवीय गरिमा पर हमला' बताया।

महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों की 10 दिनों से अधिक चल रही भूख हड़ताल के बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के बारामती विधायक रोहित पवार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का आभार व्यक्त किया है। राहुल गांधी ने सोमवार, 25 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर छात्रों की माँगों पर तत्काल ध्यान देने का आग्रह किया था।

रोहित पवार ने एक्स पर क्या कहा

रोहित पवार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'राहुल गांधी, आपने इस अत्यंत महत्वपूर्ण विषय में व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया, इसके लिए आपका हृदय से आभार।' उन्होंने यह भी कहा कि आदिवासी छात्रों का यह मुद्दा बेहद गंभीर और संवेदनशील है, फिर भी सोमवार को हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में इस पर कोई चर्चा नहीं हुई।

पवार ने आगे कहा कि आदिवासी मंत्री के साथ हुई बैठक में भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार इन छात्रों की न्यायसंगत माँगों को लेकर गंभीर नहीं है।

जनआंदोलन की चेतावनी

रोहित पवार ने चेतावनी दी कि आने वाले कुछ दिनों में आदिवासी छात्र एक बड़े जनआंदोलन का आयोजन कर सकते हैं। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे इस आंदोलन में छात्रों के साथ उपस्थित रहें, ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके और उसे छात्रों की माँगें स्वीकार करने के लिए बाध्य किया जा सके।

राहुल गांधी का मुख्यमंत्री को पत्र

राहुल गांधी ने अपने पत्र में मुख्यमंत्री फडणवीस को बताया कि पुणे में आदिवासी छात्रों ने उनसे उन नियमों के बारे में जानकारी दी जो उनसे सम्मान छीनते हैं और शिक्षा का रास्ता बंद करते हैं। पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि एक नए नियम के तहत 30 वर्ष से अधिक आयु के छात्रों को सरकारी हॉस्टलों में रहने से रोका जा रहा है, जिससे वे छात्र प्रभावित हो रहे हैं जो अभी भी पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

हॉस्टलों की दयनीय स्थिति और महिला छात्रों की गरिमा पर सवाल

राहुल गांधी ने पत्र में बताया कि इन हॉस्टलों में भोजन, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की भारी कमी है। उन्होंने यह भी लिखा कि छात्रों को चोटें आई हैं और सर्पदंश सहित अन्य कारणों से मौतें भी हुई हैं। उन्होंने विशेष रूप से महिला छात्रों की स्थिति पर चिंता जताई, जिन्हें हॉस्टल से लंबे समय तक बाहर रहने के बाद लौटने पर प्रेग्नेंसी टेस्ट सहित कई मेडिकल जाँचों से गुजरना पड़ता है। राहुल गांधी ने इसे 'अपमानजनक प्रक्रिया' और छात्रों की 'मानवीय गरिमा पर हमला' करार दिया।

सरकार से तत्काल कार्रवाई की माँग

राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे आंदोलनकारी आदिवासी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। उन्होंने कहा, 'ये छात्र कोई खैरात नहीं माँग रहे हैं — वे अपना हक माँग रहे हैं।' यदि सरकार ने शीघ्र कदम नहीं उठाए, तो छात्रों का यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आदिवासी कल्याण विभाग की निगरानी कहाँ थी। विपक्ष का इस मुद्दे पर एकजुट होना सरकार के लिए राजनीतिक दबाव तो बढ़ाएगा, लेकिन असली कसौटी यह होगी कि क्या छात्रों की माँगें किसी ठोस नीतिगत बदलाव में बदल पाती हैं।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र के आदिवासी छात्र किस बात को लेकर भूख हड़ताल पर हैं?
महाराष्ट्र के आदिवासी छात्र सरकारी हॉस्टलों से जुड़े नियमों के विरोध में 10 दिनों से अधिक समय से भूख हड़ताल पर हैं। मुख्य विवाद एक नए नियम को लेकर है जो 30 वर्ष से अधिक आयु के छात्रों को सरकारी हॉस्टलों में रहने से रोकता है, साथ ही हॉस्टलों में भोजन, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की कमी भी उनकी प्रमुख शिकायतें हैं।
राहुल गांधी ने CM देवेंद्र फडणवीस को पत्र में क्या माँगा?
राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह किया कि वे आंदोलनकारी आदिवासी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान करें। उन्होंने हॉस्टल की दयनीय स्थिति, 30 साल की आयु सीमा और महिला छात्रों के लिए अपमानजनक मेडिकल जाँचों का विशेष उल्लेख किया।
रोहित पवार ने राहुल गांधी से क्या अनुरोध किया है?
रोहित पवार ने राहुल गांधी से अनुरोध किया है कि यदि आने वाले दिनों में आदिवासी छात्र बड़ा जनआंदोलन करते हैं, तो वे उसमें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहें। उनका मानना है कि राहुल गांधी की उपस्थिति से सरकार पर दबाव बनेगा और उसे छात्रों की माँगें स्वीकार करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
महाराष्ट्र कैबिनेट ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
रोहित पवार के अनुसार, सोमवार को हुई महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक में आदिवासी छात्रों के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। आदिवासी मंत्री के साथ हुई छात्रों की बैठक भी बेनतीजा रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार अभी तक कोई ठोस समाधान देने में विफल रही है।
महिला आदिवासी छात्रों के साथ क्या अपमानजनक व्यवहार हो रहा है?
राहुल गांधी ने अपने पत्र में बताया कि हॉस्टल से लंबे समय तक बाहर रहने के बाद लौटने वाली महिला छात्रों को प्रेग्नेंसी टेस्ट सहित कई मेडिकल जाँचों से गुजरना अनिवार्य है। उन्होंने इसे 'मानवीय गरिमा पर हमला' और एक 'अपमानजनक प्रक्रिया' बताया जो छात्राओं को तब तक दोषी मानती है जब तक वे खुद को निर्दोष साबित न करें।
राष्ट्र प्रेस
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