महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डालने की साजिश: प्रवीण खंडेलवाल

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महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डालने की साजिश: प्रवीण खंडेलवाल

सारांश

महिला आरक्षण संशोधन बिल के पारित न होने पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि कैसे कांग्रेस और अन्य दलों ने महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों में अड़चन डाली।

Key Takeaways

  • महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का पारित न होना एक गंभीर राजनीतिक मुद्दा है।
  • प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्ष पर महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डालने का आरोप लगाया।
  • सीएआईटी का अभियान कांग्रेस के विरोध को उजागर करेगा।
  • महिलाओं के अधिकारों को सुरक्षित करने के लिए यह विधेयक महत्वपूर्ण था।
  • कांग्रेस का विरोध महिलाओं के प्रति उनकी मंशा पर सवाल उठाता है।

नई दिल्ली, 18 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (संविधान का 131वां संशोधन) के पारित नहीं होने के बाद भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि संसद में जिस प्रकार कांग्रेस और अन्य दलों ने इस विधेयक के खिलाफ मतदान किया, उससे उनकी मंशा स्पष्ट होती है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह विधेयक महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पेश किया गया था, लेकिन विपक्ष ने इसे रोकने का प्रयास किया।

सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक विधेयक प्रस्तुत किया था, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसका विरोध किया। उनकी महिला विरोधी मानसिकता और दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता के कारण ऐसा हुआ। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मिलकर एक साजिश के तहत महिलाओं को सशक्त बनने से रोकने की कोशिश की।"

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) पूरे देश में व्यापारियों, महिला उद्यमियों और स्टार्टअप्स के बीच एक अभियान चलाएगा। इस अभियान के माध्यम से लोगों को यह बताया जाएगा कि किस प्रकार कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिलाओं को सशक्त बनाने के प्रयासों में बाधा डाली।

संविधान के 131वें संशोधन विधेयक के खारिज होने पर भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "कल अमित शाह ने संसद के पटल पर विपक्ष को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। विपक्ष, जो महिलाओं का समर्थन करने के लिए बड़े-बड़े दावे किया करता था, जिसमें सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी जैसी नेता प्रमुख हैं, उस पार्टी ने भी महिलाओं का साथ नहीं दिया।"

सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा, "चाहे वह बालाकोट हो, एयर स्ट्राइक हो, सर्जिकल स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर हो, इन सभी पर राहुल गांधी ने पाकिस्तान से भी ज्यादा सवाल उठाए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि विपक्ष के लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं और जनता की आवाज नहीं बन रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का विकास निरंतर हो रहा है।"

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा, "विपक्ष तो देश की आधी आबादी के सामने अपना चेहरा दिखाने की स्थिति में भी नहीं है। कांग्रेस और विपक्ष के प्रति महिलाओं में भारी गुस्सा है। संसद में उन्होंने जिस प्रकार का व्यवहार किया, उससे ऐसी स्थिति बन गई है कि कोई भी महिला कांग्रेस या विपक्ष का समर्थन नहीं कर रही है।"

Point of View

जो महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रयासों के खिलाफ है। यह मुद्दा न केवल राजनीतिक बल्कि सामाजिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
18/04/2026

Frequently Asked Questions

महिला आरक्षण संशोधन बिल क्या है?
यह विधेयक महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित करता है, ताकि वे संसद और विधानसभाओं में अधिक प्रतिनिधित्व पा सकें।
प्रवीण खंडेलवाल ने विपक्ष पर किस प्रकार के आरोप लगाए?
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने जानबूझकर महिला आरक्षण बिल का विरोध किया है, जिससे महिलाओं को सशक्त बनने से रोका जा रहा है।
सीएआईटी का अभियान किस बारे में है?
सीएआईटी का अभियान महिलाओं और उद्यमियों को सशक्त बनाने के प्रयासों में विपक्ष द्वारा की गई बाधाओं को उजागर करेगा।
इस विधेयक का पारित न होना क्यों महत्वपूर्ण है?
यह विधेयक महिलाओं के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था, जिसका पारित न होना समाज में असमानता को बढ़ावा दे सकता है।
क्या कांग्रेस ने महिलाओं का समर्थन नहीं किया?
भाजपा के प्रवक्ता के अनुसार, कांग्रेस ने इस विधेयक का विरोध किया, जिससे उनकी महिला समर्थक मंशा पर सवाल उठते हैं।
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