CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: MAITC मंगलवार को कोलकाता में विशाल रैली करेगी, ममता बनर्जी हो सकती हैं अगुवा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (MAITC) ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार, 13 अक्टूबर को कोलकाता में एक 'विशाल विरोध मार्च' आयोजित करने की घोषणा की है। MAITC ने पर्चे जारी कर इसे केंद्र सरकार पर 'लोकतंत्र के दमन' के आरोपों के विरोध में एक व्यापक राजनीतिक प्रदर्शन बताया है।
रैली का स्वरूप और मार्ग
MAITC द्वारा सोमवार को जारी पर्चे के अनुसार, यह विशाल विरोध मार्च उत्तरी कोलकाता के राजाबाजार क्षेत्र से शुरू होकर मध्य कोलकाता के पार्क सर्कस पर समाप्त होगा। पर्चे में छात्रों, युवाओं, महिलाओं और श्रमिक समुदाय से बड़ी संख्या में भाग लेने का आह्वान किया गया है।
गौरतलब है कि इस रैली के लिए कोलकाता पुलिस की अनुमति मिलेगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। यातायात व्यवधान और दुर्गा पूजा की तैयारियों के मद्देनज़र पुलिस के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।
ममता बनर्जी की उपस्थिति अनिश्चित
अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, ममता बनर्जी स्वयं पैदल रैली का नेतृत्व कर सकती हैं, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। MAITC के एक नेता ने सोमवार को कहा, 'अभी तक हम यही कह रहे हैं कि कोलकाता रैली में उनकी उपस्थिति अनिश्चित है क्योंकि वह अभी भी दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए मौजूद हैं। अगर वह आज रात या कल सुबह तक लौट आती हैं, तो वह निश्चित रूप से कोलकाता में रैली का नेतृत्व करेंगी।'
रैली के उद्देश्य
MAITC के पर्चे में इस विरोध मार्च के पीछे कई मांगें गिनाई गई हैं। CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के अलावा, यह प्रदर्शन केंद्र सरकार पर 'लोकतंत्र के दमन' के आरोपों और नई दिल्ली में ममता बनर्जी की कथित गिरफ्तारी के विरोध में भी होगा। पर्चे में यह भी उल्लेख है कि विपक्ष और नई पीढ़ी के प्रदर्शनकारियों के 'दमन' के खिलाफ यह आवाज़ उठाई जाएगी।
BJP का विरोध
राज्य भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व ने प्रस्तावित रैली को दुर्गा पूजा से ठीक पहले कोलकाता के उत्सव के माहौल को 'जानबूझकर बिगाड़ने की साजिश' करार दिया है। इस सप्ताहांत से शुरू हो रहे दुर्गा पूजा उत्सव के मद्देनज़र BJP ने रैली को सामाजिक व्यवस्था के लिए अनुचित बताया है।
आगे क्या होगा
यह देखना अहम होगा कि कोलकाता पुलिस MAITC को मार्ग पर रैली की अनुमति देती है या नहीं, और यदि नहीं देती, तो पार्टी की वैकल्पिक रणनीति क्या होगी। ममता बनर्जी की दिल्ली से वापसी और उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति इस आयोजन की राजनीतिक ऊँचाई तय करेगी। यह रैली विपक्ष की CEC-विरोधी राष्ट्रव्यापी मुहिम का हिस्सा प्रतीत होती है।