₹6,000 करोड़ ड्रग्स मामला: मजीठिया और भोला से 5 अक्टूबर को होगी आमने-सामने पूछताछ, AAP का अकाली-BJP पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के ₹6,000 करोड़ के ड्रग्स मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और दोषी ठहराए जा चुके पूर्व पुलिस उपाधीक्षक तथा ड्रग रैकेट के कथित सरगना जगदीश भोला को 5 अक्टूबर को पूछताछ के लिए तलब किया है। चंडीगढ़ में 30 सितंबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक कुलदीप धालीवाल ने माँग की कि दोनों से आमने-सामने पूछताछ हो ताकि ड्रग नेटवर्क की हर कड़ी की पड़ताल संभव हो सके।
पूछताछ की माँग और AAP का रुख
AAP विधायक धालीवाल ने बुधवार को स्पष्ट कहा कि भोला और मजीठिया से आमने-सामने पूछताछ होनी चाहिए ताकि ड्रग नेटवर्क के हर पहलू की गहन जांच हो सके। उन्होंने कहा, 'ड्रग नेटवर्क के हर पहलू की जांच होनी चाहिए और किसी को भी कोई विशेष रियायत नहीं दी जानी चाहिए।' उनके अनुसार जांच पूरी कानूनी प्रक्रिया और पारदर्शिता के साथ चल रही है।
अकाली-BJP सरकार पर आरोप
धालीवाल ने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के दौरान अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (BJP) की संयुक्त सरकार के कार्यकाल में पंजाब भर में ड्रग नेटवर्क फैला। उनके अनुसार इस दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि जिसने भी पंजाब में ड्रग्स पहुँचाया और युवाओं को नशे की ओर धकेला, उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
गुजरात बंदरगाहों पर सवाल
धालीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि BJP शासित गुजरात के बंदरगाहों के ज़रिए बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ देश में प्रवेश कर रहे हैं और वहाँ से पंजाब सहित अन्य राज्यों में पहुँचाए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया, 'BJP अपनी नशा मुक्त यात्रा गुजरात से क्यों नहीं शुरू करती और वहाँ जब्त की गई ड्रग्स की खेपों के बारे में सवालों के जवाब क्यों नहीं देती?'
विपक्ष पर राजनीति का आरोप
धालीवाल ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल भगवंत मान सरकार को बदनाम करने के लिए ड्रग्स के मुद्दे का राजनीतिक इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सरकार किसी के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करना चाहती, तो पहले ही कर सकती थी — इसके बजाय जाँच पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है।
आगे क्या होगा
SIT 5 अक्टूबर को मजीठिया और भोला से पूछताछ करेगी। यह मामला पंजाब की राजनीति में नए सिरे से तनाव पैदा कर सकता है, खासकर तब जब विधानसभा का अगला सत्र नज़दीक है। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में ड्रग्स विरोधी अभियान को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच खींचतान पहले से जारी है।