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मकरासन से अनिद्रा और तनाव में राहत: आयुष मंत्रालय के अनुसार जानें सही तरीका और फायदे

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मकरासन से अनिद्रा और तनाव में राहत: आयुष मंत्रालय के अनुसार जानें सही तरीका और फायदे

सारांश

भागदौड़ भरी ज़िंदगी में नींद और तनाव की समस्या बढ़ती जा रही है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, मकरासन पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय कर स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल घटाता है, जिससे अनिद्रा, चिंता और कमर दर्द में राहत मिलती है।

मुख्य बातें

मकरासन संस्कृत के 'मकर' (मगरमच्छ) और 'आसन' (मुद्रा) से बना है, जिसे 'रिलैक्सिंग पोज़' भी कहते हैं।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, यह आसन पीठ, कमर और कंधों की जकड़न दूर करता है और श्वसन प्रणाली को लाभ पहुँचाता है।
पेट के बल लेटकर गहरी साँस लेने से पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है और स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटता है।
स्लिप डिस्क या स्पाइनल टेंशन से पीड़ित लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है।
गर्भावस्था , गंभीर चोट और हालिया सर्जरी की स्थिति में यह आसन करने से बचना चाहिए।

मकरासन — योग का वह सरल किंतु शक्तिशाली आसन — अनिद्रा, तनाव और कमर दर्द से राहत दिलाने में कारगर माना जाता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर की मांसपेशियों को गहरा आराम मिलता है और मानसिक संतुलन बेहतर होता है। आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और नींद की समस्याओं के बीच यह योगासन एक सुलभ और प्रभावी उपाय के रूप में उभर रहा है।

मकरासन क्या है और इसका अर्थ

'मकरासन' संस्कृत के दो शब्दों — 'मकर' (अर्थात मगरमच्छ) और 'आसन' (अर्थात मुद्रा) — से मिलकर बना है। इस आसन में व्यक्ति पेट के बल लेटकर मगरमच्छ जैसी मुद्रा में आता है। इसे 'रिलैक्सिंग पोज़' भी कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर और मन दोनों को गहरी शांति प्रदान करता है।

नर्वस सिस्टम पर प्रभाव और नींद में सुधार

मकरासन का सबसे उल्लेखनीय लाभ हमारे तंत्रिका तंत्र पर देखा जाता है। जब इस आसन के दौरान पेट के बल लेटकर गहरी और धीमी साँसें ली जाती हैं, तो शरीर का पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय हो जाता है — जिसे 'रेस्ट एंड डाइजेस्ट' सिस्टम भी कहते हैं। इससे स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटता है और मन शांत होने लगता है।

तंत्रिका तंत्र के शांत होने का सीधा असर नींद की गुणवत्ता पर पड़ता है। विशेषज्ञों के अनुसार, जो लोग अनिद्रा या चिंता की समस्या से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह आसन विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, तनाव कम होने से हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलती है।

रीढ़ की हड्डी और पीठ दर्द में फायदा

आयुष मंत्रालय के अनुसार, मकरासन रीढ़ की हड्डी की संरचना को संतुलित बनाए रखने और उसमें लचीलापन बढ़ाने में सहायक है। यह पीठ, कमर और कंधों की जकड़न को दूर करता है। विशेष रूप से स्लिप डिस्क या स्पाइनल टेंशन से पीड़ित लोगों के लिए इसका नियमित अभ्यास उपयोगी बताया गया है।

इसके साथ ही यह आसन श्वसन प्रणाली के लिए भी लाभकारी माना जाता है, क्योंकि गहरी साँस लेने की प्रक्रिया फेफड़ों की क्षमता को बेहतर करती है।

किन्हें सावधानी बरतनी चाहिए

हालाँकि मकरासन अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित है, फिर भी कुछ परिस्थितियों में इससे बचने की सलाह दी जाती है। गंभीर चोट, हालिया सर्जरी और गर्भावस्था के दौरान यह आसन नहीं करना चाहिए। किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में योग्य योग प्रशिक्षक या चिकित्सक से परामर्श लेना उचित होगा।

नियमित अभ्यास का महत्व

आधुनिक जीवनशैली में नींद की कमी और मानसिक तनाव तेज़ी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में मकरासन जैसे सरल योगासन का प्रतिदिन अभ्यास एक किफ़ायती और प्रभावी विकल्प साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने से दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि गंभीर अनिद्रा या चिंता विकार के लिए योग सहायक उपाय है, न कि चिकित्सकीय उपचार का विकल्प। भारत में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच अब भी सीमित है और योग को एकमात्र समाधान के रूप में प्रचारित करना इस असली समस्या से ध्यान भटका सकता है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मकरासन क्या है और इसे कैसे करते हैं?
मकरासन एक योगासन है जिसमें पेट के बल लेटकर मगरमच्छ जैसी मुद्रा बनाई जाती है। इसमें गहरी और धीमी साँसें लेते हुए शरीर को पूरी तरह शिथिल छोड़ा जाता है, जिससे शरीर और मन दोनों को गहरा आराम मिलता है।
मकरासन से नींद की समस्या कैसे दूर होती है?
मकरासन के दौरान पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम सक्रिय होता है, जो स्ट्रेस हॉर्मोन कोर्टिसोल का स्तर घटाता है। इससे मन शांत होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है।
मकरासन के मुख्य स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
आयुष मंत्रालय के अनुसार, मकरासन पीठ और कमर दर्द, स्लिप डिस्क, हाई ब्लड प्रेशर, अनिद्रा और तनाव में राहत देता है। यह रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ाता है और श्वसन प्रणाली को भी लाभ पहुँचाता है।
मकरासन किन्हें नहीं करना चाहिए?
गर्भावस्था, गंभीर चोट और हालिया सर्जरी की स्थिति में मकरासन से बचने की सलाह दी जाती है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में पहले चिकित्सक या योग प्रशिक्षक से परामर्श लें।
मकरासन कमर दर्द में कैसे फायदेमंद है?
मकरासन रीढ़ की हड्डी की संरचना को संतुलित बनाए रखता है और उसमें लचीलापन लाता है। यह विशेष रूप से स्लिप डिस्क या स्पाइनल टेंशन से पीड़ित लोगों के लिए उपयोगी बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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