मालवीय नगर आग: जान बचाने वाले रोहित मुखिया को दिल्ली सरकार का सम्मान, ₹5 लाख सहायता और मुफ्त इलाज
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में मालवीय नगर की भीषण अग्निकांड के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों को बचाने वाले रोहित मुखिया को दिल्ली सरकार ने सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 जून 2025 को रोहित मुखिया के परिवार को तत्काल ₹5 लाख की अनुग्रह राशि देने और उनके पूर्ण स्वास्थ्य लाभ तक संपूर्ण चिकित्सा व्यय सरकार द्वारा वहन करने की घोषणा की। यह कदम उस साहसी युवक के प्रति सरकारी कृतज्ञता का प्रतीक है, जिसने आपदा की घड़ी में मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश की।
मुख्यमंत्री ने पत्र लिखकर की सराहना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रोहित मुखिया को व्यक्तिगत पत्र लिखकर उनके अदम्य साहस की प्रशंसा की। पत्र में उन्होंने लिखा, 'विपरीत परिस्थितियों में आपने जो साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय संवेदना दिखाई है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है। संकट की घड़ी में भी आपने धैर्य बनाए रखा और अपने दायित्व का निर्वहन किया। आपका यह साहस कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।' मुख्यमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि चिकित्सकों के प्रयासों और परिवार के स्नेह से रोहित शीघ्र ही स्वस्थ होकर अपने परिजनों के बीच लौटेंगे।
सरकारी सहायता का ऐलान
दिल्ली सरकार ने रोहित मुखिया के उपचार और परिवार की सहायता के लिए ₹5 लाख की अनुग्रह राशि तत्काल प्रभाव से जारी करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, पूर्ण स्वास्थ्य लाभ होने तक उनका समस्त चिकित्सा खर्च सरकार वहन करेगी। संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि रोहित को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ और उनके इलाज में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे।
सीएमओ का आधिकारिक बयान
दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के आधिकारिक एक्स हैंडल पर जारी पोस्ट में कहा गया, 'मालवीय नगर में आग लगने की दुखद घटना के दौरान रोहित मुखिया ने कई लोगों की जान बचाकर असाधारण साहस और इंसानियत का परिचय दिया। उन्होंने कर्तव्य और संवेदना की एक प्रेरणादायक मिसाल कायम की है।' यह बयान सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया और नागरिकों ने रोहित के साहस की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
रोहित मुखिया की बहादुरी
मालवीय नगर अग्निकांड के दौरान रोहित मुखिया ने बिना अपनी परवाह किए आग की लपटों के बीच कई लोगों की जान बचाई। इस साहसिक कार्य के दौरान वे स्वयं घायल हो गए और अभी उपचाराधीन हैं। गौरतलब है कि इस प्रकार की आपदाओं में नागरिकों का स्वतःस्फूर्त साहस अक्सर प्रशासनिक तंत्र से भी आगे निकल जाता है।
आगे की राह
दिल्ली सरकार के इस कदम से न केवल रोहित मुखिया के परिवार को राहत मिलेगी, बल्कि यह संदेश भी जाएगा कि साहसी नागरिकों को सरकारी समर्थन और सम्मान मिलता है। संबंधित अधिकारियों द्वारा सहायता राशि और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाएगी, और रोहित के स्वस्थ होने पर उन्हें विधिवत सम्मानित किए जाने की भी संभावना है।