ममता बनर्जी के कालीघाट आवास पर चाकू लेकर पहुंची महिला, टीएमसी ने बताई बड़ी सुरक्षा चूक
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 की शाम करीब शाम 6 बजे एक चाकूधारी महिला के पहुंचने की घटना ने पश्चिम बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टीएमसी ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक करार देते हुए तत्काल जांच की माँग की है।
क्या हुई पूरी घटना
शिकायत के अनुसार, तनिष्ठा साहा नाम की महिला, जिसे कथित तौर पर एक सिविक वॉलंटियर और नशे की आदी बताया गया है, मंगलवार शाम लगभग 6 बजे ममता बनर्जी के आवास पर हिंसक तरीके से पहुंची। आरोप है कि उसने चाकू लेकर पूर्व मुख्यमंत्री पर हमला करने का प्रयास किया और खुद को उनका रिश्तेदार बताते हुए हंगामा किया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि महिला कथित तौर पर नशे की हालत में अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही थी, सड़क पर लेट गई और पूर्व मुख्यमंत्री के करीब पहुंचने की बार-बार कोशिश की। कालीघाट थाने में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173 के तहत मामला दर्ज करने और घटना से जुड़े फोटो व वीडियो के आधार पर जांच शुरू करने का अनुरोध किया गया है।
टीएमसी नेता साकेत गोखले ने जताई साजिश की आशंका
टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद साकेत गोखले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, 'चौंकाने वाली खबर। एक नशे की आदी महिला आज ममता बनर्जी के आवास पर पहुंची और उन पर चाकू से हमला करने की कोशिश की।'
गोखले ने सवाल उठाया कि क्या यह ममता बनर्जी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए रची गई कोई सुनियोजित साजिश थी। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में शिकायत दर्ज करा दी गई है और अब पुलिस की कार्रवाई पर नज़र रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
गोखले ने इस घटना को पश्चिम बंगाल की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता बताया। उन्होंने कहा कि जहाँ जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त और तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं ममता बनर्जी के आवास तक एक चाकूधारी व्यक्ति पहुंच सकता है, वहाँ आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
टीएमसी ने भी इस घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि जेड-प्लस सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री के आवास के मुख्य प्रवेश द्वार तक किसी का इस तरह पहुंचना अत्यंत गंभीर है और इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल कालीघाट थाने की पुलिस मामले की सभी दिशाओं में जांच कर रही है। घटनास्थल के फोटो और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पड़ताल की जा रही है। गौरतलब है कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी सर्वोच्च सुरक्षा घेरे में रहती हैं, जिससे इस चूक की गंभीरता और बढ़ जाती है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में राजनीतिक तनाव का माहौल पहले से बना हुआ है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच के नतीजे और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ इस मामले की दिशा तय करेंगी।