एशियन गेम्स 2026 गोल्ड पर पुरी के सैंड आर्टिस्ट मानस साहू ने 44 मिनट में रचा अनूठा जश्न
सारांश
मुख्य बातें
अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मानस कुमार साहू ने 4 अक्टूबर 2026 को ओडिशा के पुरी स्थित अपने स्टूडियो में भारतीय महिला हॉकी टीम की एशियन गेम्स 2026 स्वर्ण पदक जीत का जश्न एक विशेष सैंड एनिमेशन कलाकृति बनाकर मनाया। खास बात यह रही कि इस कलाकृति को पूरा करने में उन्हें ठीक 44 मिनट लगे — उतने ही मिनट, जितने साल बाद भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 वर्षों के लंबे इंतज़ार को तोड़कर यह खिताब अपने नाम किया।
44 मिनट — 44 साल का प्रतीकात्मक जश्न
मानस कुमार साहू की इस कलाकृति में भारतीय महिला हॉकी टीम को मैदान पर और स्टेडियम को दर्शकों से भरा हुआ दिखाया गया है, जिसमें सभी 'टीम इंडिया' को चीयर करते और अभिनंदन देते नज़र आते हैं। उन्होंने इस सैंड एनिमेशन में 'बधाई हो, चैंपियंस!' और 'इंडियन हॉकी की क्वीन्स को सलाम!' जैसे नारे भी उकेरे।
साहू ने कहा, "यह बहुत ही खुशी का माहौल है कि भारतीय महिला हॉकी टीम ने 44 साल के बाद स्वर्ण पदक जीता है। हम सभी लोग महिला खिलाड़ियों को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाई देते हैं। इस अवसर पर मैंने पुरी में एक सैंड एनिमेशन बनाया है। इसको बनाने में हमें भी 44 मिनट लगे हैं।"
उन्होंने आगे जोड़ा, "इस सैंड एनिमेशन में हमने हॉकी टीम को दिखाया है और पूरे स्टेडियम को भरा हुआ दिखाया है। इसमें सभी टीम इंडिया को चीयर्स कर रहे हैं और अभिनंदन दे रहे हैं। हम लोग आशा करते हैं कि यह एनिमेशन सभी को बहुत पसंद आएगा।"
44 साल बाद एशियन गेम्स में स्वर्ण
एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को 1 0 से पराजित कर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले टीम ने 1982 में एशियन गेम्स में आखिरी बार गोल्ड मेडल जीता था। 1998 में टीम ने रजत पदक हासिल किया था और 2018 में फाइनल तक का सफर तय किया था, लेकिन शीर्ष सम्मान हाथ नहीं आया था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला हॉकी लगातार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पकड़ मज़बूत कर रही है। गौरतलब है कि इस जीत के साथ ही टीम ने लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है — जो इस उपलब्धि को और भी अहम बनाता है।
मानस साहू की कला — राष्ट्रीय गौरव का कैनवास
मानस कुमार साहू अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाने वाले सैंड आर्टिस्ट हैं, जो राष्ट्रीय और सामाजिक विषयों पर बालू कला के माध्यम से संदेश देने के लिए जाने जाते हैं। पुरी का समुद्र तट और उनका स्टूडियो कई बार ऐसी कलाकृतियों का साक्षी रहा है, जो देश की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और घटनाओं को रेखांकित करती हैं।
इस बार उनकी कलाकृति की प्रतीकात्मकता विशेष रूप से उल्लेखनीय है — 44 मिनट में बनाई गई कृति, 44 साल के सूखे को समाप्त करने की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाती है।
आगे का रास्ता
इस स्वर्ण पदक के साथ भारतीय महिला हॉकी टीम अब 2028 ओलंपिक की तैयारी में जुट जाएगी, जहाँ उनसे पदक की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। खेल प्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह जीत टीम के मनोबल और युवा खिलाड़ियों की प्रेरणा के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।