'मन की बात' में PM मोदी ने आम उत्पादक किसानों को बताया 'बेहद खास', हापुस से जर्दालू तक की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 मई 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देशभर के आम उत्पादक किसानों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि उनकी अथक मेहनत और लगन के कारण ही 'फलों का राजा' हर गर्मी में लाखों परिवारों की थाली तक पहुँचता है। उन्होंने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, 'आप देश की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए आम किसान नहीं, बल्कि बहुत विशेष हैं।'
आम की विविध किस्मों का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में गर्मियों का मौसम शुरू होते ही हर घर में आम की चर्चा छिड़ जाती है। उन्होंने देश के अलग-अलग क्षेत्रों की प्रसिद्ध किस्मों का नाम लेते हुए कहा, 'हर इलाके का अपना आम, अपना स्वाद और अपनी खुशबू होती है। महाराष्ट्र और कोंकण का हापुस (अल्फांसो), गुजरात का केसर, उत्तर प्रदेश का दशहरी और मेरी काशी का लंगड़ा आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।'
मोदी ने लंगड़ा आम की एक विशेषता का विशेष उल्लेख करते हुए बताया कि पकने के बाद भी यह किस्म अक्सर हरी ही रहती है। उन्होंने बिहार के जर्दालू आम की सुगंध की सराहना करते हुए कहा कि उसकी खुशबू दूर से ही पहचान में आ जाती है। इसके अलावा उन्होंने चौसा और मालदा जैसी प्रसिद्ध किस्मों का भी जिक्र किया।
दक्षिण भारत और पूर्वी राज्यों की किस्में
प्रधानमंत्री ने दक्षिण भारत की किस्मों का भी उल्लेख किया — बंगनपल्ली, तोतापुरी, नीलम और मलगोवा — और कहा कि इनकी अपनी अलग पहचान है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के हिमसागर तथा ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सुवर्णरेखा आम की लोकप्रियता का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा, 'जगह बदलती है तो आम का रूप, रंग और स्वाद भी बदल जाता है। यही भारत की विविधता की खूबसूरती है।'
वैश्विक बाज़ार में भारतीय आम की बढ़ती पहचान
प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि भारतीय आमों की पहुँच अब केवल गाँवों और स्थानीय बाज़ारों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे वैश्विक बाज़ारों में भी अपनी जगह बना रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने कृषि निर्यात को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
किसानों के लिए प्रोत्साहन का संदेश
मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से आम की खेती से जुड़े किसान भाई-बहनों को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'ऐसे ही छाए रहिए।' प्रधानमंत्री के इस संदेश को कृषि समुदाय के उत्साहवर्धन और भारतीय कृषि की बहुरंगी विविधता को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि 'मन की बात' कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री नियमित रूप से देश के विभिन्न वर्गों की उपलब्धियों को राष्ट्रीय मंच पर रेखांकित करते हैं।