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क्या ‘मन की बात’ में उड़ीसा के किसान हिरोद का जिक्र हुआ? पीएम मोदी की किसानों के प्रति सोच प्रेरणादायक

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क्या ‘मन की बात’ में उड़ीसा के किसान हिरोद का जिक्र हुआ? पीएम मोदी की किसानों के प्रति सोच प्रेरणादायक

सारांश

किसान हिरोद पटेल ने पीएम मोदी की 'मन की बात' में अपनी खेती और प्रेरणा साझा की। जानिए कैसे उन्होंने पारंपरिक खेती से आधुनिक तकनीक की ओर कदम बढ़ाए। उनके अनुभव और सफलता की कहानी एक प्रेरणा है।

मुख्य बातें

हिरोद पटेल ने पारंपरिक खेती से आधुनिक तकनीक की ओर कदम बढ़ाया।
तालाबों का उपयोग करके फसल उत्पादन में वृद्धि की जा सकती है।
किसानों की आय दोगुनी करने की सोच महत्वपूर्ण है।
सरकारी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है।
मेहनत ही सफलता की कुंजी है।

नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 131वें एपिसोड में उड़ीसा के उन्नतशील किसान हिरोद पटेल का उल्लेख किया। हिरोद पटेल सुंदरगढ़ के चांगरपल ब्लॉक के गांव रतंसुर के निवासी हैं।

पीएम ने कहा कि ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल से जुड़ी जानकारी वास्तव में प्रेरणादायक है। लगभग आठ साल पहले तक वे अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक ढंग से धान की खेती करते थे, लेकिन उन्होंने खेती को नए दृष्टिकोण से देखने का निर्णय लिया। हिरोद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की किसानों के प्रति सोच वास्तव में प्रेरणादायक है।

उन्नतशील किसान हिरोद पटेल ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत के दौरान अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान उन्होंने स्पष्टता के साथ सवालों के जवाब दिए। बातचीत के अंश इस प्रकार हैं…

सवाल: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में आपकी खेती का उल्लेख किया। आप पहले धान की खेती करते थे, अब नई तकनीक से तालाब के ऊपर क्यारी बनाकर लतेदार सब्जियों की खेती कर रहे हैं। यह सोच कैसे विकसित हुई?

जवाब: मैंने ज्यादा पढ़ाई नहीं की है, केवल मैट्रिक तक पढ़ाई की है। मेरे माता-पिता पहले से एक एकड़ में पारंपरिक खेती करते थे। मैं भी उनके साथ खेती में शामिल हो गया। 2015 में मैंने तकनीकी तरीकों को अपनाना शुरू किया और अनुभव प्राप्त किया। 2018 से मैंने पूरी तरह से आधुनिक खेती करने का निर्णय लिया। मैंने तीन तालाब बनाए। जमीन की कमी को देखते हुए, मैंने सोचा कि कम जगह में ज्यादा आमदनी कैसे हो? प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कि किसानों की आय दोगुनी होनी चाहिए। उसी सोच के तहत मैंने तालाबों का उपयोग खेती में करना शुरू किया।

सवाल: तालाब का उपयोग कैसे करते हैं?

जवाब: तालाब से सिंचाई के लिए पानी लेता हूं और उसके ऊपर मेढ़ बनाकर लतेदार फसलें जैसे लौकी आदि लगाता हूं। इससे कम जगह का बेहतर उपयोग होता है। मैं एक तालाब में सब्जी की खेती करता हूं। अन्य जगहों पर फलदार केला और अन्य सब्जियां लगाई हैं।

सवाल: आपको प्रेरणा कहां से मिली?

जवाब: प्रेरणा मेरे पिताजी से मिली। साथ ही प्रधानमंत्री की किसानों के प्रति जो सोच है, वह भी प्रेरणादायक है।

सवाल: जब ‘मन की बात’ में आपका नाम लिया गया, तब आपको पता था?

जवाब: नहीं, मुझे बिल्कुल जानकारी नहीं थी। जब प्रधानमंत्री मोदी ने मेरा नाम लिया, तब मैं पटना में था। मुझे बहुत खुशी हुई। मैं यही कहना चाहता हूं कि मेहनत करें। मेहनत से ही सफलता मिलती है।

सवाल: आप और कौन-कौन सी खेती करते हैं?

जवाब: मैं लगभग 5 प्रकार की फसलें उगाता हूं। धान, केला, बेर, और कई तरह की सब्जियां उगाता हूं। औसतन 4 से 5 लाख रुपए तक आय हो जाती है, हालाँकि यह फसल पर निर्भर करता है। मुझे सरकार की कई योजनाओं का लाभ मिला है। संस्थागत सहायता और सरकारी योजनाओं से काफी मदद मिलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताती है कि कैसे एक युवा किसान तकनीकी बदलाव के माध्यम से अपने भविष्य को उज्जवल बना सकता है। यह कहानी देश के किसानों के लिए एक प्रेरणा है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हिरोद पटेल ने खेती में नई तकनीक कैसे अपनाई?
हिरोद पटेल ने 2015 में तकनीकी तरीकों को अपनाना शुरू किया और 2018 से पूरी तरह से आधुनिक खेती करने लगे।
तालाब का उपयोग किस प्रकार से किया जाता है?
तालाब से सिंचाई के लिए पानी लिया जाता है और उसके ऊपर मेढ़ बनाकर लतेदार फसलें लगाई जाती हैं।
हिरोद पटेल को प्रेरणा कहाँ से मिली?
उन्हें प्रेरणा उनके पिताजी और प्रधानमंत्री मोदी की किसानों के प्रति सोच से मिली।
राष्ट्र प्रेस
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