मन की बात के 138वें एपिसोड में PM मोदी बोले — जनगणना राष्ट्रीय दायित्व, 32 करोड़ परिवारों की जानकारी दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2026 को 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में देशवासियों को सूचित किया कि भारत की जनगणना का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है और अब तक 32 करोड़ से अधिक परिवारों की जानकारी दर्ज की जा चुकी है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि जनगणना में भागीदारी सुनिश्चित करना हम सबका राष्ट्रीय दायित्व है।
पहले चरण की स्थिति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'इन दिनों देश की एक बहुत बड़ी तस्वीर तैयार हो रही है। इस तस्वीर में आप भी हैं, आपका परिवार भी है और आपके अड़ोस-पड़ोस के लोग भी हैं।' उन्होंने बताया कि देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में जनगणना का पहला चरण लगभग सम्पन्न हो चुका है।
अब तक 2 करोड़ 60 लाख से अधिक नागरिक मोबाइल के माध्यम से जनगणना पोर्टल पर स्व-गणना कर चुके हैं। यह आँकड़ा डिजिटल भागीदारी के लिहाज़ से उल्लेखनीय है।
दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना
मोदी ने बताया कि लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के बर्फीले और दुर्गम इलाकों में भी जनगणना का कार्य जारी है। उन्होंने उत्तराखंड के चमोली ज़िले के माणा गाँव — जिसे देश का पहला गाँव कहा जाता है — का विशेष उल्लेख किया।
मोदी के अनुसार, माणा गाँव में जनगणना की शुरुआत 83 वर्षीय पूर्णिमा रावत से हुई। इसके अलावा, उत्तरकाशी के बगोरी गाँव में होम स्टे संचालक हरदेव सिंह राणा ने डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की, जो डिजिटल जनगणना की भावना का प्रतीक बनी।
ऑनलाइन स्व-गणना की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री ने नागरिकों को ऑनलाइन जनगणना पोर्टल का उपयोग करने का तरीका समझाया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में मात्र 15 से 20 मिनट का समय लगता है और कोई दस्तावेज़ अपलोड नहीं करना होता। पोर्टल पर मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद स्थान व परिवार की जानकारी भरकर सबमिट किया जा सकता है।
सूचना सबमिट करने पर एक विशेष आईडी मिलती है, जिसे गणनाकर्मी के घर आने पर साझा किया जा सकता है। यह सुविधा हिंदी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है।
15 अगस्त की अपील से जोड़
गौरतलब है कि मोदी ने 15 अगस्त 2026 को लाल किले से भी देशवासियों से जनगणना में भागीदारी का आग्रह किया था। 'मन की बात' में यह दूसरी बार है जब उन्होंने इस विषय को केंद्र में रखा, जो इस अभियान को सरकार की प्राथमिकता के रूप में रेखांकित करता है।
यह ऐसे समय में आया है जब वर्ष 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण लंबे समय तक स्थगित रही थी। मौजूदा जनगणना नीति-निर्माण, कल्याण योजनाओं और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन के लिए अनिवार्य आधार तैयार करेगी।
आगे क्या होगा
पहले चरण के पूरा होने के बाद दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें घर-घर जाकर जनगणनाकर्मी जानकारी सत्यापित करेंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अभी से ऑनलाइन स्व-गणना कर अपनी आईडी तैयार रखें, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुगम हो सके।