मन की बात के 135वें एपिसोड में PM मोदी ने नांदेड़ के पेठकर परिवार को सराहा, ₹20 में बीमा योजना का किया आह्वान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून 2026 को अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 135वें एपिसोड में महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के बहादुरपुरा गाँव के पेठकर परिवार की अनूठी पहल की प्रशंसा की। इस परिवार ने अपने घर में विवाह समारोह के अवसर पर गाँव के करीब 3,500 लोगों को ₹1 लाख का दुर्घटना बीमा कवर उपहार स्वरूप दिया। मोदी ने इस पहल को समाज के लिए अनुकरणीय बताते हुए नागरिकों से सरकारी बीमा योजनाओं से जुड़ने और इनकी जानकारी अपने परिचितों तक पहुँचाने की अपील की।
पेठकर परिवार की अनूठी पहल
मोदी ने कार्यक्रम में कहा, 'हमारे देश में जन्मदिन, शादी-ब्याह, पारिवारिक कार्यक्रम होने के साथ ही पूरे समाज का भी उत्सव होता है। हर परिवार चाहता है कि उसकी खुशियाँ दूसरे के साथ भी साझा हों।' उन्होंने बताया कि नांदेड़ के बहादुरपुरा गाँव के पेठकर परिवार ने विवाह के अवसर पर यह सोचा कि यदि खुशी बाँटनी है, तो ऐसी चीज़ दी जाए जो मुश्किल वक्त में किसी के काम आए। इसी भावना के तहत परिवार ने गाँव के लगभग 3,500 लोगों के लिए दुर्घटना बीमा की व्यवस्था की और प्रत्येक व्यक्ति को ₹1 लाख का बीमा कवर प्रदान किया।
मोदी ने इस पहल के पीछे की भावना को रेखांकित करते हुए कहा, 'परिवार ने देखा था कि दुर्घटना के बाद परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में एक छोटी सी सहायता भी बहुत बड़ा संबल बन जाती है।'
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: आँकड़े और असर
मोदी ने प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का विवरण देते हुए बताया कि मात्र ₹20 के वार्षिक प्रीमियम पर ₹2 लाख तक का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है। उन्होंने कहा कि अब तक इस योजना से 58 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जिनमें करीब 28 करोड़ महिलाएँ और बेटियाँ शामिल हैं। योजना के अंतर्गत पीड़ित परिवारों को अब तक ₹3,700 करोड़ से अधिक की सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का महत्त्व
मोदी ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का भी उल्लेख किया, जो किसी व्यक्ति की असामयिक मृत्यु पर उसके परिवार को ₹2 लाख का बीमा कवर प्रदान करती है। इस योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र ₹436 है — यानी प्रतिदिन डेढ़ रुपये से भी कम। उन्होंने बताया कि इस योजना से 57 करोड़ से अधिक लोग जुड़े हैं और देश के करीब 11 लाख परिवारों को ₹22,000 करोड़ से अधिक की सहायता मिल चुकी है।
यह ऐसे समय में आया है जब सरकार वित्तीय समावेश को सामाजिक सुरक्षा के मुख्य स्तंभ के रूप में स्थापित करने पर जोर दे रही है। गौरतलब है कि ये दोनों योजनाएँ 2015 में शुरू की गई थीं और इनके लाभार्थियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है।
आम जनता पर असर
मोदी ने कहा कि इन आँकड़ों के पीछे लाखों परिवारों की अपनी-अपनी कहानियाँ हैं — कहीं किसी माँ को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में सहायता मिली, तो कहीं किसी पत्नी को घर की जिम्मेदारियाँ संभालने का सहारा मिला। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इन योजनाओं की जानकारी अपने परिवार, पड़ोसियों और मित्रों तक पहुँचाएँ।
आगे की राह
मोदी ने अपने संदेश का समापन करते हुए कहा, 'कई बार बहुत बड़ी सुरक्षा की शुरुआत बहुत छोटी राशि और एक छोटे से कदम से हो सकती है। छोटा सा भी निर्णय बहुत बड़ा बदलाव करता है।' यह संदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए जन-जागरूकता को प्रमुख माध्यम बनाया जा रहा है।