त्रिपुरा ने ‘मन की बात’ में फिर से हासिल किया शीर्ष स्थान, सीएम ने जल जीवन मिशन की उपलब्धियाँ साझा कीं

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त्रिपुरा ने ‘मन की बात’ में फिर से हासिल किया शीर्ष स्थान, सीएम ने जल जीवन मिशन की उपलब्धियाँ साझा कीं

सारांश

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा ने ‘मन की बात’ में भागीदारी में राज्य की सफलता की घोषणा की। कार्यक्रम में पेयजल नवाचारों और जल जीवन मिशन की प्रगति पर चर्चा हुई। जानें, कैसे त्रिपुरा ने इस पहल से बदलाव लाए हैं।

मुख्य बातें

त्रिपुरा ने ‘मन की बात’ में पहला स्थान प्राप्त किया।
प्रधानमंत्री ने जल जीवन मिशन की उपलब्धियों की सराहना की।
पेयजल उपलब्धता में नवाचारों का योगदान।
सीएम साहा ने जल जीवन मिशन के लक्ष्यों पर जोर दिया।
राज्य में नल का पानी पहुंचाने की दर में वृद्धि।

अगरतला, २९ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री मणिक साहा ने रविवार को घोषणा की कि राज्य ने एक बार फिर ‘मन की बात’ में भागीदारी के मामले में देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम है।

अगरतला के बरजला क्षेत्र में ‘मन की बात’ के 132वें एपिसोड को सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार के प्रसारण में दूर-दराज के क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के नवाचारों पर विशेष ध्यान दिया गया।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उत्तर त्रिपुरा जिले के जंपुई हिल्स स्थित वांगमुं गांव का उल्लेख किया, जहां अब स्थानीय लोगों को पेयजल की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो रही है।

सीएम साहा ने कहा, “पहले वांगमुं के निवासियों को पीने के पानी के लिए कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नवाचारों के माध्यम से इस समस्या को हल कर दिया गया है, जो त्रिपुरा के लिए गर्व की बात है।”

उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम देशभर में सकारात्मक प्रयासों को उजागर करने का मंच है, जिसमें स्वास्थ्य जागरूकता, कृषि, मत्स्य पालन और खेल जैसे विषयों पर चर्चा होती है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के बीच तेल की खपत को कम करने और नियमित व्यायाम को बढ़ावा देने जैसे मुद्दों को भी महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, विशेषकर मुफ्त बिजली जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण और शरणार्थी समुदायों को लाभ मिल रहा है, जिससे शिक्षा और कृषि उत्पादकता में सुधार हो रहा है।

जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रगति पर जोर देते हुए साहा ने कहा कि २०१८ में राज्य में केवल ३ प्रतिशत घरों तक नल का पानी पहुंचता था, जो अब बढ़कर लगभग ८६ प्रतिशत हो गया है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्राकृतिक जल स्रोतों की सीमित उपलब्धता जैसी चुनौतियों के बावजूद, राज्य जल्द ही १०० प्रतिशत कवरेज प्राप्त कर लेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “नवाचार और निरंतर प्रयासों के माध्यम से हम आने वाले समय में जल जीवन मिशन को पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

इस अवसर पर राज्य विधानसभा की मुख्य सचेतक कल्याणी साहा रॉय सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल राज्य के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत हुई प्रगति को दर्शाते हुए समाज के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
RashtraPress
17 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा ने ‘मन की बात’ में पहले स्थान कैसे प्राप्त किया?
त्रिपुरा ने ‘मन की बात’ में भागीदारी के मामले में नवाचारों और पेयजल उपलब्धता में सुधार के जरिए पहला स्थान हासिल किया।
जल जीवन मिशन का क्या महत्व है?
जल जीवन मिशन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की पहुंच बढ़ाना और जीवन स्तर में सुधार करना है।
मुख्यमंत्री ने किस गांव का उल्लेख किया?
मुख्यमंत्री ने उत्तर त्रिपुरा जिले के वांगमुं गांव का उल्लेख किया, जहां पेयजल की सुविधा में सुधार हुआ है।
‘मन की बात’ कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
‘मन की बात’ कार्यक्रम का उद्देश्य देशभर में सकारात्मक प्रयासों को उजागर करना है।
त्रिपुरा में नल का पानी कितने प्रतिशत घरों तक पहुंचा?
त्रिपुरा में 2018 में केवल 3 प्रतिशत घरों तक नल का पानी पहुंचता था, जो अब बढ़कर लगभग 86 प्रतिशत हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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