मासिक धर्म में असामान्य रक्तस्राव? जानें आयुर्वेदिक उपचार और रोकथाम के उपाय
सारांश
Key Takeaways
- मेनोरेजिया एक सामान्य समस्या है जो सही उपायों से नियंत्रित की जा सकती है।
- आयुर्वेदिक नुस्खे जैसे आंवला का जूस और अशोका की छाल उपयोगी हैं।
- स्वच्छता और उचित खान-पान का ध्यान रखना आवश्यक है।
- तनाव और गुस्से से बचना चाहिए।
- हल्की व्यायाम से शारीरिक सक्रियता बनाए रखें।
नई दिल्ली, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मासिक धर्म के दौरान जब रक्तस्राव अत्यधिक या असामान्य हो, तो इसे मेनोरेजिया कहा जाता है। इसे समझना आवश्यक है क्योंकि यह केवल शरीर की कमजोरी का संकेत नहीं, बल्कि जीवनशैली और आहार संबंधी आदतों से भी संबंधित होता है। मेनोरेजिया या असामान्य रक्तस्राव को नियंत्रित करना कोई कठिन कार्य नहीं है। उचित आहार, स्वच्छता, हल्की व्यायाम और आयुर्वेदिक घरेलू उपाय इसको संतुलित करने में सहायक होते हैं।
आयुर्वेद में इसे नियंत्रित करने के लिए कुछ प्रभावी नुस्खे उपलब्ध हैं। जैसे, यदि आंवला का जूस गुनगुना करके गुड़ के साथ दिन में दो बार लिया जाए, तो यह रक्तस्राव को संतुलित करने में मददगार साबित होता है। इसी प्रकार, कच्चे केले का पेस्ट गुड़ के साथ लेना या यष्टिमधु (मुलेठी) का पाउडर चावल के पानी के साथ लेना भी लाभदायक होता है। कुछ महिलाएं अशोका की छाल को उबालकर दूध में मिलाकर पीती हैं, जिससे मासिक धर्म का समय नियमित रहता है और रक्त का बहाव नियंत्रित होता है। इन उपायों को लगभग १-२ हफ्ते तक लगातार करने की सलाह दी जाती है, जब तक लक्षण कम नहीं हो जाते।
इसके अलावा, खान-पान और जीवनशैली पर ध्यान देना भी अत्यंत आवश्यक है। गर्म और पौष्टिक भोजन, संतुलित आहार, हरी सब्जियां, फलों, दूध और घी का सेवन करना फायदेमंद होता है। मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें; कपड़े और सैनिटरी पैड को स्वच्छ रखें और पानी का उपयोग साफ पानी से करें। हल्की व्यायाम और घरेलू कामकाज करना शरीर को सक्रिय रखता है और मासिक धर्म के दौरान थकान को कम करता है।
मासिक धर्म के दौरान गुस्सा, तनाव, झगड़ा या अधिक शारीरिक श्रम से बचें। हल्की पेट दर्द या शरीर में दर्द के लिए तुरंत दवा लेने की बजाय घरेलू नुस्खे अपनाएं, जैसे जीरा पाउडर को गर्म दूध में मिलाकर पीना या दर्द वाली जगह पर हॉट वॉटर बैग रखना। बहुत मसालेदार, तैलीय, भारी, खट्टा या नमकीन भोजन से परहेज करें।