17 अक्टूबर 2026
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केतन अग्रवाल हत्याकांड: पिता विशाल ने मेरठ फैसले का स्वागत किया, उज्ज्वल निकम की नियुक्ति पर सीएम को धन्यवाद

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: पिता विशाल ने मेरठ फैसले का स्वागत किया, उज्ज्वल निकम की नियुक्ति पर सीएम को धन्यवाद

सारांश

केतन अग्रवाल हत्याकांड के पिता विशाल अग्रवाल के लिए मेरठ का फाँसी का फैसला उम्मीद की किरण बना। उज्ज्वल निकम की नियुक्ति और फास्ट ट्रैक कोर्ट के आश्वासन के साथ, वे अब आरोपी सिया और चेतन चौधरी को भी फाँसी दिलाने की उम्मीद रखते हैं।

मुख्य बातें

विशाल अग्रवाल ने मेरठ अदालत के डांगराली गाँव हत्याकांड में फाँसी के फैसले का स्वागत किया और न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया।
उनके पुत्र केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून 2026 को हुई थी; आरोपी सिया और चेतन चौधरी हैं।
मुख्यमंत्री ने दो दिनों के भीतर वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया।
केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया गया; चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है।
विशाल अग्रवाल ने दोनों आरोपियों के लिए फाँसी की सजा की माँग की और न्यायालय से शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया।

पुणे में 17 अक्टूबर 2026 को कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड के पीड़ित पक्ष के पिता विशाल अग्रवाल ने मेरठ की अदालत द्वारा एक अलग हत्या मामले में सुनाए गए फाँसी के फैसले का स्वागत किया और न्यायपालिका, पुलिस तथा राज्य सरकार पर अपना भरोसा व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया, जिन्होंने उनकी माँग पर वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया और केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वासन दिया।

मेरठ फैसले से जागी उम्मीद

विशाल अग्रवाल ने शनिवार को बताया कि मेरठ की अदालत ने डांगराली गाँव से जुड़े हत्या मामले में दोषियों को फाँसी की सजा सुनाई है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा फिर से बहाल हो रहा है। उनके अनुसार, जिस तरह साक्ष्यों के आधार पर दोषियों को कड़ी सजा मिली, उससे पीड़ित परिवारों को इंसाफ मिला है।

उन्होंने कहा, 'मेरठ के न्यायाधीश, वहाँ की पुलिस, आयुक्तालय और पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की मेहनत से सभी दोषियों को फाँसी की सजा हुई है। इस फैसले से पूरे समाज में एक नया संदेश जाएगा।'

केतन हत्याकांड की पृष्ठभूमि

विशाल अग्रवाल के पुत्र केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून 2026 को हुई थी। इस मामले में आरोपी सिया और चेतन चौधरी हैं। विशाल अग्रवाल के अनुसार, हत्या के तुरंत बाद से ग्रामीण पुलिस आयुक्तालय ने उन्हें पूरा सहयोग दिया और जाँच पूरी तन्मयता से की गई। मामले में चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है।

यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में हत्या के मामलों में त्वरित न्याय की माँग तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि फास्ट ट्रैक अदालतों के ज़रिये गंभीर अपराधों में शीघ्र निर्णय की नीति को सरकारें प्राथमिकता दे रही हैं।

मुख्यमंत्री से मिली दोहरी राहत

विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर दो माँगें रखी थीं — स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की नियुक्ति और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई। मुख्यमंत्री ने दोनों माँगें तत्काल स्वीकार कर लीं। इसके बाद दो दिनों के भीतर वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त कर दिया गया।

विशाल ने कहा, 'मैं मुख्यमंत्री जी का हाथ जोड़कर शुक्रिया करना चाहता हूँ। उन्होंने अपने वचन के अनुसार दो दिन में उज्ज्वल निकम की नियुक्ति कर दी और फास्ट ट्रैक में केस चलाने का आश्वासन भी दिया। यह उपकार मैं कभी नहीं भूलूँगा।'

फाँसी की सजा की माँग और सामाजिक संदेश

विशाल अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि सिया और चेतन चौधरी को भी फाँसी की सजा मिलेगी। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया कि इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी की जाए।

उन्होंने कहा कि इस तरह के कड़े फैसलों से समाज में एक स्पष्ट संदेश जाता है कि किसी निर्दोष की हत्या करना अब आसान नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे निर्णय भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने में सहायक होंगे। उन्होंने उज्ज्वल निकम से भी यह उम्मीद जताई कि वे इस मामले को पूरी दक्षता के साथ लड़ेंगे।

आगे की राह

केस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में जाने की प्रक्रिया में है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। उज्ज्वल निकम की नियुक्ति के बाद अभियोजन पक्ष को मज़बूती मिलने की उम्मीद है। पीड़ित परिवार को अब न्यायालय में शीघ्र सुनवाई और अंतिम फैसले का इंतज़ार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह मामला एक बड़े सवाल की ओर भी इशारा करता है — क्या पीड़ित परिवारों को न्याय के लिए हर बार मुख्यमंत्री तक पहुँचने की ज़रूरत होनी चाहिए? उज्ज्वल निकम जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता की नियुक्ति स्वागत योग्य है, पर यह व्यवस्था तभी टिकाऊ होगी जब फास्ट ट्रैक कोर्ट और विशेष अभियोजन की सुविधा सिर्फ चर्चित मामलों तक सीमित न रहे। मेरठ के फैसले से उपजी उम्मीद तभी सार्थक होगी जब यह अपवाद नहीं, बल्कि नियम बने।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड क्या है?
केतन अग्रवाल एक कारोबारी थे, जिनकी हत्या 18 जून 2026 को हुई थी। इस मामले में आरोपी सिया और चेतन चौधरी हैं। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और केस अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में जाने की प्रक्रिया में है।
उज्ज्वल निकम को इस केस में क्यों नियुक्त किया गया?
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर की माँग की थी। मुख्यमंत्री ने दो दिनों के भीतर वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त कर दिया।
मेरठ का वह फैसला कौन-सा है जिसका विशाल अग्रवाल ने स्वागत किया?
मेरठ की अदालत ने डांगराली गाँव से जुड़े हत्या मामले में दोषियों को फाँसी की सजा सुनाई। विशाल अग्रवाल ने इसे न्याय व्यवस्था पर भरोसे की बहाली का संकेत बताया और उम्मीद जताई कि उनके बेटे के मामले में भी ऐसा ही फैसला आएगा।
विशाल अग्रवाल ने आरोपियों के लिए क्या सजा माँगी है?
विशाल अग्रवाल ने आरोपी सिया और चेतन चौधरी दोनों के लिए फाँसी की सजा की माँग की है। उन्होंने न्यायालय से अनुरोध किया है कि इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी की जाए।
केतन अग्रवाल केस में अब आगे क्या होगा?
चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और उज्ज्वल निकम स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के रूप में नियुक्त हो चुके हैं। मुख्यमंत्री ने फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का आश्वासन दिया है, जिससे मामले में शीघ्र निर्णय की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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