केतन अग्रवाल हत्याकांड: पिता विशाल का सिया के पाँच रिश्तेदारों पर साजिश का आरोप, फास्ट ट्रैक कोर्ट की माँग
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड में मृतक के पिता विशाल अग्रवाल ने 22 सितंबर 2026 को बड़ा बयान देते हुए मुख्य आरोपी सिया गोयल के पाँच परिजनों पर कथित साजिश में शामिल होने का संदेह जताया है। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष सरकारी वकील नियुक्त करने की माँग दोहराई है।
किन पाँच लोगों पर है संदेह
विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्हें अब तक चार्जशीट नहीं मिली है, इसलिए वे विस्तृत टिप्पणी बाद में करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, लेकिन वे चाहते हैं कि सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल, माँ पूजा प्रवीण गोयल, भाई साहिल प्रवीण गोयल, फूफा नरेंद्र जगन्नाथ मित्तल और बुआ रेनू नरेंद्र मित्तल की भी जाँच हो और यदि साक्ष्य मिलें तो उन्हें आरोपी बनाया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया, 'अगर इन पाँचों के नाम चार्जशीट में शामिल नहीं होंगे, तो मुख्यमंत्री फडणवीस से विनती करूँगा कि इस एंगल से जाँच कराकर सजा दिलाएँ।'
खाटू श्याम मंदिर में गुपचुप शादी का दावा
विशाल अग्रवाल ने एक अखबार में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि कथित तौर पर सिया और सह-आरोपी चेतन चौधरी ने खाटू श्याम मंदिर में पहले ही गुपचुप विवाह कर लिया था। उनका कहना है कि 'अगर यह सच है, तो सिया के परिजनों ने केतन से उसकी शादी क्यों कराने की कोशिश की — यह सवाल सीधे उनकी मंशा पर उँगली उठाता है।'
गौरतलब है कि केतन की हत्या 18 जून को हुई थी। अगले दिन 19 जून को फूल उठाने के कार्यक्रम में सिया के परिजन अग्रवाल परिवार के घर आए थे।
रेनू मित्तल के व्यवहार पर गंभीर आरोप
विशाल अग्रवाल ने बताया कि 19 जून के उस कार्यक्रम के दौरान जब सिया से हत्या के बारे में पूछा जाने लगा, तो रेनू मित्तल ने कथित तौर पर उँगली दिखाते हुए चिल्लाकर कहा, 'तूने कुछ बोला तो देख...।' इसके बाद वे सिया को धक्का देते हुए घर से बाहर ले गईं।
उन्होंने कहा कि यह व्यवहार इस बात का संकेत है कि रेनू मित्तल को डर था कि सिया उनका नाम न उजागर कर दे — यह आरोप उनके अनुसार मामले की जाँच का एक अहम पहलू है।
फाँसी और फास्ट ट्रैक कोर्ट की माँग
विशाल अग्रवाल ने सभी दोषियों को फाँसी की सजा देने की माँग रखी है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पहले भी यह माँग भेजी थी, लेकिन उनके अनुसार अभी तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। वे चाहते हैं कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो और विशेष सरकारी वकील के रूप में उज्ज्वल निकम को नियुक्त किया जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब केस की चार्जशीट दाखिल होने के बाद हत्याकांड एक नई कानूनी स्थिति में प्रवेश करने वाला है। परिवार को उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया में तेज़ी आएगी और सभी कथित षड्यंत्रकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।