केतन हत्याकांड: उज्ज्वल निकम बने विशेष लोक अभियोजक, सीएम फडणवीस के अनुरोध पर ली जिम्मेदारी
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के लोहागढ़ किले में हुए केतन हत्याकांड में राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर) नियुक्त किया गया है। 26 जून को स्वयं निकम ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनसे व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
मुख्यमंत्री का फोन और नियुक्ति की पृष्ठभूमि
उज्ज्वल निकम ने बताया कि जब वे अपने कार्यालय में थे, तब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया। फडणवीस ने उन्हें पुणे में हुई इस हत्या की गंभीरता से अवगत कराया और कहा कि यह मामला राज्य सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। निकम के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बताया कि पीड़ित अग्रवाल परिवार उनसे मिला था और परिवार ने न्याय सुनिश्चित करने के लिए इस मामले में विशेष ध्यान देने की माँग की थी।
निकम ने कहा, 'मैंने मुख्यमंत्री से कहा है कि मैं पूरी गंभीरता के साथ इस केस को संभालूंगा। यह एक चुनौतीपूर्ण मामला है और मैं इस जिम्मेदारी के लिए तैयार हूँ।'
जाँच की स्थिति और आगे की प्रक्रिया
निकम ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पुलिस की जाँच जारी है। उन्होंने कहा कि चार्जशीट दाखिल होने के बाद ही वे इस मामले पर विस्तार से टिप्पणी कर पाएँगे। यह मामला न केवल महाराष्ट्र, बल्कि पूरे देश के लिए चौंकाने वाला बताया गया है।
राम मंदिर ट्रस्टियों के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया
इसी संदर्भ में निकम ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा द्वारा दिए गए इस्तीफों पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जाँच की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है।
निकम के शब्दों में, 'राम मंदिर के ट्रस्टियों ने यह सुनिश्चित करके एक अच्छी मिसाल कायम की है कि जाँच में कोई रुकावट न आए। इससे जाँच ठीक से आगे बढ़ सकेगी।'
आगे क्या होगा
पुलिस की जाँच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने के बाद उज्ज्वल निकम अदालत में अभियोजन पक्ष की पैरवी करेंगे। लोहागढ़ किला हत्याकांड में न्याय की माँग को लेकर पीड़ित परिवार और राज्य सरकार दोनों की निगाहें अब इस मुकदमे की सुनवाई पर टिकी हैं।