केतन हत्याकांड पर CM फडणवीस: 'पढ़े-लिखे युवाओं में बदले की सोच क्यों — समाज को आत्ममंथन करना होगा'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को पुणे दौरे के दौरान केतन अग्रवाल हत्याकांड पर गहरी चिंता जताई और कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं में पनप रही 'बदले की भावना और विकृत सोच' पर पूरे समाज को आत्ममंथन करने की ज़रूरत है। पुणे के लोहागढ़ किले में हुई इस हत्या में केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी का नाम सामने आया है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बात करते हुए फडणवीस ने कहा, 'यह बेहद चौंकाने वाली और समझ से परे घटना है। एक समाज के तौर पर, हमें इस बात पर आत्म-मंथन करने की ज़रूरत है कि अच्छे परिवारों के पढ़े-लिखे युवाओं में ऐसी बदले की भावना और विकृत सोच क्यों पनप रही है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक प्रश्न है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'समाज को एक मज़बूत व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि युवा लड़के-लड़कियों में ऐसी विकृत सोच पैदा न हो। यह घटना समाज की अंतरात्मा को झकझोर देती है।'
पीड़ित परिवार की मांग
केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने शुक्रवार को गणेश कला क्रीड़ा रंगमंच पर मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने अनुरोध किया कि इस मामले की सुनवाई फास्ट-ट्रैक कोर्ट में हो ताकि न्याय शीघ्र मिल सके। साथ ही उन्होंने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाने की माँग भी रखी।
आरोपी पक्ष का रुख
आरोपी सिया गोयल के अधिवक्ता आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि सिया ने स्वयं 'वकालतनामे' पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे जल्द ही न्यायालय में दाखिल किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'जहाँ तक वकालतनामे की बात है, सिया ने खुद उस पर हस्ताक्षर करके हमें दिया है।'
मामले की पृष्ठभूमि
पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की हत्या कथित तौर पर उनकी मंगेतर और उसके कथित प्रेमी द्वारा की गई बताई जाती है। यह मामला सामने आने के बाद से पूरे महाराष्ट्र में सामाजिक और कानूनी बहस छिड़ गई है। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में हुई जब युवाओं में रिश्तों से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ राष्ट्रीय स्तर पर चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
आगे की कार्यवाही
मुख्यमंत्री के संज्ञान में आने के बाद फास्ट-ट्रैक सुनवाई की संभावना बढ़ी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि न्यायालय इस मामले में कितनी तेज़ी से सुनवाई करता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।