केतन हत्याकांड: CM फडणवीस ने उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को केतन अग्रवाल हत्याकांड में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की मंजूरी दे दी। यह निर्णय केतन के पिता विशाल अग्रवाल की मुख्यमंत्री से मुलाकात और न्याय की माँग के तुरंत बाद लिया गया।
नियुक्ति की पृष्ठभूमि
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के आधिकारिक बयान के अनुसार, विशाल अग्रवाल ने पुणे में मुख्यमंत्री से भेंट कर अपने पुत्र केतन अग्रवाल (25) की हत्या के मामले में शीघ्र न्याय की माँग रखी। फडणवीस ने परिवार की इस माँग को स्वीकार करते हुए मामले को त्वरित अदालत में भेजने और उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने की स्वीकृति दी।
मुख्यमंत्री ने विधि एवं न्याय विभाग के सचिव को नियुक्ति की औपचारिक प्रक्रिया तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया है। निकम ने भी इस भूमिका में पेश होने की सहमति दे दी है।
उज्ज्वल निकम: एक सिद्ध अभियोजक
उज्ज्वल निकम देश के सबसे अनुभवी लोक अभियोजकों में गिने जाते हैं। उन्होंने 2008 के मुंबई आतंकी हमले और 1993 के मुंबई श्रृंखलाबद्ध बम धमाकों जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में अभियोजन पक्ष की पैरवी करते हुए दोषियों को कड़ी सजा दिलाई थी। उनकी नियुक्ति इस बात का संकेत है कि राज्य सरकार इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
हत्याकांड: क्या हुआ था
पुलिस के अनुसार, 18 जून 2026 को पुणे जिले के मावल तालुका स्थित लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल को उसकी मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने चट्टान से धक्का देकर हत्या कर दी। पुलिस का कहना है कि केतन और सिया की शादी नवंबर में तय थी, लेकिन सिया यह विवाह नहीं करना चाहती थी। जाँच में सामने आया कि कथित तौर पर सिया और चेतन ने मिलकर केतन को खत्म करने की पूर्व-नियोजित साजिश रची थी।
सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री फडणवीस ने केतन के परिवार को स्पष्ट आश्वासन दिया कि राज्य सरकार दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। CMO के बयान में इस प्रतिबद्धता को दोहराया गया है। गौरतलब है कि हाई-प्रोफाइल अभियोजक की नियुक्ति और त्वरित अदालत की माँग मानना सरकार के दबाव में आने का नहीं, बल्कि मामले की गंभीरता को स्वीकार करने का संकेत है।
आगे क्या होगा
विधि एवं न्याय विभाग द्वारा औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद उज्ज्वल निकम आधिकारिक रूप से मामले में विशेष लोक अभियोजक की भूमिका संभालेंगे। मामले को त्वरित अदालत में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी समानांतर रूप से चलाई जाएगी, जिससे सुनवाई में तेज़ी आने की उम्मीद है।