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केतन अग्रवाल हत्याकांड: मेरठ फैसले के बाद पिता विशाल अग्रवाल बोले — 'आरोपियों को मिले फांसी की सजा'

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केतन अग्रवाल हत्याकांड: मेरठ फैसले के बाद पिता विशाल अग्रवाल बोले — 'आरोपियों को मिले फांसी की सजा'

सारांश

मेरठ के सौरभ राजपूत व अमित कश्यप हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसले के बाद पुणे के केतन अग्रवाल के पिता विशाल अग्रवाल ने बेटे को न्याय दिलाने की उम्मीद जताई है। आरोपी मंगेतर सिया गोयल और चेतन चौधरी के लिए फांसी की मांग करते हुए उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट और उज्ज्वल निकम की नियुक्ति पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

मुख्य बातें

पुणे व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को हुई थी; आरोपी हैं मंगेतर सिया गोयल और कथित प्रेमी चेतन चौधरी ।
पिता विशाल अग्रवाल ने मेरठ हत्याकांड के फैसले से प्रेरणा लेते हुए आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया और मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित किया।
विशाल अग्रवाल ने ग्रामीण पुलिस आयुक्तालय , न्यायपालिका और मुख्यमंत्री की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने परिवार की दोनों मांगें — निकम की नियुक्ति और फास्ट ट्रैक कोर्ट — दो दिनों के भीतर स्वीकार कीं।

पुणे के व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में उनके पिता विशाल अग्रवाल ने 17 अक्टूबर 2026 को न्याय मिलने की पुरज़ोर उम्मीद जताई है। मेरठ के सौरभ राजपूत व अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का फैसला आने के बाद विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे के मामले में भी आरोपी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि मेरठ के ऐतिहासिक फैसलों ने यह साबित किया है कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा रखा जा सकता है।

मेरठ फैसले से मिली नई उम्मीद

विशाल अग्रवाल ने मेरठ हत्याकांड में आए अदालती फैसलों पर खुशी जताते हुए कहा कि न्यायमूर्तियों की ओर से दिए गए त्वरित और ऐतिहासिक फैसले समाज में एक मिसाल पेश करते हैं। उनके अनुसार, इससे आम नागरिकों का न्याय प्रणाली पर विश्वास और अधिक मज़बूत होता है। उन्होंने न्याय प्रणाली, राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।

केतन हत्याकांड की पृष्ठभूमि

पुणे के व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को हुई थी। इस मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद से ग्रामीण पुलिस आयुक्तालय ने परिवार का सहयोग किया और मामले की गहन एवं निष्पक्ष जांच की, जैसा कि विशाल अग्रवाल ने बताया।

सरकार और पुलिस की सराहना

विशाल अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर दो प्रमुख मांगें रखी थीं — इस केस में वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया जाए और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री जी ने मेरी दोनों मांगों को तुरंत स्वीकार कर लिया।' राज्य सरकार ने दो दिनों के भीतर निकम की नियुक्ति कर दी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई का आश्वासन भी दिया।

मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद की प्रक्रिया के बारे में विशाल अग्रवाल ने बताया कि दो दिन पहले मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जरूरी आदेश शीघ्र जारी कर दिए जाएंगे। उन्होंने भावुक होते हुए हाथ जोड़कर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

पुलिस और न्यायपालिका पर भरोसा

विशाल अग्रवाल ने कहा, 'मुझे न्यायपालिका, विशेष अभियोजक उज्ज्वल निकम और ग्रामीण पुलिस पर पूरा भरोसा है कि वे मेरे दिवंगत बेटे केतन को न्याय दिलाएंगे और कातिलों को फांसी के फंदे तक पहुंचाएंगे।' उन्होंने पुलिस विभाग, मेरठ न्यायपालिका और सरकारी वकीलों द्वारा मेरठ मामले में की गई तेज़ कार्रवाई की प्रशंसा भी की।

आगे की राह

केतन अग्रवाल हत्याकांड अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में विशेष अभियोजक उज्ज्वल निकम की देखरेख में चलाया जाएगा। मेरठ हत्याकांड के त्वरित फैसलों से उत्साहित परिवार को उम्मीद है कि इस मामले में भी जल्द न्याय मिलेगा और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनाई जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या फास्ट ट्रैक कोर्ट और उज्ज्वल निकम की नियुक्ति जैसे प्रशासनिक कदम वास्तव में केतन अग्रवाल मामले को उतनी ही तेजी से निपटा पाएंगे। भारत में हाई-प्रोफाइल हत्याकांडों में विशेष अभियोजक नियुक्त करने की परंपरा नई नहीं है, पर सजा की दर और मुकदमे की समयसीमा अक्सर अपेक्षाओं से कम रहती है। एक शोकाकुल पिता की मुख्यमंत्री तक सीधी पहुंच भले ही त्वरित नियुक्ति सुनिश्चित कर सके, लेकिन यह सवाल भी उठता है कि जिन परिवारों की ऐसी पहुंच नहीं है, उनके लिए न्याय की राह कितनी लंबी और कठिन बनी रहती है।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केतन अग्रवाल हत्याकांड क्या है?
पुणे के व्यवसायी केतन अग्रवाल की हत्या 18 जून को हुई थी। इस मामले में उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को आरोपी बनाया गया है।
केतन अग्रवाल मामले में उज्ज्वल निकम की नियुक्ति क्यों हुई?
पिता विशाल अग्रवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की, जिसे मुख्यमंत्री ने दो दिनों के भीतर स्वीकार कर लिया।
मेरठ हत्याकांड के फैसले का केतन मामले से क्या संबंध है?
मेरठ के सौरभ राजपूत व अमित कश्यप हत्याकांड में आए ऐतिहासिक फैसले से प्रेरित होकर विशाल अग्रवाल ने अपने बेटे केतन के मामले में भी आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की उम्मीद जताई है।
केतन अग्रवाल मामले में आगे क्या होगा?
मामले की सुनवाई अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में उज्ज्वल निकम की विशेष अभियोजन टीम द्वारा की जाएगी। चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और नियमित सुनवाई शीघ्र शुरू होने की उम्मीद है।
विशाल अग्रवाल ने पुलिस और सरकार के बारे में क्या कहा?
विशाल अग्रवाल ने ग्रामीण पुलिस आयुक्तालय, मेरठ न्यायपालिका और सरकारी वकीलों की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार जताया कि उनकी दोनों मांगें तुरंत मान ली गईं।
राष्ट्र प्रेस
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