केतन अग्रवाल की मौत: पड़ोसी शशि अग्रवाल भावुक, मंगेतर सिया के लिए माँगी कठोरतम सजा
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के लोढ़ा निवासी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में उनके परिचितों और पड़ोसियों की प्रतिक्रियाएँ सामने आने लगी हैं। 24 जून 2026 को केतन की पड़ोसी शशि शिशुपाल अग्रवाल ने इस घटना पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की माँग की। आरोपी के रूप में केतन की मंगेतर सिया का नाम सामने आया है।
बचपन से था गहरा नाता
शशि अग्रवाल ने बताया कि वे केतन को तब से जानती हैं जब वह महज एक वर्ष का था और उनके पड़ोस में आया था। उन्होंने स्पष्ट किया, 'भले ही हम सगे रिश्तेदार नहीं हैं, लेकिन हमारे बीच पारिवारिक संबंध हैं। मेरे पति और केतन की माँ पुष्पा दीदी आपस में भाई-बहन की तरह हैं।' उन्होंने केतन को 'बेहद प्यारा और हमेशा दूसरों की मदद करने वाला बच्चा' बताया।
रात 12 बजे भी मदद को दौड़ा आता था केतन
शशि अग्रवाल ने केतन के मददगार स्वभाव को याद करते हुए एक घटना साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार जब वे और केतन की माँ रास्ता भटक गई थीं, तब रात के 12 बजे फोन करने पर केतन तुरंत उनकी सहायता के लिए पहुँच गया था। यह वाकया केतन के चरित्र की झलक देता है।
मंगेतर पर लगे आरोपों से स्तब्ध परिवार और पड़ोसी
शशि अग्रवाल ने बताया कि केतन और सिया की सगाई की जानकारी सभी को थी और रिश्तेदारी के कारण यही माना जाता था कि वे अच्छे लोग हैं। उन्होंने कहा कि केतन अपनी आने वाली शादी को लेकर बेहद खुश था और उसने अपने भविष्य के लिए कई सपने सजाए थे। मंगेतर पर लगे आरोपों पर उन्होंने कहा, 'यह बेहद दर्दनाक और भयानक है। जिस बच्चे ने हमेशा प्यार के सपने देखे, उसके साथ कोई ऐसा कैसे कर सकता है।'
कठोर सजा की माँग, समाज को सख्त संदेश देने की अपील
शशि अग्रवाल ने देश की कानून-व्यवस्था से माँग की कि इस मामले में दोषियों के विरुद्ध ऐसी कड़ी कार्रवाई की जाए कि पूरे भारत में किसी को भी ऐसा कदम उठाने की हिम्मत न हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि केतन का परिवार इस असहनीय दुख से जल्द उबर सके।
सोसाइटी के गार्ड ने भी जताया दुख
श्री पार्श्व नगर सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड ने बताया कि केतन अग्रवाल यहीं रहते थे और वे एक अच्छे इंसान थे। उन्होंने बताया कि फिलहाल परिसर में परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं है। यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया की ओर बढ़ रहा है और पड़ोसी व परिजन न्याय की प्रतीक्षा में हैं।