मेरठ: नर्स की ड्रिप में जहर मिलाकर हत्या, प्रेमी सुरेश और साथी फरहान गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के लोहियानगर इलाके में एक निजी अस्पताल में कार्यरत नर्स की 19 जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नर्स की हत्या ड्रिप में जहरीला रासायनिक पदार्थ मिलाकर की गई, और इस साजिश में उसके प्रेमी सुरेश तथा उसके साथी फरहान को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम
शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि अस्पताल में एक नर्स ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली है। सर्किल ऑफिसर (सीओ) संग्राम सिंह के अनुसार, घटनास्थल पर पहुँची स्थानीय पुलिस को वहाँ सल्फर की गोलियाँ और एक सुसाइड नोट मिला, जिससे शुरुआत में मामला आत्महत्या का प्रतीत हुआ।
हालाँकि, मृतका के परिजनों ने सुसाइड नोट की लिखावट पर संदेह जताते हुए हत्या की आशंका व्यक्त की। परिजनों की आपत्ति के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की।
हत्या की साजिश कैसे रची गई
जांच में सामने आया कि जब नर्स ने कमजोरी महसूस होने की शिकायत की, तो आरोपी सुरेश उसे ड्रिप लगाने के बहाने ऑपरेशन थिएटर में ले गया। वहाँ ड्रिप में कथित तौर पर जहरीला रासायनिक पदार्थ मिलाकर इंजेक्ट कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में सुरेश को ग्लव्स पहनकर कमरे से बाहर निकलते देखा गया। वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर एक नोटपैड पर फर्जी सुसाइड नोट लिखकर शव के पास रख दिया और सल्फर की गोलियाँ भी वहाँ रख दीं, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
हत्या की वजह: शादी का दबाव
पुलिस के अनुसार, आरोपी सुरेश और मृतका नर्स के बीच पिछले 7-8 महीने से प्रेम संबंध थे। मृतका के पति की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी, जिसके बाद वह अपने बच्चे और परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए अस्पताल में नौकरी कर रही थी।
सुरेश पहले से विवाहित है और उसका 5 साल का एक बेटा है। पुलिस के अनुसार, नर्स लगातार सुरेश पर शादी का दबाव बना रही थी। इससे छुटकारा पाने के लिए सुरेश ने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
गिरफ्तारी और साक्ष्य
सीओ संग्राम सिंह ने बताया कि पकड़े जाने पर दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से सुसाइड नोट, नोटपैड, रासायनिक पदार्थ का रैपर, कैनूला और मृतका का मोबाइल फोन बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि इस मामले में सुनियोजित साजिश, साक्ष्य मिटाने का प्रयास और सीसीटीवी फुटेज की अहम भूमिका रही।
आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा। जांच अधिकारियों के अनुसार, मामले में किसी अन्य की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।