30 सितंबर 2026
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मेघालय में प्रवासी कामगारों का पंजीकरण अनिवार्य, उल्लंघन पर ₹1 लाख तक जुर्माना और जेल

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मेघालय में प्रवासी कामगारों का पंजीकरण अनिवार्य, उल्लंघन पर ₹1 लाख तक जुर्माना और जेल

सारांश

मेघालय सरकार ने प्रवासी कामगारों के लिए अनिवार्य पंजीकरण लागू किया है — ₹50 शुल्क, 179 दिन वैध कार्ड, और उल्लंघन पर ₹1 लाख तक जुर्माने व जेल का प्रावधान। आधार को मान्य दस्तावेजों की सूची से बाहर रखना इस अधिसूचना की सबसे चर्चित बात है।

मुख्य बातें

मेघालय सरकार ने 30 सितंबर 2026 को एमआईआरएसएस अधिनियम, 2020 के तहत सभी प्रवासी कामगारों का पंजीकरण अनिवार्य किया।
पंजीकरण शुल्क ₹50 ; स्वीकृत कार्ड 179 दिनों के लिए वैध; नवीनीकरण समय सीमा से 30 दिन पहले अनिवार्य।
आधार कार्ड को स्वीकृत पहचान दस्तावेजों की सूची से स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।
उल्लंघन पर पहली बार ₹10,000 , दूसरी बार ₹25,000 और तीसरी बार ₹1 लाख तक जुर्माना या 3 माह की कैद या दोनों।
फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्र बनाना भारतीय न्याय संहिता की धारा 336 के तहत दंडनीय।
पुलिस सत्यापन सीसीटीएनएस के माध्यम से अनिवार्य; अस्थायी सत्यापन 30 दिनों में पूर्ण करना होगा।

मेघालय सरकार ने 30 सितंबर 2026 को राज्य में कार्यरत सभी प्रवासी कामगारों के लिए अनिवार्य पंजीकरण लागू कर दिया है। यह कदम मेघालय प्रवासी कामगार पहचान, पंजीकरण (सुरक्षा एवं संरक्षा) अधिनियम एवं नियम, 2020 (एमआईआरएसएस) के तहत उठाया गया है। बंतेइलांग जे. खारशांडी द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना में नियोक्ताओं, ठेकेदारों और श्रमिकों — तीनों पर अनुपालन की जिम्मेदारी डाली गई है।

पंजीकरण प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज़

प्रत्येक प्रवासी कामगार को एक व्यक्तिगत पंजीकरण कार्ड प्राप्त करना अनिवार्य होगा। नियोक्ताओं को उस क्षेत्र के पंजीकरण अधिकारी को ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा जहाँ संबंधित श्रमिक कार्यरत है। पंजीकरण शुल्क ₹50 निर्धारित किया गया है।

आवेदन श्रम आयुक्त पोर्टल, इन्वेस्ट मेघालय पोर्टल, मेघालय लोक सेवा आयोग की वेबसाइट, कॉमन सर्विस सेंटर और जिला श्रम कार्यालयों में स्थित हेल्प डेस्क के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं।

संशोधित एमआईआरएसएस नियम, 2026 के अंतर्गत आवेदकों को सरकार-मान्य पहचान पत्र — जैसे मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड या बीपीएल कार्ड — प्रस्तुत करना होगा। उल्लेखनीय है कि आधार कार्ड को स्वीकृत दस्तावेजों की सूची से स्पष्ट रूप से बाहर रखा गया है।

पुलिस सत्यापन और कार्ड की वैधता

राज्य पुलिस विभाग अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क और सिस्टम (सीसीटीएनएस) के माध्यम से सत्यापन करेगा। प्रक्रिया लंबित रहने के दौरान अधिकारी अस्थायी सत्यापन जारी कर सकते हैं, लेकिन 30 दिनों के भीतर पूर्ण सत्यापन अनिवार्य है।

स्वीकृति के बाद पंजीकरण कार्ड 179 दिनों के लिए वैध रहेगा। नवीनीकरण के लिए कार्ड की समय सीमा समाप्त होने से कम से कम 30 दिन पहले आवेदन करना आवश्यक है।

उल्लंघन पर दंड के प्रावधान

श्रम आयुक्त ने नियोक्ताओं और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी है। पहले उल्लंघन पर ₹10,000, दूसरे पर ₹25,000 और तीसरे या उससे अधिक बार उल्लंघन पर ₹1 लाख तक जुर्माना, तीन महीने तक की कैद या दोनों का प्रावधान है।

गौरतलब है कि पंजीकरण दस्तावेजों या इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों की अनधिकृत नकल, परिवर्तन या हेरफेर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 336 के तहत दंडनीय अपराध है।

फर्जी प्रमाण पत्रों के प्रति सतर्कता

विभाग ने जनता को मेघालय और अन्य स्थानों पर चेक गेटों पर कथित तौर पर बनाए या प्रदर्शित किए जा रहे फर्जी पंजीकरण प्रमाण पत्रों और पावती पर्चियों के प्रति आगाह किया है। सरकार ने सभी पक्षों से केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म और दस्तावेजों का उपयोग करने का आग्रह किया है।

आम जनता और श्रमिकों पर असर

यह कदम ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर राज्यों में प्रवासी श्रमिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनकी पहचान व सुरक्षा से जुड़े सवाल नीतिगत बहसों में प्रमुखता से उठते रहे हैं। नई व्यवस्था से श्रमिकों की आधिकारिक गणना और संरक्षण सुनिश्चित होने की उम्मीद है, वहीं आधार को सूची से बाहर रखने का निर्णय चर्चा का विषय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आधार को मान्य दस्तावेजों से बाहर रखने का निर्णय व्यावहारिक जटिलताएँ खड़ी कर सकता है — विशेषकर उन श्रमिकों के लिए जिनके पास मतदाता पहचान पत्र या पैन कार्ड नहीं है। 179 दिनों की सीमित वैधता और 30-दिन की नवीनीकरण शर्त मिलकर एक प्रशासनिक बोझ बना सकती हैं जो छोटे नियोक्ताओं और असंगठित क्षेत्र के ठेकेदारों पर असमान रूप से पड़ेगी। असली परीक्षा यह है कि क्या राज्य के पास इस पंजीकरण तंत्र को प्रभावी ढंग से लागू करने की प्रशासनिक क्षमता है, या यह केवल कागज़ी अनुपालन बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
30 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय में प्रवासी कामगार पंजीकरण अनिवार्य क्यों किया गया है?
मेघालय सरकार ने एमआईआरएसएस अधिनियम, 2020 के तहत प्रवासी कामगारों की पहचान, सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए यह पंजीकरण अनिवार्य किया है। इससे राज्य में कार्यरत प्रवासी श्रमिकों का आधिकारिक डेटाबेस तैयार होगा।
पंजीकरण के लिए कौन-से दस्तावेज़ मान्य हैं और आधार क्यों नहीं?
संशोधित एमआईआरएसएस नियम, 2026 के तहत मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और बीपीएल कार्ड मान्य हैं। आधार कार्ड को स्पष्ट रूप से स्वीकृत दस्तावेजों की सूची से बाहर रखा गया है, हालाँकि इसका कारण अधिसूचना में नहीं बताया गया है।
पंजीकरण कार्ड कितने दिनों के लिए वैध होगा और नवीनीकरण कैसे होगा?
एक बार स्वीकृत होने पर पंजीकरण कार्ड 179 दिनों के लिए वैध रहेगा। नवीनीकरण के लिए कार्ड की समय सीमा समाप्त होने से कम से कम 30 दिन पहले आवेदन करना अनिवार्य है।
नियम न मानने पर नियोक्ताओं को क्या दंड मिलेगा?
पहले उल्लंघन पर ₹10,000, दूसरे पर ₹25,000 और तीसरे या उसके बाद के उल्लंघन पर ₹1 लाख तक जुर्माना, तीन महीने तक की कैद या दोनों का प्रावधान है। फर्जी दस्तावेज बनाना भारतीय न्याय संहिता की धारा 336 के तहत अलग से दंडनीय है।
पंजीकरण आवेदन कहाँ जमा किया जा सकता है?
आवेदन श्रम आयुक्त पोर्टल, इन्वेस्ट मेघालय पोर्टल, मेघालय लोक सेवा आयोग की वेबसाइट, कॉमन सर्विस सेंटर और जिला श्रम कार्यालयों में स्थित हेल्प डेस्क के माध्यम से जमा किए जा सकते हैं। पंजीकरण शुल्क ₹50 है।
राष्ट्र प्रेस
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