मेघालय उपमुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग बोले — भाजपा विस्तार से एनपीपी को कोई खतरा नहीं, 33 विधायक एकजुट
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के उपमुख्यमंत्री और नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रदेश अध्यक्ष प्रेस्टोन तिनसोंग ने 29 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के हालिया विस्तार से एनपीपी की स्थिति पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पार्टी के सभी 33 विधायक पूरी तरह एकजुट हैं और दल में 101 प्रतिशत एकता कायम है।
मुख्य घटनाक्रम
तिनसोंग के अनुसार, आठ पूर्व यूडीपी (युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी) विधायकों के BJP में शामिल होने के बाद भाजपा की विधायक संख्या बढ़कर 10 हो गई है। बावजूद इसके, उन्होंने कहा कि मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) सरकार में तत्काल किसी पुनर्गठन या BJP के लिए अतिरिक्त मंत्रिपद की कोई संभावना नहीं है। गौरतलब है कि MDA सरकार में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी है और BJP सहयोगी की भूमिका में है।
FCRA संशोधन पर रुख
तिनसोंग ने प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA) संशोधनों पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस कानून को लेकर चिंताएँ केवल ईसाई संगठनों तक सीमित नहीं हैं — यह विदेशी चंदा प्राप्त करने वाले सभी संगठनों पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को सौंपे जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ईसाई संगठनों सहित गैर-सरकारी संगठनों की आपत्तियों पर विचार किया जाना चाहिए। मेघालय के सांसद जेम्स पी के संगमा को समिति का विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए जाने पर भी उन्होंने संतोष जताया।
शिलांग लोकसभा उपचुनाव और वीपीपी पर हमला
आगामी शिलांग लोकसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान तिनसोंग ने विपक्षी 'जनता की आवाज पार्टी' (वीपीपी) पर निशाना साधा। सोमवार को पिनुरसला ब्लॉक के वाहलिंगखाट गाँव में आयोजित एक चुनावी सभा में उन्होंने आरोप लगाया कि वीपीपी सोशल मीडिया का उपयोग करके भ्रामक सूचनाएँ फैला रही है। उन्होंने खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (KHADC) में वीपीपी के विकास कार्यों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को जनता के सामने जवाबदेही देनी चाहिए।
सोशल मीडिया और चुनावी पराजय का विश्लेषण
तिनसोंग ने स्वीकार किया कि एनपीपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के स्वायत्त जिला परिषद चुनावों में अपनी हार का आत्म-मंथन किया है। उन्होंने इन पराजयों का एक कारण सोशल मीडिया पर प्रसारित झूठे और भ्रामक दावों को भी बताया, जिनसे मतदाताओं की राय प्रभावित हुई। उनके अनुसार, ऑनलाइन फैलाई गई गलत सूचनाओं ने कुछ दलों को बिना तथ्यात्मक आधार के चुनावी लाभ दिलाया।
आगे क्या
तिनसोंग ने KHADC को नियंत्रित करने वाली वीपीपी से स्पष्टीकरण की माँग करते हुए कहा — 'मैं चाहता हूँ कि ऐसे लोग जनता के सामने जवाब दें। जनता ने आपको जिला परिषद में शासन करने का जनादेश दिया है। क्या बदलाव आया है?' शिलांग उपचुनाव के नतीजे MDA सरकार की स्थिरता और मेघालय में क्षेत्रीय दलों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।