मेघालय में एनपीपी की बढ़ेगी ताकत: यूडीपी के 3 विधायक सोमवार को होंगे शामिल, संख्या 36 होगी
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय की राजधानी शिलांग से सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के शेष चार विधायकों में से तीन विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की पार्टी राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (एनपीपी) में शामिल होने वाले हैं। इस कदम से 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में एनपीपी की सीटें 33 से बढ़कर 36 हो जाएंगी।
यूडीपी नेता का बयान
यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों विधायक एनपीपी में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। उनके इस कदम के बाद यूडीपी के पास विधानसभा में केवल एक विधायक ही बचेगा, जो एक क्षेत्रीय दल के रूप में पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है।
मुख्य घटनाक्रम: पहले भाजपा में गए 8 विधायक
यह घटनाक्रम उस पृष्ठभूमि में हो रहा है जब मेघालय विधानसभा अध्यक्ष ने यूडीपी के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को 16 अक्टूबर 2026 को औपचारिक अधिसूचना जारी कर मान्यता दी थी। इस मान्यता के बाद यूडीपी की सदस्य संख्या 12 से घटकर 4 हो गई, जबकि भाजपा की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई।
ये आठ विधायक — लखमेन रिम्बुई, पियस मार्वेन, किरमेन शिला, मेयरालबोर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुरबाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर कुपर रॉय लिंगदोह थाबाह — 23 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अपने विलय की सूचना दी थी।
अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के तहत इस विलय को मान्यता प्रदान की। यूडीपी ने भाजपा में जाने वाले विधायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की थी।
एमडीए गठबंधन पर असर
एनपीपी, भाजपा और यूडीपी तीनों ही मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) के घटक दल हैं, जो कॉनराड संगमा के नेतृत्व में राज्य में सत्ता संचालित कर रही है। गठबंधन के भीतर ही विधायकों का यह स्थानांतरण एमडीए की आंतरिक शक्ति-संरचना को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है — एनपीपी सदन में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जबकि भाजपा भी अपनी विधायी उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि कर चुकी है।
गौरतलब है कि यूडीपी मेघालय की एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय राजनीतिक ताकत रही है, जहाँ क्षेत्रीय दलों ने पारंपरिक रूप से गठबंधन सरकारों में निर्णायक भूमिका निभाई है। इन दल-बदलों के बाद यूडीपी का भविष्य अनिश्चित दिख रहा है।
2028 चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण
ये ताज़ा घटनाक्रम 2028 की शुरुआत में होने वाले अगले मेघालय विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर प्रतिनिधित्व के संतुलन में बदलाव ला रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में सभी दल अपनी-अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटे हैं। आने वाले हफ्तों में यूडीपी के इकलौते बचे विधायक की राजनीतिक दिशा भी नज़रों में रहेगी।