19 अक्टूबर 2026
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मेघालय में एनपीपी की बढ़ेगी ताकत: यूडीपी के 3 विधायक सोमवार को होंगे शामिल, संख्या 36 होगी

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मेघालय में एनपीपी की बढ़ेगी ताकत: यूडीपी के 3 विधायक सोमवार को होंगे शामिल, संख्या 36 होगी

सारांश

मेघालय में यूडीपी सिकुड़ रही है और एनपीपी फैल रही है — तीन और विधायकों के शामिल होने से कॉनराड संगमा की पार्टी 36 सीटों पर पहुँच जाएगी। 2028 के चुनाव से पहले एमडीए के भीतर शक्ति का यह पुनर्वितरण राज्य की क्षेत्रीय राजनीति को बुनियादी रूप से बदल रहा है।

मुख्य बातें

यूडीपी के 3 विधायक सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को एनपीपी में शामिल होने वाले हैं।
इससे 60 सदस्यीय विधानसभा में एनपीपी की संख्या 33 से बढ़कर 36 हो जाएगी।
इससे पहले 16 अक्टूबर को यूडीपी के 8 विधायकों के भाजपा में विलय को अध्यक्ष ने दसवीं अनुसूची के तहत मान्यता दी थी।
भाजपा की सदस्य संख्या 2 से बढ़कर 10 और यूडीपी की 12 से घटकर 4 हो गई है।
तीनों विधायकों के जाने के बाद यूडीपी के पास केवल 1 विधायक शेष रहेगा।
ये बदलाव 2028 के मेघालय विधानसभा चुनाव से पहले एमडीए की आंतरिक शक्ति-संरचना को नए सिरे से आकार दे रहे हैं।

मेघालय की राजधानी शिलांग से सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के शेष चार विधायकों में से तीन विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की पार्टी राष्ट्रीय जनवादी पार्टी (एनपीपी) में शामिल होने वाले हैं। इस कदम से 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में एनपीपी की सीटें 33 से बढ़कर 36 हो जाएंगी।

यूडीपी नेता का बयान

यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि तीनों विधायक एनपीपी में औपचारिक रूप से शामिल होंगे। उनके इस कदम के बाद यूडीपी के पास विधानसभा में केवल एक विधायक ही बचेगा, जो एक क्षेत्रीय दल के रूप में पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका है।

मुख्य घटनाक्रम: पहले भाजपा में गए 8 विधायक

यह घटनाक्रम उस पृष्ठभूमि में हो रहा है जब मेघालय विधानसभा अध्यक्ष ने यूडीपी के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को 16 अक्टूबर 2026 को औपचारिक अधिसूचना जारी कर मान्यता दी थी। इस मान्यता के बाद यूडीपी की सदस्य संख्या 12 से घटकर 4 हो गई, जबकि भाजपा की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई।

ये आठ विधायक — लखमेन रिम्बुई, पियस मार्वेन, किरमेन शिला, मेयरालबोर्न सिएम, मैथ्यू बियॉन्डस्टार कुरबाह, ओलन सिंह सुइन, बालाजीद कुपर सिनरेम और सिनशर कुपर रॉय लिंगदोह थाबाह — 23 सितंबर को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने विधानसभा सचिवालय को पत्र लिखकर अपने विलय की सूचना दी थी।

अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के तहत इस विलय को मान्यता प्रदान की। यूडीपी ने भाजपा में जाने वाले विधायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की थी।

एमडीए गठबंधन पर असर

एनपीपी, भाजपा और यूडीपी तीनों ही मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) के घटक दल हैं, जो कॉनराड संगमा के नेतृत्व में राज्य में सत्ता संचालित कर रही है। गठबंधन के भीतर ही विधायकों का यह स्थानांतरण एमडीए की आंतरिक शक्ति-संरचना को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है — एनपीपी सदन में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, जबकि भाजपा भी अपनी विधायी उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि कर चुकी है।

गौरतलब है कि यूडीपी मेघालय की एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय राजनीतिक ताकत रही है, जहाँ क्षेत्रीय दलों ने पारंपरिक रूप से गठबंधन सरकारों में निर्णायक भूमिका निभाई है। इन दल-बदलों के बाद यूडीपी का भविष्य अनिश्चित दिख रहा है।

2028 चुनाव से पहले राजनीतिक समीकरण

ये ताज़ा घटनाक्रम 2028 की शुरुआत में होने वाले अगले मेघालय विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर प्रतिनिधित्व के संतुलन में बदलाव ला रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में सभी दल अपनी-अपनी ज़मीन मज़बूत करने में जुटे हैं। आने वाले हफ्तों में यूडीपी के इकलौते बचे विधायक की राजनीतिक दिशा भी नज़रों में रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

दोनों एक ही गठबंधन में रहते हुए यूडीपी को खाली कर रही हैं — यह अंतर्विरोध 2028 में जब सीटों की वास्तविक खींचतान होगी तब सतह पर आ सकता है। दसवीं अनुसूची के तहत 'विलय' की यह प्रक्रिया दल-बदल विरोधी कानून की उस खामी को उजागर करती है जो दो-तिहाई बहुमत मिलते ही पार्टी को तोड़ने की वैधानिक छूट देती है। असली सवाल यह है कि क्या यूडीपी का इकलौता बचा विधायक इस विधानसभा कार्यकाल में स्वतंत्र रह पाएगा।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय में यूडीपी के विधायक एनपीपी में क्यों शामिल हो रहे हैं?
यूडीपी नेता पॉल लिंगदोह के अनुसार, तीन विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की पार्टी एनपीपी में शामिल होंगे। यह कदम उस राजनीतिक पुनर्गठन का हिस्सा है जो एमडीए गठबंधन के भीतर हो रहा है।
यूडीपी के 8 विधायक भाजपा में कब और कैसे शामिल हुए?
यूडीपी के 8 विधायक 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में भाजपा में शामिल हुए। मेघालय विधानसभा अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुच्छेद 4 के तहत इस विलय को 16 अक्टूबर को मान्यता दी।
इन दल-बदलों के बाद मेघालय विधानसभा में किस पार्टी के कितने विधायक होंगे?
तीन विधायकों के एनपीपी में जाने के बाद एनपीपी के पास 36, भाजपा के पास 10 और यूडीपी के पास केवल 1 विधायक रह जाएगा। 60 सदस्यीय सदन में एनपीपी सबसे बड़ी पार्टी बनी रहेगी।
दसवीं अनुसूची का अनुच्छेद 4 क्या है और यह यूडीपी-भाजपा विलय पर कैसे लागू हुआ?
संविधान की दसवीं अनुसूची का अनुच्छेद 4 किसी दल के दो-तिहाई या अधिक विधायकों के दूसरी पार्टी में विलय को दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से छूट देता है। यूडीपी के 12 में से 8 विधायकों का भाजपा में जाना इसी प्रावधान के अंतर्गत वैध माना गया।
इन घटनाक्रमों का मेघालय के 2028 चुनाव पर क्या असर होगा?
2028 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ये दल-बदल एमडीए गठबंधन के भीतर शक्ति का संतुलन बदल रहे हैं। एनपीपी और भाजपा दोनों अपनी विधायी उपस्थिति मज़बूत कर रही हैं, जबकि यूडीपी का राजनीतिक अस्तित्व लगभग समाप्त होने की कगार पर है।
राष्ट्र प्रेस
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