यूडीपी के 8 विधायक भाजपा में शामिल, मेघालय CM कॉनराड संगमा बोले — एमडीए सरकार पर कोई असर नहीं
सारांश
मुख्य बातें
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने 23 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के आठ विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) सरकार के कामकाज पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा ने कैबिनेट में किसी नए मंत्री पद की कोई माँग नहीं की है।
मुख्य घटनाक्रम
यूडीपी के आठ विधायक बुधवार को नई दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस विलय के बाद 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में भाजपा के विधायकों की संख्या 2 से बढ़कर 10 हो गई है। यह बदलाव उल्लेखनीय है क्योंकि दोनों दल — यूडीपी और भाजपा — पहले से ही एमडीए गठबंधन के सदस्य हैं।
संगमा की प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री संगमा ने कहा, 'यह दो राजनीतिक दलों के बीच का मामला है और संबंधित विधायकों का फैसला है। इसका एनपीपी से कोई लेना-देना नहीं है। यह पूरी तरह विधायकों की इच्छा और उनका फैसला है, इसलिए इस पर मेरी कोई टिप्पणी नहीं है।'
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि चूँकि यूडीपी और भाजपा दोनों ही सत्तारूढ़ गठबंधन के अंग हैं, इसलिए एक सहयोगी दल से दूसरे सहयोगी दल में विधायकों के स्थानांतरण से एमडीए की कुल संख्याबल में कोई बदलाव नहीं आया है।
गठबंधन और बहुमत पर स्थिति
संगमा ने स्पष्ट किया, 'गठबंधन की संख्या पहले जैसी ही है, क्योंकि यह बदलाव गठबंधन के भीतर ही हुआ है। इसलिए इससे हमारी सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा।' मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के बावजूद सरकार के पास विधानसभा में साधारण बहुमत बरकरार है।
यूडीपी-भाजपा के बीच आंतरिक तनाव
हालाँकि संगमा ने माना कि इस घटनाक्रम से यूडीपी और भाजपा के आपसी संबंधों में कुछ तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा, 'दोनों राजनीतिक दलों के बीच कुछ चिंताएँ जरूर होंगी, क्योंकि एक पार्टी के विधायक उसे छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हुए हैं। इसलिए दोनों दलों को आपस में इस मुद्दे को सुलझाना होगा।' गौरतलब है कि यह आंतरिक पुनर्गठन गठबंधन धर्म की दृष्टि से एक संवेदनशील प्रश्न खड़ा करता है।
कैबिनेट फेरबदल और आगे की राह
भाजपा की विधानसभा में बढ़ी संख्याबल के मद्देनजर कैबिनेट पुनर्गठन की अटकलों पर संगमा ने साफ मना किया। जब पूछा गया कि क्या भाजपा ने अतिरिक्त मंत्री पद की माँग की है, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, उन्होंने कुछ भी नहीं माँगा है।' साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की बढ़ती ताकत से उनके नेतृत्व को फिलहाल कोई खतरा नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल अपना संगठन और जनाधार स्वाभाविक रूप से बढ़ाने की कोशिश करता है, और एनपीपी भी अपनी अलग राजनीतिक पहचान को बनाए रखते हुए अपना समर्थन आधार मजबूत करती रहेगी। आने वाले दिनों में यूडीपी और भाजपा के बीच आंतरिक संवाद यह तय करेगा कि गठबंधन में सहकार्यता किस रूप में आगे बढ़ती है।