13 अक्टूबर 2026
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मेघालय: यूडीपी के 8 पूर्व विधायकों ने स्पीकर से मिलकर भाजपा में शामिल होने का फैसला दोहराया

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मेघालय: यूडीपी के 8 पूर्व विधायकों ने स्पीकर से मिलकर भाजपा में शामिल होने का फैसला दोहराया

सारांश

मेघालय में यूडीपी के 8 विधायकों ने BJP में जाने के अपने फैसले को स्पीकर के सामने फिर से पक्का किया। 23 सितंबर को नई दिल्ली में हुए इस दलबदल ने राज्य की क्षेत्रीय राजनीति को हिला दिया है और 2028 चुनावों से पहले BJP की पूर्वोत्तर रणनीति को नई धार मिली है।

मुख्य बातें

यूडीपी के 8 पूर्व विधायकों ने 13 अक्टूबर 2026 को शिलांग में विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए.
संगमा से मुलाकात कर BJP में शामिल होने की पुष्टि की।
विधायकों का नेतृत्व लाखमेन रिम्बुई ने किया; बैठक में BJP विधायक सनबोर शुल्लाई भी मौजूद रहे।
इन विधायकों ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में औपचारिक रूप से BJP की सदस्यता ली थी।
यह कदम 2028 मेघालय विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकता है।
यूडीपी के सामने आठ वरिष्ठ विधायकों के जाने के बाद संगठन को संभालने की चुनौती है।

मेघालय में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले आठ पूर्व विधायकों ने 13 अक्टूबर 2026 को शिलांग में विधानसभा अध्यक्ष थॉमस ए. संगमा से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर अपने दलबदल के फैसले को औपचारिक रूप से दोहराया। इन विधायकों की अगुवाई लाखमेन रिम्बुई ने की और सभी ने एकजुट होकर स्पीकर को अपने निर्णय से अवगत कराया।

स्पीकर से मुलाकात का मकसद

रिम्बुई के अनुसार, पहली बार जब ये विधायक स्पीकर से मिलने पहुँचे थे, तब वे शहर से बाहर थे। इसीलिए 13 अक्टूबर को सभी आठों विधायक स्वयं उपस्थित हुए और पिछले बयान को फिर से दोहराया। रिम्बुई ने कहा, 'आज की बैठक का मकसद यह है कि, जैसा कि आप जानते हैं, जब हम उस दिन आए थे, तो हमारे स्पीकर शहर से बाहर थे। इसलिए आज हम सभी आठ लोग खुद यहाँ आए हैं और उस दिन जो बात कही थी, उसे फिर से दोहरा रहे हैं।'

बैठक के दौरान BJP विधायक सनबोर शुल्लाई भी इन आठ पूर्व यूडीपी विधायकों के साथ मौजूद थे। गौरतलब है कि इन आठ विधायकों ने 23 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में औपचारिक रूप से BJP की सदस्यता ग्रहण की थी।

मेघालय की राजनीति पर असर

यूडीपी मेघालय की प्रमुख क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों में से एक रही है, जहाँ ऐतिहासिक रूप से क्षेत्रीय दलों ने राज्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाई है। आठ विधायकों का एक साथ पार्टी छोड़ना यूडीपी के लिए संगठनात्मक दृष्टि से एक बड़ा झटका माना जा रहा है। पार्टी के सामने अब अपने जनाधार को संभालने और नए नेतृत्व को आगे लाने की चुनौती है।

BJP की पूर्वोत्तर रणनीति

यह ऐसे समय में हुआ है जब BJP पूर्वोत्तर भारत में अपनी राजनीतिक उपस्थिति को लगातार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मेघालय में अब तक क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है और BJP की वहाँ सीधी ताकत सीमित रही है। इन आठ अनुभवी विधायकों का जुड़ना राज्य में पार्टी की जड़ें गहरी करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

2028 चुनावों से पहले समीकरण बदले

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दलबदल 2028 के मेघालय विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के राजनीतिक गणित को प्रभावित कर सकता है। सभी प्रमुख दल अभी से चुनावी तैयारियों में जुटे हैं और इस घटनाक्रम से संगठनात्मक रणनीतियों और गठबंधन समीकरणों पर असर पड़ने की संभावना है। विधायकों के दलबदल से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया स्पीकर के स्तर पर आगे बढ़ रही है, और इसके कानूनी व संवैधानिक पहलुओं पर भी नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूर्वोत्तर में BJP की सुनियोजित विस्तार रणनीति का हिस्सा लगता है — जहाँ वह क्षेत्रीय दलों को कमजोर कर अपना जनाधार बना रही है। यूडीपी जैसी पार्टी, जो दशकों से खासी-जयंतिया बहुल इलाकों में प्रासंगिक रही है, के लिए यह नुकसान चुनावी नहीं, वैचारिक भी है। हालाँकि असली सवाल यह है कि क्या ये विधायक अपने क्षेत्रों में BJP के टिकट पर उतनी ही पकड़ बनाए रख पाएंगे जितनी क्षेत्रीय पहचान के बल पर बनाई थी। 2028 तक का राजनीतिक घमासान इसी प्रश्न का उत्तर देगा।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेघालय के यूडीपी विधायकों ने BJP क्यों ज्वाइन की?
इन आठ विधायकों ने 23 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में औपचारिक रूप से BJP की सदस्यता ली। उन्होंने यूडीपी छोड़कर BJP में शामिल होने का फैसला किया, हालाँकि इसके पीछे के विस्तृत कारणों का आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ है।
विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात का क्या महत्व है?
विधायकों द्वारा स्पीकर को अपने दलबदल की जानकारी देना दल-परिवर्तन की संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है। 13 अक्टूबर की बैठक इसलिए अहम थी क्योंकि पहली बार विधायक स्पीकर थॉमस ए. संगमा से नहीं मिल पाए थे, जो उस समय शहर से बाहर थे।
इस दलबदल का मेघालय की राजनीति पर क्या असर होगा?
यूडीपी मेघालय की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियों में से एक है और आठ विधायकों का जाना 2028 विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। इससे BJP की राज्य में स्थिति मजबूत होने और यूडीपी के जनाधार पर दबाव बढ़ने की संभावना है।
लाखमेन रिम्बुई कौन हैं?
लाखमेन रिम्बुई मेघालय के एक वरिष्ठ विधायक हैं जिन्होंने यूडीपी से BJP में जाने वाले आठ विधायकों के समूह का नेतृत्व किया। वे 13 अक्टूबर की स्पीकर बैठक में भी प्रवक्ता के रूप में सामने आए।
BJP पूर्वोत्तर में किस रणनीति पर काम कर रही है?
BJP पूर्वोत्तर के राज्यों में क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन और उनके नेताओं को अपने में समाहित करके अपनी उपस्थिति मजबूत करती रही है। मेघालय में यूडीपी के आठ विधायकों का शामिल होना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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