ट्रेन में सीट विवाद: मॉडल अंतरा बनर्जी ने RPF जवानों पर रेजर से किया हमला, GRP ने किया गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई में 12 अगस्त 2026 की रात बांद्रा-गंगानगर अरावली एक्सप्रेस में सीट विवाद उस समय हिंसक रूप ले गया जब ठाणे निवासी 31 वर्षीय मॉडल अंतरा बनर्जी ने कथित तौर पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों और टिकट चेकर पर रेजर ब्लेड से हमला कर दिया। बोरीवली जीआरपी (GRP) ने उन्हें अगले दिन हिरासत में लेकर कई धाराओं में मामला दर्ज किया, हालाँकि बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
घटनाक्रम की शुरुआत कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, अंतरा बनर्जी एक वेब सीरीज की शूटिंग के सिलसिले में सूरत जा रही थीं। उनके पास स्लीपर क्लास का टिकट था, लेकिन वे एसी कोच में बैठ गई थीं। जब एक सहयात्री ने उनसे अपनी आरक्षित सीट खाली करने को कहा और बनर्जी के इनकार पर RPF व टिकट चेकर (टीईटी) हरिकेश त्रिपाठी को बुलाया गया, तब विवाद ने उग्र रूप ले लिया।
गवाहों के अनुसार, अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद बनर्जी ने कथित तौर पर अपने कपड़े उतार दिए, रेजर ब्लेड लहराया और RPF एएसआई यामिनी कांत मिश्रा तथा कांस्टेबल राजेश कुमार पर हमला कर दिया। इस दौरान उन्होंने खुद को भी ब्लेड से घायल कर लिया।
हाथापाई में क्या-क्या हुआ
शिकायत के मुताबिक, बनर्जी ने एएसआई यामिनी कांत मिश्रा की वर्दी और मोबाइल फोन को नुकसान पहुँचाया तथा उनका चश्मा तोड़ दिया। यह पूरा घटनाक्रम रात करीब 9:30 बजे से 10:50 बजे के बीच — यानी लगभग एक घंटे से अधिक समय तक चला, जिससे सहयात्री भयभीत हो गए।
स्थिति को काबू में करने के लिए RPF कर्मचारियों ने एसी कोच के दरवाजे बंद कर दिए। आरोप है कि इसके बाद बनर्जी ने बाहर निकलने के लिए कोच का काँच तोड़ दिया। जब ट्रेन दहानू रेलवे स्टेशन पहुँची, तो उन्हें ट्रेन से उतारकर जीआरपी के हवाले कर दिया गया।
गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
13 अगस्त की सुबह बोरीवली रेलवे पुलिस ने बनर्जी को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया। उन पर यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने, सरकारी कर्मचारियों को गंभीर चोट पहुँचाने, मारपीट, जानबूझकर अपमान और खुद को घायल करने समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, जब उन्हें रिश्तेदारों या कानूनी सलाहकार से संपर्क करने का सुझाव दिया गया, तो उन्होंने सहयोग से इनकार कर दिया और खुद को गिरफ्तार करने की माँग करने लगीं। बाद में नोटिस जारी कर उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
आगे की स्थिति
मामले में जाँच जारी है। यह घटना रेलवे में यात्री व्यवहार और सुरक्षाकर्मियों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ सकती है। बोरीवली जीआरपी आगे की कानूनी कार्रवाई की दिशा तय कर रही है।