12 साल की कृषि उपलब्धियाँ: PM मोदी ने गिनाईं किसान योजनाएँ, ₹4.27 लाख करोड़ PM-किसान में वितरित
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 जून 2025 को केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किसान कल्याण को अपनी सरकार की 'सर्वोच्च प्राथमिकता' बताया और कृषि क्षेत्र में की गई प्रमुख पहलों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया। उन्होंने कहा कि पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत अब तक देशभर के किसानों के खातों में ₹4.27 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। यह घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की गई पोस्ट के माध्यम से की।
PM मोदी ने क्या कहा
मोदी ने एक्स पर लिखा, 'हमारे किसान भाई-बहन देश की अन्न सुरक्षा, पोषण और समृद्धि के आधारस्तंभ हैं। उनके जीवन को अधिक से अधिक आसान बनाने के लिए हमारी सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है।' उन्होंने पीएम-कुसुम योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे किसानों को सौर ऊर्जा सुलभ हुई है और खेती की लागत में कमी आई है।
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड की भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि यह किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को कम ब्याज पर आसान ऋण उपलब्ध कराने में सहायक है। उन्होंने 'बीज से बाजार तक' पहल को भी किसानों की फसलों को उचित मूल्य दिलाने में 'बहुत कारगर' बताया।
प्रमुख कृषि योजनाओं की उपलब्धियाँ
आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक किसानों को बीमा का लाभ मिल चुका है। कृषि अवसंरचना कोष के तहत ₹84,200 करोड़ से अधिक मंजूर किए गए हैं, जिससे ₹1.33 लाख करोड़ का निवेश सुनिश्चित हुआ है।
2014 से 2025 के बीच जलवायु के अनुकूल फसलों की लगभग 3,000 किस्में जारी की गईं। देशभर में लगभग 26 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड वितरित किए जा चुके हैं और 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना के तहत 109 लाख हेक्टेयर खेती को कवर किया गया है।
डिजिटल और आधुनिक कृषि पर जोर
मोदी ने कहा कि ड्रोन, सॉयल हेल्थ कार्ड और प्राकृतिक खाद से जुड़े अभियानों से किसानों को फसल की उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिल रही है। एग्रीस्टैक फार्मर आईडी के तहत 11 करोड़ किसानों को डिजिटल पहचान दी जा रही है। पीएम किसान मानधन योजना से अब तक लगभग 25 लाख किसान जुड़ चुके हैं।
इसके अलावा, परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) के तहत लगभग 19 लाख हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती के दायरे में लाया गया है। पीएम धन-धान्य कृषि योजना के तहत ₹24,000 करोड़ वितरित किए जा चुके हैं।
संस्कृत सुभाषितम् के माध्यम से संदेश
मोदी ने एक पोस्ट में 'संस्कृत सुभाषितम्' साझा करते हुए लिखा, 'कृषि केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के पोषण का मूल आधार है। हमारे किसान भाई-बहनों का पसीना जब मिट्टी में मिलता है तो अन्न बनकर देशवासियों के जीवन को संबल देता है।' उन्होंने संस्कृत श्लोक उद्धृत किया: 'ते कृषिं च सस्यं च मनुष्या उप जीवन्ति। कृष्टराधिरुपजीवनीयो भवति य एवं वेद।'
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार अगले कृषि बजट चक्र की तैयारी में है और किसान संगठनों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा देने की माँग अभी भी चर्चा में बनी हुई है।