पीएम किसान सम्मान निधि 2031 तक बढ़ी, छिंदवाड़ा के किसानों ने किया मोदी सरकार का स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अवधि वर्ष 2031 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे देशभर के करोड़ों पात्र किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के किसानों ने 2 अगस्त को इस फैसले का खुले दिल से स्वागत करते हुए कहा कि इससे खेती-किसानी को आर्थिक मजबूती मिलेगी और छोटे किसानों का भरोसा और बढ़ेगा।
योजना की मुख्य विशेषताएँ
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है। अब इस योजना की अवधि 2031 तक बढ़ा दी गई है, जो पहले 2027 तक सीमित थी। किसानों का कहना है कि यह राशि बीज, खाद और फसल से जुड़े अन्य ज़रूरी खर्चों में सीधी मदद करती है।
किसानों की प्रतिक्रिया
छिंदवाड़ा के किसान बसंत पटेल ने कहा, 'सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना को 5 साल के लिए बढ़ाने पर हमें खुशी है। यह योजना किसानों के लिए काफी लाभदायक है। हम नरेंद्र मोदी सरकार का धन्यवाद करते हैं।'
किसान ललित सिंह ने कहा, 'यह किसानों के लिए खुशी का विषय है। छोटे किसानों को इस योजना का लाभ मिलता है। इसके लिए मैं सभी किसान भाइयों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूँ।'
एक अन्य किसान संदीप चौधरी ने कहा, 'यह पूरे भारत के किसानों के लिए खुशी की बात है। हमें चिंता यह थी कि योजना 2027 में बंद न हो जाए, लेकिन प्रधानमंत्री ने जो कदम उठाया है, वह प्रसन्नता की बात है। इस योजना से किसानों की छोटी-छोटी जरूरतें पूरी हो जाती हैं।'
आम किसानों पर असर
गौरतलब है कि पीएम किसान सम्मान निधि देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) कृषि योजनाओं में से एक है। यह ऐसे समय में आई है जब कृषि क्षेत्र में इनपुट लागत — खाद, डीजल और बीज — लगातार बढ़ रही है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह वार्षिक सहायता एक महत्वपूर्ण आर्थिक कुशन का काम करती है।
आगे क्या
योजना की अवधि विस्तार के साथ सरकार से अपेक्षा है कि वह पात्रता मानदंड और किस्त वितरण की समय-सारणी को भी अद्यतन करेगी। छिंदवाड़ा सहित मध्य प्रदेश के अन्य जिलों के किसान भी इस घोषणा को सकारात्मक रूप से देख रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि आने वाले वर्षों में सहायता राशि में भी वृद्धि की जाए।