3 अगस्त 2026
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पीएम किसान सम्मान निधि 2030-31 तक बढ़ी, लातेहार के किसानों ने कहा — साहूकारों के कर्ज से मिली मुक्ति

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पीएम किसान सम्मान निधि 2030-31 तक बढ़ी, लातेहार के किसानों ने कहा — साहूकारों के कर्ज से मिली मुक्ति

सारांश

पीएम किसान सम्मान निधि योजना को 2030-31 तक बढ़ाने का फैसला झारखंड के लातेहार जिले के किसानों के लिए राहत की खबर बनकर आया है। किसानों का कहना है कि सीधे खाते में आने वाली ₹6,000 सालाना की राशि ने उन्हें साहूकारों के कर्ज के दुष्चक्र से बाहर निकाला है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अवधि 2030-31 तक बढ़ाई — पहले यह 2026 तक थी।
झारखंड के लातेहार जिले के किसानों ने 2 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।
किसान शशि भूषण पाठक ने एक किस्त की राशि ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की माँग रखी।
किसानों के अनुसार योजना से धान, गेहूं, मकई, अरहर, सरसों और आलू की खेती के लिए बीज खरीदना आसान हुआ।
किसानों ने कहा कि अब साहूकारों से कर्ज लेने की ज़रूरत नहीं रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।

केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना की अवधि 2030-31 तक बढ़ाए जाने के फैसले से झारखंड के लातेहार जिले के किसानों में उत्साह का माहौल है। 2 अगस्त को जिले के अनेक किसानों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीधे बैंक खाते में मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें साहूकारों के चंगुल से बाहर निकाला है।

किसानों की प्रतिक्रिया

लातेहार के किसान शशि भूषण पाठक ने कहा, 'योजना को 2026 से बढ़ाकर 2030-31 तक किया जाना किसानों के लिए बहुत अच्छी व्यवस्था है। पहले यह 2026 तक थी, अब 6 साल और बढ़ गई है। इससे जो किसान कर्ज लेकर खेती करते थे उन्हें मुक्ति मिल गई है। खाद-बीज के लिए अब कर्ज नहीं लेना पड़ता, समय पर पैसे की व्यवस्था हो जा रही है।'

पाठक ने यह भी सुझाव दिया कि यदि एक किस्त में मिलने वाली ₹2,000 की राशि को बढ़ाकर ₹3,000 कर दिया जाए तो किसानों को और अधिक लाभ होगा। उन्होंने खाद की उपलब्धता और मूल्य नियंत्रण की भी माँग की।

खेती में निवेश हुआ आसान

किसान श्याम कुमार ने बताया, 'पहले गाँव में फसल के समय बीज खरीदने के लिए पैसा नहीं होता था और लोग साहूकारों से कर्ज लेते थे। अब योजना से मिलने वाले पैसे से धान, गेहूं और आलू का बीज खरीदा जा रहा है। किसी को कर्ज चुकाना नहीं पड़ता। 2026 से बढ़ाकर 2031 तक करना पीएम का सराहनीय कदम है।'

चंदवा के किसान बैद्यनाथ ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि से उन्हें धान, मकई, अरहर, सरसों की खेती और आलू रोपने में सहायता मिलती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस कदम की सराहना की।

आम जनता पर असर

लातेहार जिले के कई अन्य किसानों ने भी पुष्टि की कि योजना के अंतर्गत मिलने वाली आर्थिक मदद से वे अब खेती में निवेश कर पा रहे हैं। गौरतलब है कि पहले बीज खरीदने के लिए पैसे न होने की स्थिति में किसान अधिक ब्याज दर पर साहूकारों से कर्ज लेने को मजबूर होते थे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और कमज़ोर होती थी। योजना ने इस चक्र को तोड़ने में सहायता की है।

योजना की पृष्ठभूमि

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की राशि तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से झारखंड सहित देशभर के लाखों किसानों को दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण कृषि क्षेत्र में खेती की लागत लगातार बढ़ रही है।

आगे की राह

किसानों की ओर से प्रति किस्त राशि बढ़ाने और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की माँगें सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की दीर्घकालिक निरंतरता ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करेगी और किसानों की साहूकारों पर निर्भरता को और कम करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी आवाज़ें यह भी बताती हैं कि ₹6,000 सालाना की राशि बढ़ती खेती लागत के सामने अपर्याप्त होती जा रही है। लातेहार जैसे पिछड़े जिलों में जहाँ खाद की उपलब्धता और कीमत अभी भी बड़ी चुनौती है, वहाँ केवल नकद हस्तांतरण की अवधि बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। किसानों की किस्त बढ़ाने की माँग और खाद नियंत्रण की अपील सरकार के लिए अगली नीतिगत परीक्षा होगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम किसान सम्मान निधि योजना को कब तक बढ़ाया गया है?
केंद्र सरकार ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना को वर्ष 2030-31 तक बढ़ा दिया है। पहले यह योजना 2026 तक ही लागू थी, अब इसे 6 साल और जारी रखा जाएगा।
पीएम किसान योजना के तहत कितनी राशि मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की राशि तीन समान किस्तों में — यानी हर किस्त ₹2,000 — सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। लातेहार के किसान शशि भूषण पाठक ने माँग की है कि यह किस्त ₹3,000 की जाए।
लातेहार के किसानों को इस योजना से क्या फायदा हुआ?
लातेहार के किसानों के अनुसार इस योजना से उन्हें धान, गेहूं, मकई, अरहर, सरसों और आलू के बीज खरीदने के लिए साहूकारों से कर्ज नहीं लेना पड़ रहा। समय पर मिलने वाली राशि ने उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार किया है।
किसानों ने योजना के साथ और क्या माँगें रखी हैं?
किसान शशि भूषण पाठक ने प्रति किस्त राशि ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 करने की माँग की है। साथ ही उन्होंने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उसकी कीमतों पर नियंत्रण रखने की भी अपील की है।
झारखंड के लातेहार जिले में पीएम किसान योजना का असर कैसा रहा है?
लातेहार जिले के किसानों के अनुसार योजना ने उन्हें साहूकारों के ऊँचे ब्याज वाले कर्ज से मुक्ति दिलाई है। चंदवा के किसान बैद्यनाथ और श्याम कुमार जैसे कई किसानों ने बताया कि अब वे खेती में स्वतंत्र रूप से निवेश कर पा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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