पीएम किसान सम्मान निधि योजना: साहिबगंज के किसानों को ₹6,000 सालाना से खाद-बीज खरीदने में राहत
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के साहिबगंज जिले के किसानों को केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना से ठोस राहत मिल रही है। सदर प्रखंड और डीहारी गांव के किसानों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली वार्षिक ₹6,000 की सहायता राशि ने कृषि कार्यों को पहले की तुलना में सुगम बना दिया है। अब किसानों को खेती के लिए उधार लेने की वैसी विवशता नहीं रही जैसी पहले थी — वे समय पर खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री खरीदकर बुआई कर पा रहे हैं।
योजना का स्वरूप और लाभ
PM-KISAN योजना के तहत पात्र किसानों को साल में तीन किस्तों में कुल ₹6,000 की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जाती है — प्रत्येक किस्त ₹2,000 की होती है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) की इस व्यवस्था से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है और राशि समय पर किसानों तक पहुँच रही है। किसानों का कहना है कि इस धनराशि से खेती की लागत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पूरा हो जाता है।
किसानों की ज़ुबानी
साहिबगंज सदर प्रखंड के किसान दिलीप ओझा और उदय चंद्र यादव ने बताया कि इस योजना से उन्हें काफी राहत मिली है। ओझा ने कहा कि पहले खेती के लिए दूसरों से कर्ज लेना पड़ता था, जिस पर भारी ब्याज चुकाना होता था। अब हर चार महीने पर आने वाली ₹2,000 की किस्त से खेती की जरूरी तैयारियाँ समय पर पूरी हो जाती हैं।
डीहारी गांव के किसान दिलीप ओझा ने यह भी बताया कि उनका क्षेत्र बाढ़ प्रभावित है, जहाँ हर साल फसल डूबने का खतरा बना रहता है। कई बार नुकसान का पूरा मुआवजा या फसल बीमा भी नहीं मिल पाता। ऐसी विषम परिस्थितियों में किसान सम्मान निधि से मिलने वाली राशि खेती के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन गई है।
आर्थिक निर्भरता में बदलाव
किसानों के अनुभव बताते हैं कि पहले आर्थिक तंगी के कारण खेती प्रभावित होती थी और बुआई का मौसम चूक जाता था। अब समय पर धनराशि उपलब्ध होने से खाद, बीज और अन्य कृषि आदानों की खरीद समय पर हो रही है। यह ऐसे समय में विशेष महत्व रखता है जब झारखंड जैसे राज्यों में कृषि आय अनिश्चित मानसून और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण अस्थिर बनी रहती है।
किसानों की आगे की उम्मीदें
साहिबगंज के किसानों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी कृषि क्षेत्र के हित में इसी तरह की कल्याणकारी योजनाएँ लागू की जाती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष राहत या बेहतर फसल बीमा व्यवस्था की जाए, तो किसानों की स्थिति और मजबूत हो सकती है। गौरतलब है कि PM-KISAN योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में हुई थी और अब तक देशभर के करोड़ों किसान इसका लाभ उठा रहे हैं।