इंडोनेशिया में PM मोदी का सर्वोच्च सम्मान भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक: दिनेश शर्मा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने 7 जुलाई को लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा और राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मोदी को इंडोनेशिया में मिला सर्वोच्च सम्मान केवल एक नेता का नहीं, बल्कि समूचे भारत का गौरव है।
इंडोनेशिया में मोदी का अभिनंदन
दिनेश शर्मा ने कहा कि मुस्लिम बहुल देश इंडोनेशिया की संसद में प्रधानमंत्री मोदी का तालियों और मेज थपथपाकर स्वागत किया जाना इस बात का प्रमाण है कि विश्व समुदाय उन्हें एक प्रभावशाली वैश्विक नेता के रूप में स्वीकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास गवाह है कि इस देश ने कभी किसी राष्ट्र पर आक्रमण नहीं किया और न ही किसी भूमि पर कब्जे की मानसिकता रखी — यही भारतीय सभ्यता की मूल आत्मा है।
शर्मा के अनुसार, यह दृश्य प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय था और इससे भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और अधिक सुदृढ़ हुई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश की वैश्विक छवि लगातार मजबूत हो रही है।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर BJP का रुख
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े विवाद पर दिनेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्वयं शिकायत दर्ज कराई और अनियमितताओं की जानकारी भी ट्रस्ट की ओर से ही सामने आई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की पारदर्शिता और राज्य सरकार की तत्परता ने विशेष जांच दल (SIT) के गठन की राह खोली, जिसके तहत गिरफ्तारियाँ हो रही हैं और छापेमारी जारी है।
शर्मा ने आम जनता से अपील की कि वे जांच प्रक्रिया पर भरोसा रखें। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई होगी। साथ ही उन्होंने चेताया कि इस मामले की आड़ में करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को बदनाम करने का प्रयास उचित नहीं है।
चंपत राय के इस्तीफे पर टिप्पणी से परहेज
जब चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार किए जाने पर सवाल उठाया गया, तो शर्मा ने सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि, व्यक्तिगत स्तर पर उन्होंने कहा कि पूज्य कमल नयन दास महाराज और पूज्य नृत्य गोपाल दास महाराज जैसे संतों के विचार उनके लिए अत्यंत सम्माननीय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से लंबे समय तक जुड़े रहने के दौरान उन्होंने चंपत राय के समर्पण और प्रतिबद्धता को करीब से देखा है।
विपक्ष पर निशाना
शर्मा ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ नेताओं ने अयोध्या और राम मंदिर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थीं, यहाँ तक कि भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे — और ये सभी बयान सार्वजनिक रिकॉर्ड में मौजूद हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने न्यायालय में ऐसे पक्ष का समर्थन किया था, जिसने राम जन्मभूमि की वैधता पर सवाल उठाए थे। उनके अनुसार, जिन लोगों की कभी इस आंदोलन में आस्था नहीं रही, वे आज मंदिर और सनातन परंपरा को राजनीतिक विवादों में घसीटने का प्रयास कर रहे हैं।
आगे क्या
SIT की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ होने की संभावना है। राम मंदिर विवाद और मोदी की विदेश नीति — दोनों मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहेंगे, खासकर तब जब विपक्ष इन्हें लेकर सरकार पर दबाव बनाए हुए है।