मोगा पुलिस की 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान में बड़ी कार्रवाई: 30 गिरफ्तार, 203 ग्राम हेरोइन बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मोगा जिले में नशा-विरोधी अभियान 'युद्ध नशियां विरुद्ध' और 'पिंडां दे पहरेदार' के तहत मोगा पुलिस ने 9 से 15 मई 2026 के बीच एक सप्ताह में 22 मामले दर्ज कर 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सरताज सिंह चहल ने 16 मई को यह जानकारी साझा की।
मुख्य घटनाक्रम
एसएसपी चहल के अनुसार, इस विशेष अभियान के अंतर्गत 5 घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाए गए तथा चिह्नित 'नशा हॉटस्पॉट' इलाकों में छापेमारी की गई। नशीले पदार्थों और अवैध शराब से जुड़े 19 मामले दर्ज कर 29 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि अवैध शराब तस्करी के 4 अलग मामलों में 6 आरोपी पकड़े गए।
बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस ने इन अभियानों के दौरान 203 ग्राम हेरोइन, 382 नशीली गोलियाँ, 13 किलो 500 ग्राम पोस्त/भुक्की, 18 लीटर लाइसेंसी शराब, 180 लीटर लाहन और 37.5 लीटर अवैध शराब बरामद की। इसके अतिरिक्त, 3 उद्घोषित अपराधियों (पीओ) को भी हिरासत में लिया गया। चोरी के एक अलग मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ₹14,000 नकद बरामद किए गए।
जागरूकता अभियान
पुलिस ने केवल छापेमारी तक सीमित न रहते हुए समुदाय को साथ जोड़ने की रणनीति भी अपनाई। अधिकारियों ने गाँवों और शहरी क्षेत्रों में 42 सेमिनार और जनसभाएँ आयोजित कीं, जिनमें ग्राम पंचायतों, स्पोर्ट्स क्लबों और समुदाय के प्रतिष्ठित सदस्यों को शामिल किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से आगाह करना और नागरिकों को तस्करों की सूचना पुलिस तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करना है।
पुलिस का संदेश
मोगा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। एसएसपी चहल ने आम जनता से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदार बनें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। गौरतलब है कि पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक चिंता का विषय रही है, और यह अभियान राज्य सरकार की व्यापक नशा-निरोधक नीति का हिस्सा है।