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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरदा में ग्रामीणों को सौंपे स्वामित्व रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरदा में ग्रामीणों को सौंपे स्वामित्व रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हरदा जिले में स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र सौंपे। इससे ग्रामीणों को बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में आसानी होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 9 अक्टूबर 2026 को हरदा जिले में स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए।
ग्राम गोंदागांव के श्री निर्भयदास व श्री भैयालाल सहित कुल 10 हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र मिले।
रजिस्ट्री मिलने से ग्रामीण अब बैंक ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को रजिस्ट्री प्रक्रिया में गति बढ़ाने के निर्देश दिए।
योजना में केवल अधिकार अभिलेख में दर्ज जानकारी के आधार पर रजिस्ट्री होगी; नया स्वामित्व निर्धारण नहीं किया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 9 अक्टूबर 2026 को हरदा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वामित्व अधिकार अभिलेखों के हस्तांतरण विलेख निष्पादन योजना के तहत वर्ष 2026 के लाभार्थियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र वितरित किए। इस अवसर पर ग्राम गोंदागांव के निवासी श्री निर्भयदास एवं श्री भैयालाल सहित कुल दस हितग्राहियों को उनकी भूमि के कानूनी स्वामित्व के दस्तावेज़ सौंपे गए।

योजना का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक पात्र ग्रामीण को उसकी भूमि का विधिसम्मत अधिकार मिले। उन्होंने कहा, 'स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को केवल कानूनी सुरक्षा ही नहीं मिल रही, बल्कि वे आर्थिक रूप से भी सशक्त हो रहे हैं।' रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र मिलने से संपत्ति का बाज़ार मूल्य बढ़ेगा और लाभार्थी सरकारी योजनाओं का फायदा सहजता से उठा सकेंगे।

लाभार्थियों की प्रतिक्रिया

रजिस्ट्री प्राप्त करने के बाद हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि अपनी भूमि का विधिवत मालिकाना हक मिलने से अब बैंक से ऋण लेना आसान होगा और वे अपनी ज़मीन पर निर्भय होकर निर्माण एवं अन्य कार्य कर सकेंगे। लाभार्थियों ने राज्य सरकार की इस पहल की सराहना की।

प्रशासन को निर्देश

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सिद्धार्थ जैन को निर्देश दिए कि भू-स्वामित्व के तहत रजिस्ट्री कार्य की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटवारियों को यह बताया जाए कि शासकीय कार्य निष्पादन में जो निष्पादन अधिकारी राज्य सरकार के प्रतिनिधि के रूप में घोषित हैं, उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी। यादव ने यह भी स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री का निष्पादन केवल अधिकार अभिलेख में उल्लिखित जानकारी के आधार पर होगा — किसी के स्वामित्व का नया निर्धारण या नई जानकारी का सृजन इस प्रक्रिया में नहीं किया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस अवसर पर केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्यमंत्री दुर्गादास उइके, पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय सुदाम खाड़े, कमिश्नर नर्मदापुरम श्रीकांत बनोठ, आईजी चंद्रशेखर सोलंकी, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन और पुलिस अधीक्षक शशांक सहित अनेक जनप्रतिनिधि, हितग्राही तथा अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना देश भर के ग्रामीण इलाकों में लागू की जा रही है और मध्य प्रदेश इस दिशा में अपेक्षाकृत सक्रिय राज्यों में गिना जाता है। मुख्यमंत्री के निर्देशों से स्पष्ट है कि राज्य सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को और तेज़ करने पर ज़ोर दे रही है, ताकि अधिक से अधिक पात्र ग्रामीण लाभ उठा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि मध्य प्रदेश के कितने पात्र ग्रामीण परिवार अभी भी इस लाभ से वंचित हैं। राज्य में पटवारियों की कमी और प्रशासनिक जटिलताएँ इस प्रक्रिया को धीमा करती रही हैं। मुख्यमंत्री का 'गति बढ़ाने' का निर्देश यह संकेत देता है कि ज़मीनी स्तर पर अभी भी बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। जब तक लाभार्थियों की कुल संख्या और लंबित मामलों का सार्वजनिक डेटा उपलब्ध नहीं होता, तब तक इस योजना की वास्तविक प्रगति का आकलन करना कठिन है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र क्या होता है?
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी आवासीय भूमि का कानूनी स्वामित्व दस्तावेज़ दिया जाता है, जिसे रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र कहते हैं। यह दस्तावेज़ संपत्ति पर कानूनी अधिकार सुनिश्चित करता है और बैंक ऋण लेने तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायक होता है।
हरदा में कितने ग्रामीणों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र मिले?
9 अक्टूबर 2026 को हरदा जिले में आयोजित कार्यक्रम में कुल 10 हितग्राहियों को रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र सौंपे गए, जिनमें ग्राम गोंदागांव के श्री निर्भयदास और श्री भैयालाल शामिल थे।
इस योजना से ग्रामीणों को क्या फायदा होगा?
रजिस्ट्री प्रमाण-पत्र मिलने से ग्रामीण अपनी भूमि को बैंक ऋण के लिए गिरवी रख सकते हैं, सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं और संपत्ति पर निर्माण कार्य निर्भय होकर कर सकते हैं। इससे उनकी संपत्ति का बाज़ार मूल्य भी बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री ने प्रशासन को क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलेक्टर को रजिस्ट्री प्रक्रिया में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रजिस्ट्री केवल अधिकार अभिलेख में दर्ज जानकारी के आधार पर होगी और निष्पादन अधिकारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं होगी।
स्वामित्व योजना किस स्तर पर लागू हो रही है?
स्वामित्व योजना केंद्र सरकार की पहल है जो देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू की जा रही है। मध्य प्रदेश में राज्य सरकार इसे सक्रिय रूप से क्रियान्वित कर रही है और हरदा जैसे जिलों में कार्यक्रम आयोजित कर लाभार्थियों तक पहुँचा जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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