25 अक्टूबर 2026
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धार-झाबुआ के 72 हजार किसानों को ₹2,387 करोड़ की नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना की सौगात: CM मोहन यादव

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धार-झाबुआ के 72 हजार किसानों को ₹2,387 करोड़ की नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना की सौगात: CM मोहन यादव

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार में ₹2,387 करोड़ की नर्मदा माइक्रो सिंचाई परियोजना लॉन्च की। इससे धार-झाबुआ के 260 गांवों के 72 हजार किसानों को पानी मिलेगा और 6 लाख कपास उत्पादकों को भी लाभ होगा — पलायन रोकने की दिशा में बड़ा कदम।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अक्टूबर 2026 को धार में ₹2,387.60 करोड़ की नर्मदा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया।
परियोजना से धार और झाबुआ के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और लगभग 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
निमाड़-मालवा क्षेत्र के 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलने का अनुमान।
प्रदेश का सिंचाई रकबा 2002-03 के साढ़े सात लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 60 लाख हेक्टेयर पर; लक्ष्य 100 लाख हेक्टेयर ।
दीवाली पूर्व 16 लाख 70 हजार किसानों को ₹317.86 करोड़ सीधे खातों में भेजे गए।
पीएम मित्र पार्क, धार से प्रदेश के 3 लाख लोगों को रोजगार देने का दावा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 24 अक्टूबर 2026 को धार में नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का लोकार्पण किया। ₹2,387.60 करोड़ से अधिक लागत की इस परियोजना से धार और झाबुआ जिले के लगभग 72 हजार किसानों को सिंचाई के लिए माँ नर्मदा का जल उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री यादव ने इसे क्षेत्र के कृषि विकास में एक निर्णायक कदम बताया।

परियोजना का दायरा और लाभ

इस माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से धार और झाबुआ के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। मुख्यमंत्री यादव के अनुसार इस परियोजना से न केवल सीधे 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे, बल्कि निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को भी इसका अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पर्याप्त जल उपलब्धता से दोनों जिलों के युवा, किसान और महिलाएं पलायन के लिए विवश नहीं होंगे।

सिंचाई रकबे में विस्तार का ऐतिहासिक संदर्भ

मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो वर्ष 2023 तक बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गई। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में उनकी सरकार ने सिंचाई रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुँचाया है और प्रदेश में इसे 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य निर्धारित है। गौरतलब है कि सरदार सरोवर बांध के बाद यह क्षेत्र में जल-आपूर्ति की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कड़ी है।

पीएम मित्र पार्क और रोजगार का अवसर

यह ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धार में पीएम मित्र पार्क की घोषणा की है, जो निमाड़-मालवा के कपास उत्पादकों के लिए कपड़ा उद्योग की पूरी मूल्य-श्रृंखला — कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट — एक ही स्थान पर स्थापित करेगा। इस पार्क से प्रदेश के 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने का दावा किया गया है। यहाँ निर्मित वस्त्रों के निर्यात की भी योजना है।

अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

केंद्रीय महिला एवं बाल-विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास सहित हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री यादव के 100 लाख हेक्टेयर सिंचित करने के संकल्प को ऐतिहासिक बताया। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि इस परियोजना से धार, झाबुआ, पेटलावद, थांदला और सरदारपुर को नर्मदा का जल मिलेगा।

किसान कल्याण और दीवाली सौगात

मुख्यमंत्री यादव ने यह भी बताया कि दीवाली से पूर्व प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों को ₹317.86 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में भेजी गई है। उन्होंने इसे किसान कल्याण वर्ष की प्रतिबद्धता का हिस्सा बताया। साथ ही धार जिले में रेलवे लाइन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं। आगामी महीनों में परियोजना का क्रियान्वयन किस गति से होता है, यह इस क्षेत्र के कृषि भविष्य की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

387 करोड़ की यह परियोजना कागज़ पर प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी यह है कि माइक्रो उद्वहन प्रणाली की परिचालन लागत और बिजली की निर्भरता किसानों के लिए सिंचाई को वास्तव में सुलभ बनाती है या नहीं। मध्य प्रदेश में सिंचाई रकबे के आँकड़े तेज़ी से बढ़ रहे हैं, लेकिन 'सिंचित भूमि' की परिभाषा और वास्तविक फसल उत्पादन में सुधार के बीच की खाई अक्सर सरकारी दावों में नज़रअंदाज़ होती है। इस परियोजना की सफलता धार-झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल और पलायन-प्रभावित क्षेत्रों में तब सिद्ध होगी, जब युवाओं का शहरों की ओर पलायन वास्तव में रुकेगा — जो अभी तक किसी भी सरकारी घोषणाओं से नहीं हुआ।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना क्या है?
यह ₹2,387.60 करोड़ से अधिक लागत की एक सिंचाई परियोजना है, जिसका लोकार्पण 24 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार में किया। इससे धार और झाबुआ जिले के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को नर्मदा का जल उपलब्ध होगा और करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।
इस परियोजना से किन किसानों को फायदा होगा?
सीधे तौर पर धार और झाबुआ जिले के लगभग 72 हजार किसान इससे लाभान्वित होंगे। इसके अलावा निमाड़-मालवा क्षेत्र के करीब 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को भी अप्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिलने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश में सिंचाई रकबा कितना बढ़ा है?
मुख्यमंत्री यादव के अनुसार, वर्ष 2002-03 में प्रदेश में केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो 2023 तक बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गई। उनके दावे के अनुसार पिछले ढाई वर्षों में यह रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है और लक्ष्य 100 लाख हेक्टेयर का है।
पीएम मित्र पार्क, धार से क्या होगा?
पीएम मित्र पार्क धार में कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स तक की पूरी मूल्य-श्रृंखला एक ही स्थान पर स्थापित होगी। इससे प्रदेश के 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने और निर्मित वस्त्रों के निर्यात की भी योजना है।
दीवाली पर किसानों को क्या सौगात दी गई?
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि दीवाली त्यौहार से पहले प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों को ₹317.86 करोड़ की राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी गई है। यह किसान कल्याण वर्ष के तहत किए जा रहे कार्यों का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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