झाबुआ में CM मोहन यादव देंगे ₹300 करोड़ का ऋण, 215 स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सीधा लाभ
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 को झाबुआ जिले के थांदला शहर में आयोजित राज्य-स्तरीय क्षमता-निर्माण एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्वयं-सहायता समूहों (SHGs) को ₹300 करोड़ के ऋण वितरित करेंगे। दोपहर 1:30 बजे IST से शुरू होने वाले इस आयोजन का केंद्रीय उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल देना और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देना है।
मुख्य घटनाक्रम
सरकारी बयान के अनुसार, झाबुआ जिले के 215 स्वयं-सहायता समूहों को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ₹10.08 करोड़ के ऋण दिए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ₹174.64 करोड़ की लागत वाली 29 नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और ₹109.17 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 28 परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।
इस प्रकार एक ही दिन में ₹283.81 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिले के लिए उल्लेखनीय है।
किन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा
इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी जाएगी। इनमें मॉडर्न डेयरी यूनिट्स के लिए 'डॉ. बी.आर. अंबेडकर कामधेनु योजना', 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना', 'भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना', 'टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना' और 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण योजना' शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त 'लाडली लक्ष्मी योजना' के पात्र लाभार्थियों को भी इस अवसर पर लाभ पहुँचाया जाएगा।
प्राकृतिक खेती और किसानों से संवाद
मुख्यमंत्री यादव कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों और प्रगतिशील कृषकों से सीधा संवाद करेंगे। बताया जा रहा है कि वे जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव सुनेंगे और सरकार की इस दिशा में जारी कोशिशों पर चर्चा करेंगे। कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को हेलमेट भी वितरित किए जाएंगे।
आजीविका मेला और छात्र सम्मान
कार्यक्रम स्थल पर एक 'आजीविका मेला' का भी आयोजन होगा, जिसमें सरकारी विभागों और स्वयं-सहायता समूहों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यहाँ स्थानीय उत्पाद, आदिवासी हस्तशिल्प, प्राकृतिक व जैविक खेती की विधियाँ, औषधीय पौधे और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
मुख्यमंत्री 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार विद्यार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।
आगे क्या
यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। ऋण वितरण के बाद इन समूहों के प्रदर्शन की निगरानी मिशन के माध्यम से की जाएगी।