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झाबुआ में CM मोहन यादव देंगे ₹300 करोड़ का ऋण, 215 स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सीधा लाभ

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झाबुआ में CM मोहन यादव देंगे ₹300 करोड़ का ऋण, 215 स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा सीधा लाभ

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ के थांदला में ₹300 करोड़ के ऋण स्वयं-सहायता समूहों को वितरित करेंगे। साथ ही ₹283 करोड़ से अधिक की 57 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन होगा — आदिवासी बहुल जिले में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका को बड़ा बढ़ावा।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव शुक्रवार को झाबुआ के थांदला में स्वयं-सहायता समूहों को ₹300 करोड़ के ऋण वितरित करेंगे।
झाबुआ जिले के 215 SHGs को MP राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ₹10.08 करोड़ का ऋण मिलेगा।
₹174.64 करोड़ की 29 नई परियोजनाओं की आधारशिला और ₹109.17 करोड़ की 28 पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन होगा।
कामधेनु योजना, उद्यम क्रांति योजना, बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना समेत कई सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता मिलेगी।
कार्यक्रम में आजीविका मेला , किसानों से संवाद और 10वीं-12वीं के होनहार छात्रों का सम्मान भी शामिल।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शुक्रवार, 1 अगस्त 2025 को झाबुआ जिले के थांदला शहर में आयोजित राज्य-स्तरीय क्षमता-निर्माण एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में प्रदेशभर के स्वयं-सहायता समूहों (SHGs) को ₹300 करोड़ के ऋण वितरित करेंगे। दोपहर 1:30 बजे IST से शुरू होने वाले इस आयोजन का केंद्रीय उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता को बल देना और ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देना है।

मुख्य घटनाक्रम

सरकारी बयान के अनुसार, झाबुआ जिले के 215 स्वयं-सहायता समूहों को मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ₹10.08 करोड़ के ऋण दिए जाएंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ₹174.64 करोड़ की लागत वाली 29 नई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और ₹109.17 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 28 परियोजनाओं का उद्घाटन भी करेंगे।

इस प्रकार एक ही दिन में ₹283.81 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास झाबुआ जैसे आदिवासी बहुल जिले के लिए उल्लेखनीय है।

किन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

इस कार्यक्रम में कई केंद्रीय और राज्य योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता दी जाएगी। इनमें मॉडर्न डेयरी यूनिट्स के लिए 'डॉ. बी.आर. अंबेडकर कामधेनु योजना', 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना', 'भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना', 'टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना' और 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण योजना' शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त 'लाडली लक्ष्मी योजना' के पात्र लाभार्थियों को भी इस अवसर पर लाभ पहुँचाया जाएगा।

प्राकृतिक खेती और किसानों से संवाद

मुख्यमंत्री यादव कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों और प्रगतिशील कृषकों से सीधा संवाद करेंगे। बताया जा रहा है कि वे जैविक एवं प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव सुनेंगे और सरकार की इस दिशा में जारी कोशिशों पर चर्चा करेंगे। कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को हेलमेट भी वितरित किए जाएंगे।

आजीविका मेला और छात्र सम्मान

कार्यक्रम स्थल पर एक 'आजीविका मेला' का भी आयोजन होगा, जिसमें सरकारी विभागों और स्वयं-सहायता समूहों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यहाँ स्थानीय उत्पाद, आदिवासी हस्तशिल्प, प्राकृतिक व जैविक खेती की विधियाँ, औषधीय पौधे और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।

मुख्यमंत्री 10वीं और 12वीं कक्षा के होनहार विद्यार्थियों को भी सम्मानित करेंगे। जिला प्रशासन ने कार्यक्रम की सभी तैयारियाँ पूरी कर ली हैं।

आगे क्या

यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। ऋण वितरण के बाद इन समूहों के प्रदर्शन की निगरानी मिशन के माध्यम से की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ BJP को परंपरागत रूप से कड़ी चुनौती मिलती रही है। सवाल यह है कि ये ऋण वास्तव में उन महिलाओं तक पहुँचते हैं जिन्हें इनकी सबसे अधिक ज़रूरत है, या बड़े SHGs ही इसका अधिकांश हिस्सा ले जाते हैं। मध्य प्रदेश में SHG ऋण वितरण के पिछले आँकड़े बताते हैं कि वसूली दर और वास्तविक आय-वृद्धि के बीच की खाई अभी भी चिंताजनक है। बिना पारदर्शी निगरानी तंत्र के, यह आयोजन एक बड़े कार्यक्रम से अधिक कुछ नहीं बन पाएगा।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झाबुआ में CM मोहन यादव का ₹300 करोड़ ऋण वितरण कार्यक्रम क्या है?
यह मध्य प्रदेश सरकार का राज्य-स्तरीय क्षमता-निर्माण एवं ऋण वितरण कार्यक्रम है, जो झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित हो रहा है। इसमें CM मोहन यादव प्रदेशभर के स्वयं-सहायता समूहों को ₹300 करोड़ के ऋण वितरित करेंगे, जिसका उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करना है।
झाबुआ में कितने स्वयं-सहायता समूहों को ऋण मिलेगा और कितनी राशि?
झाबुआ जिले के 215 स्वयं-सहायता समूहों को MP राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ₹10.08 करोड़ के ऋण मिलेंगे। यह समग्र ₹300 करोड़ के राज्यव्यापी वितरण का हिस्सा है।
इस कार्यक्रम में कौन-सी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को फायदा होगा?
कार्यक्रम में डॉ. बी.आर. अंबेडकर कामधेनु योजना, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना, PM सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना और लाडली लक्ष्मी योजना के लाभार्थियों को सहायता दी जाएगी।
झाबुआ में CM यादव कितनी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे?
CM मोहन यादव ₹174.64 करोड़ की लागत वाली 29 नई परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और ₹109.17 करोड़ की 28 पूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इस प्रकार कुल 57 परियोजनाएँ इस एक कार्यक्रम में शामिल हैं।
थांदला के आजीविका मेले में क्या प्रदर्शित किया जाएगा?
आजीविका मेले में सरकारी विभागों और SHGs के स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनमें स्थानीय उत्पाद, आदिवासी हस्तशिल्प, प्राकृतिक व जैविक खेती की विधियाँ, औषधीय पौधे और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित होगी।
राष्ट्र प्रेस
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