मोतिहारी में 125 वांछित अपराधियों पर ₹6.54 लाख का इनाम, सात दिन में सरेंडर करें या होगी कुर्की
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले (मोतिहारी) में पुलिस ने 31 अक्टूबर 2026 को एक बड़े अभियान के तहत विभिन्न आपराधिक मामलों में फरार और वांछित चल रहे 125 आरोपियों पर कुल ₹6 लाख 54 हजार का इनाम घोषित किया है। इन अपराधियों को सात दिनों के भीतर संबंधित न्यायालय में आत्मसमर्पण करने की मोहलत दी गई है, अन्यथा कुर्की-जब्ती सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किन मामलों में हैं आरोपी
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इन 125 वांछित आरोपियों पर लूट, डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट, शराब तस्करी, एनडीपीएस एक्ट, अपहरण, बलात्कार, रंगदारी और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्तता के आरोप हैं। सर्वाधिक 32 आरोपी शराब से जुड़े मामलों में, 19 आरोपी हत्या के, 15 आरोपी आर्म्स एक्ट के और 14 आरोपी लूट के मामलों में वांछित हैं।
इनके अलावा एनडीपीएस एक्ट के 10, हत्या के प्रयास के 6, अपहरण के 5, विस्फोटक पदार्थ से जुड़े 4, बलात्कार के 4 और दहेज हत्या के 4 आरोपी सूची में शामिल हैं। डकैती के 3, चोरी के 2 तथा सरकारी राशि के गबन के 2 आरोपी भी इस सूची का हिस्सा हैं। गृहभेदन, खाद तस्करी, न्यायिक हिरासत से फरार होने, रंगदारी और जातीय अथवा धार्मिक उन्माद फैलाने के एक-एक आरोपी पर भी इनाम घोषित किया गया है।
इनाम की राशि और सूची का विवरण
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर जारी सूची में सभी 125 वांछित अपराधियों के नाम, आपराधिक इतिहास, संबंधित थाने में दर्ज कांड संख्या, कांड की तिथि और घोषित इनाम की राशि का उल्लेख किया गया है। इनाम की राशि ₹2,000 से लेकर ₹25,000 तक रखी गई है। पाँच अपराधियों पर सर्वाधिक ₹25,000-₹25,000 का इनाम है, जबकि कुछ पर ₹15,000, ₹12,000 और अन्य पर ₹2,000 तक का इनाम घोषित किया गया है।
एसपी की चेतावनी और अपील
एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट किया कि जिले में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई निरंतर जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनाम घोषित करने का उद्देश्य अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करना और आम नागरिकों की भागीदारी से पुलिस कार्रवाई को और अधिक प्रभावी बनाना है।
एसपी ने यह भी बताया कि अपराधियों के संबंध में विश्वसनीय सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और सूचना के आधार पर इनाम की राशि दी जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सूची में शामिल किसी भी आरोपी की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक के मोबाइल नंबर पर सूचित करें।
सरेंडर न करने पर कार्रवाई
पुलिस ने सभी वांछित आरोपियों को सात दिनों के भीतर संबंधित न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करने पर उनके विरुद्ध कुर्की-जब्ती सहित अन्य कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम ऐसे समय में आया है जब बिहार में अपराध नियंत्रण के लिए राज्य पुलिस लगातार दबाव में है और जिला स्तर पर विशेष अभियान तेज किए जा रहे हैं।