मोजाम्बिक के परिवहन मंत्री ने दिल्ली मेट्रो का दौरा किया, भारत-मोजाम्बिक द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
मोजाम्बिक के परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स मंत्री जाओ जॉर्ज मातलोम्बे ने बुधवार, 8 सितंबर को नई दिल्ली में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की अकादमी और संग्रहालय का दौरा किया। इस दौरे में उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल था, जिसने DMRC की अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और क्षमता निर्माण व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया।
डीएमआरसी अकादमी में स्वागत और प्रशिक्षण सुविधाओं का अवलोकन
DMRC अकादमी में मोजाम्बिक के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत DMRC के प्रबंध निदेशक डॉ. विकास कुमार और डीएमआईएल (DMIL) के सीईओ संजय जमुआर ने किया। अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को DMRC द्वारा संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने DMRC और DMIL पर आधारित डॉक्यूमेंट्री देखी और अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इनमें एक्सटेंडेड रियलिटी लैब, मेट्रो सिग्नलिंग मॉडल रूम, बोगी ब्रेक्स न्यूमैटिक सिम्युलेटर और आरएस-2 ड्राइविंग सिम्युलेटर प्रमुख रूप से शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन स्थित दिल्ली मेट्रो संग्रहालय का भी अवलोकन किया, जहाँ उन्हें दिल्ली मेट्रो नेटवर्क के ऐतिहासिक विकास और प्रमुख उपलब्धियों से अवगत कराया गया।
समुद्री क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा
दिल्ली प्रवास के दौरान मंत्री जाओ जॉर्ज मातलोम्बे ने केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर से भी मुलाकात की। इस बैठक में भारत और मोजाम्बिक के बीच समुद्री क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
दोनों नेताओं ने बंदरगाह विकास, शिपिंग एवं लॉजिस्टिक्स, तटीय नौवहन, नाविकों के प्रशिक्षण, जहाज निर्माण एवं मरम्मत, एलएनजी और हरित ईंधन बंकरिंग, समुद्री संपर्क तथा क्षमता निर्माण जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर गहन चर्चा की। इसके अतिरिक्त, हाइड्रोग्राफी, समुद्री लॉजिस्टिक्स, खोज एवं बचाव अभियान, सुरक्षित नौवहन और तेल रिसाव नियंत्रण जैसे विशेष क्षेत्रों में भी साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया गया।
दोनों देशों ने एक सुरक्षित, जुड़े हुए और समृद्ध हिंद महासागर क्षेत्र के निर्माण के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
विमानन क्षेत्र में सहयोग पर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से भेंट
मोजाम्बिक के मंत्री ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु से भी भेंट की। नायडू ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच यह वार्ता सकारात्मक और सार्थक रही।
बैठक में मोजाम्बिक में भारतीय निवेश और कारोबारी गतिविधियों की बढ़ती उपस्थिति को ध्यान में रखते हुए दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क मजबूत करने के मुद्दे पर विशेष चर्चा हुई। नायडू ने कहा कि भारत हमेशा मोजाम्बिक के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए तत्पर रहा है और भविष्य में विमानन क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच संवाद जारी रहेगा।
द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा
गौरतलब है कि भारत और मोजाम्बिक के बीच ऐतिहासिक रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में घनिष्ठ संबंध रहे हैं, और यह दौरा उस रणनीतिक साझेदारी को परिवहन, समुद्री तथा विमानन क्षेत्रों में ठोस आकार देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी कनेक्टिविटी और निवेश साझेदारी को व्यापक रूप से विस्तारित करने में जुटा है।
परिवहन, लॉजिस्टिक्स, समुद्री और विमानन क्षेत्रों में हुई ये उच्चस्तरीय बैठकें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को नई गति और दिशा प्रदान करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। आगामी समय में इन चर्चाओं के ठोस परिणामों की प्रतीक्षा रहेगी।