29 सितंबर 2026
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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ₹24,500 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी, दमोह-कटनी हाईवे और मेडिकल कॉलेजों को बड़ा बजट

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मध्य प्रदेश कैबिनेट ने ₹24,500 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी, दमोह-कटनी हाईवे और मेडिकल कॉलेजों को बड़ा बजट

सारांश

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 29 सितंबर को ₹24,500 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर किए — दमोह-कटनी हाईवे, दो मेडिकल कॉलेजों का विस्तार और 58 लाख छात्रों के लिए यूनिफॉर्म। 22 सितंबर के ₹13,790 करोड़ पैकेज के बाद यह एक हफ्ते में दूसरा बड़ा आवंटन है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में ₹24,500 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
105 किलोमीटर लंबी दमोह-कटनी सड़क परियोजना को ₹4,470 करोड़ की लागत से स्वीकृति — बुंदेलखंड की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
सिंगरौली मेडिकल कॉलेज को ₹372 करोड़ का संशोधित बजट; 150 नई एमबीबीएस सीटें सृजित होंगी।
छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की लागत ₹768 करोड़ से बढ़ाकर ₹953 करोड़ की गई।
कक्षा 1 से 8 के 58 लाख विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्कूल यूनिफॉर्म मिलेगी।
22 सितंबर की बैठक में भी ₹13,790 करोड़ के प्रस्ताव मंजूर हुए थे — एक सप्ताह में कुल आवंटन ₹38,000 करोड़ से अधिक।

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को भोपाल में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में करीब ₹24,500 करोड़ के विकास प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। इस पैकेज में नई परियोजनाएं, चालू योजनाएं और संशोधित लागत अनुमान — तीनों शामिल हैं। यह बैठक राज्य में आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा के एक साथ विस्तार की दृष्टि से उल्लेखनीय मानी जा रही है।

दमोह-कटनी राजमार्ग: बुंदेलखंड को मिलेगी नई कनेक्टिविटी

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय 105 किलोमीटर लंबी दमोह-कटनी सड़क परियोजना को ₹4,470 करोड़ की लागत से स्वीकृति देना रहा। यह राजमार्ग बुंदेलखंड क्षेत्र और आसपास के इलाकों की आपसी कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। गौरतलब है कि यह परियोजना सत्तारूढ़ दल के चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा थी, जिसे अब मूर्त रूप दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र: दो मेडिकल कॉलेजों को बढ़ा बजट

स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के मोर्चे पर कैबिनेट ने सिंगरौली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए ₹372 करोड़ के संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दी। इस विस्तार से अस्पताल की बेड क्षमता में वृद्धि होगी और मौजूदा 150 एमबीबीएस सीटों के अतिरिक्त 150 नई सीटें सृजित की जाएंगी।

इसी क्रम में, छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की संशोधित परियोजना लागत को भी स्वीकृति दी गई। इस संस्थान की अनुमानित लागत ₹768 करोड़ से बढ़ाकर ₹953 करोड़ कर दी गई है। अतिरिक्त आवंटन से परियोजना की शेष जरूरतें पूरी होंगी और इसके शीघ्र पूर्ण होने का मार्ग प्रशस्त होगा।

शिक्षा क्षेत्र: 58 लाख विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली यूनिफॉर्म

कैबिनेट ने यह भी तय किया कि कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। पहले की यूनिफॉर्म वितरण योजना को बेहतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उन्नत किया गया है। यह कदम सरकारी स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति को प्रोत्साहित करने की व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।

प्रशासनिक सुधार: 900 अनुकंपा नियुक्तियाँ पूरी

एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तहत स्कूल शिक्षा विभाग ने विशेष अभियान चलाकर लंबे समय से लंबित करीब 900 अनुकंपा नियुक्तियों को पूरा किया है। कैबिनेट ने अन्य सभी विभागों को भी ऐसे लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने के निर्देश दिए हैं, जो प्रशासनिक पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

पिछली बैठक से तुलना और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब 22 सितंबर को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में भी राज्य में बुनियादी ढांचे, कृषि विस्तार और प्रशासनिक मजबूती के लिए करीब ₹13,790 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इस प्रकार एक सप्ताह से कम समय में मध्य प्रदेश सरकार ने कुल मिलाकर ₹38,000 करोड़ से अधिक के विकास प्रस्तावों को अनुमति दी है। इन निर्णयों का क्रियान्वयन राज्य की विकास गति को निर्धारित करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की मंजूरी राजनीतिक दृष्टि से महत्वाकांक्षी है, लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है — मध्य प्रदेश में बड़े बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं अतीत में लागत-वृद्धि और देरी का शिकार रही हैं, जैसा कि छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज की ₹768 करोड़ से ₹953 करोड़ तक की संशोधित लागत खुद दर्शाती है। दमोह-कटनी हाईवे चुनावी वादे से सरकारी फाइल तक तो पहुंच गया, पर बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्र में ठेकेदार-क्षमता और भूमि अधिग्रहण की चुनौतियाँ बड़ी बाधाएं बन सकती हैं। 58 लाख छात्रों की यूनिफॉर्म योजना जनकल्याण की दृष्टि से सराहनीय है, परंतु गुणवत्ता-सत्यापन तंत्र के बिना यह भी पिछली वितरण योजनाओं की राह पर जा सकती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने 29 सितंबर को कितने रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में करीब ₹24,500 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस पैकेज में नई परियोजनाएं, चालू योजनाएं और संशोधित लागत अनुमान शामिल हैं।
दमोह-कटनी सड़क परियोजना क्या है और इसकी लागत कितनी है?
दमोह-कटनी सड़क परियोजना 105 किलोमीटर लंबी है और इसे ₹4,470 करोड़ की लागत से मंजूरी दी गई है। यह राजमार्ग बुंदेलखंड क्षेत्र और आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा और सत्तारूढ़ दल के चुनावी घोषणापत्र का हिस्सा था।
सिंगरौली मेडिकल कॉलेज के विस्तार से क्या बदलेगा?
सिंगरौली मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए ₹372 करोड़ के संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दी गई है। इससे अस्पताल की बेड क्षमता बढ़ेगी और मौजूदा 150 एमबीबीएस सीटों के अतिरिक्त 150 नई सीटें सृजित होंगी।
MP कैबिनेट के स्कूल यूनिफॉर्म फैसले से कितने छात्रों को फायदा होगा?
कक्षा 1 से 8 तक के 58 लाख विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाली स्कूल यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। पहले की यूनिफॉर्म वितरण योजना को बेहतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उन्नत किया गया है।
22 सितंबर की कैबिनेट बैठक से इस बैठक का क्या संबंध है?
22 सितंबर को भी मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में ₹13,790 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इस प्रकार एक सप्ताह से कम समय में मध्य प्रदेश सरकार ने कुल ₹38,000 करोड़ से अधिक के विकास प्रस्तावों को अनुमति दी है।
राष्ट्र प्रेस
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