27 अक्टूबर 2026
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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹3,378 करोड़ की 4 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, किसानों पर फोकस

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मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹3,378 करोड़ की 4 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी, किसानों पर फोकस

सारांश

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने एक ही बैठक में ₹3,378 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं से लेकर ईओडब्ल्यू सुदृढ़ीकरण और दिव्यांगजन कल्याण तक के फैसले लिए — लेकिन असली परीक्षा 12 सूखा-प्रभावित जिलों में किसानों को समयबद्ध राहत देने की होगी।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में ₹3,378 करोड़ की 4 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई।
ये परियोजनाएँ छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों में क्रियान्वित होंगी।
करीब 12 जिलों में वर्षा 80% से कम ; सूखे की घोषणा के लिए जिलेवार आकलन जारी।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को मजबूत करने के लिए ₹345 करोड़ स्वीकृत; 201 प्रकरणों में 392 लोगों पर कार्रवाई।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की सात योजनाओं के लिए ₹651 करोड़ मंजूर।
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर से तीन दिन मनाया जाएगा; 21-22 दिसंबर को सेवा चिंतन शिविर प्रस्तावित।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर 2026 को भोपाल में हुई कैबिनेट बैठक में किसान कल्याण, सामाजिक न्याय, शिक्षा, भ्रष्टाचार नियंत्रण और बुनियादी ढाँचे से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में नर्मदा घाटी विकास की चार सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता को स्वीकृति दी गई, जिन पर कुल ₹3,378 करोड़ व्यय किए जाएंगे। ये परियोजनाएँ छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों से संबंधित हैं।

सिंचाई परियोजनाओं का विवरण

बैठक के बाद एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप ने जानकारी दी कि नर्मदा घाटी विकास के अंतर्गत वर्ष 2019-20 से संचालित इन चार योजनाओं को आगे जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया गया है। ₹3,378 करोड़ की यह स्वीकृति प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों को जल-संसाधनों तक बेहतर पहुँच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गौरतलब है कि ये चारों जिले कृषि उत्पादन की दृष्टि से मध्य प्रदेश के लिए रणनीतिक रूप से अहम हैं।

किसान कल्याण वर्ष और सूखे का आकलन

मंत्री कश्यप ने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने की तैयारियों पर कैबिनेट में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रदेश के करीब 12 जिलों में वर्षा का स्तर निर्धारित मापदंड के अनुसार 80 प्रतिशत से कम बताया जा रहा है। हालाँकि, सूखे की आधिकारिक घोषणा के लिए प्रभावित क्षेत्रफल की समीक्षा अभी जारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिले की स्थिति का पृथक आकलन किया जाए और उसी आधार पर किसानों को आवश्यक राहत सहायता उपलब्ध कराई जाए।

भ्रष्टाचार नियंत्रण और ईओडब्ल्यू को मजबूती

कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए ₹345 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। मंत्री कश्यप के अनुसार नगरीय निकायों से जुड़े मामलों में अब तक 201 प्रकरणों में 392 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। इन जाँचों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीक का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही वर्ष 2026-27 के लिए ₹2,050 करोड़ के वार्षिक योजना प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।

सामाजिक कल्याण, शिक्षा और अन्य निर्णय

बैठक में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की सात योजनाओं के लिए कुल ₹651 करोड़ स्वीकृत किए गए। निवाड़ी सहित चार नए जिलों में जिला शिक्षा कार्यालयों के संचालन को भी हरी झंडी दी गई। इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव से जुड़े प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। पश्चिमी क्षेत्र की बिजली पारेषण कंपनी का ट्रांसमिशन लॉस 2.6 प्रतिशत रहा, जिसके लिए उसे राष्ट्रीय पावर लाइन ट्रांसफर अवॉर्ड मिला। इसके अलावा पन्ना जिले के युवा अजय अहिरवार, जो आईटीआई में राष्ट्रीय ट्रेड की पढ़ाई कर रहे हैं, ने विश्व कौशल प्रतियोगिता में वेल्डिंग कौशल श्रेणी में भारत में प्रथम स्थान प्राप्त कर देश का प्रतिनिधित्व किया।

आगामी कार्यक्रम और मुख्यमंत्री की अपील

मंत्री कश्यप ने बताया कि मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर से तीन दिनों तक मनाया जाएगा। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। 21-22 दिसंबर को सेवा चिंतन शिविर आयोजित होगा, जिसमें मंत्री, सांसद और विधायक सरकार के तीन वर्षों के कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। दीपावली के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समस्त मंत्रियों से अपील की है कि वे अपने गृह एवं प्रभार जिलों में माटी कला को प्रोत्साहित करें और मिट्टी के दीपकों के उपयोग को बढ़ावा दें, जिससे ग्रामीण शिल्पकारों को आर्थिक लाभ मिल सके। आने वाले हफ्तों में इन निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

378 करोड़ की सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति उस समय आई है जब प्रदेश के 12 जिलों में वर्षा 80% से कम है और सूखे का आकलन अभी जारी है — यह संयोग नहीं, बल्कि राजनीतिक प्राथमिकता का संकेत है। लेकिन ये परियोजनाएँ 2019-20 से चल रही योजनाओं की निरंतरता हैं, नई शुरुआत नहीं — तो असली सवाल यह है कि इतने वर्षों में इनकी प्रगति कहाँ तक पहुँची और किसानों को वास्तविक लाभ कब मिला। ईओडब्ल्यू को ₹345 करोड़ देना और AI-आधारित जाँच का जिक्र प्रभावशाली लगता है, पर 392 कार्रवाइयों में से कितनों पर अभियोजन सफल हुआ, यह आँकड़ा सामने नहीं आया। किसान कल्याण वर्ष की घोषणा और सूखा राहत की जिलेवार समीक्षा — दोनों की विश्वसनीयता अगले कुछ हफ्तों में राहत के वितरण से तय होगी।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने कौन-सी 4 सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी?
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नर्मदा घाटी विकास की चार सिंचाई परियोजनाओं को ₹3,378 करोड़ की स्वीकृति दी गई। ये परियोजनाएँ छिंदवाड़ा, मुरैना, सागर और सिवनी जिलों से संबंधित हैं और वर्ष 2019-20 से संचालित हैं।
मध्य प्रदेश में सूखे की स्थिति क्या है?
प्रदेश के करीब 12 जिलों में वर्षा का स्तर निर्धारित मापदंड के अनुसार 80 प्रतिशत से कम बताया जा रहा है। हालाँकि सूखे की आधिकारिक घोषणा के लिए अभी प्रभावित क्षेत्रफल की जिलेवार समीक्षा जारी है और मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जिले का अलग-अलग आकलन करने के निर्देश दिए हैं।
ईओडब्ल्यू को मजबूत करने के लिए क्या फैसला हुआ?
कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए ₹345 करोड़ की स्वीकृति दी। नगरीय निकाय मामलों में अब तक 201 प्रकरणों में 392 लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है, जिनमें AI और नई तकनीक का उपयोग किया गया है।
दिव्यांगजन और सामाजिक कल्याण के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
कैबिनेट ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण की सात योजनाओं के लिए कुल ₹651 करोड़ स्वीकृत किए। साथ ही निवाड़ी सहित चार नए जिलों में जिला शिक्षा कार्यालयों के संचालन को भी मंजूरी दी गई।
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस और आगामी कार्यक्रम कब होंगे?
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस 1 नवंबर से तीन दिनों तक मनाया जाएगा। 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती, 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती और 21-22 दिसंबर को सेवा चिंतन शिविर आयोजित होगा।
राष्ट्र प्रेस
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